कनाडा

Women of Colour Hockey Collective: टोरंटो हॉकी कैंप में BIPOC महिलाओं को मिला खास मंच, आइस पर दिखा जज्बा

टोरंटो में इस सप्ताहांत 200 से ज्यादा युवा हॉकी खिलाड़ी बर्फ पर उतर रही हैं। यह खास आयोजन खेलों में रंगभेद और विविधता से जुड़े मुद्दों के बीच BIPOC लड़कियों और महिलाओं को हॉकी के क्षेत्र में अपनी पहचान और जगह महसूस कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

Women of Colour Hockey Collective (WCHC) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय Summer Camp टोरंटो के Ford Performance Centre में हो रहा है। इस कैंप का मकसद युवा खिलाड़ियों को यह भरोसा दिलाना है कि हॉकी के खेल में उनके लिए भी बराबर की जगह है।

WCHC की कार्यकारी निदेशक सरोया टिंकर ने कहा कि हॉकी को लंबे समय से BIPOC महिलाओं के लिए पूरी तरह सहज और स्वागतपूर्ण खेल नहीं माना जाता रहा है। ऐसे में संगठन का प्रयास एक ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां रंगभेद से प्रभावित समुदायों की महिलाएं और लड़कियां खुद को सुरक्षित और स्वीकार्य महसूस कर सकें।

कैंप की शुरुआत शुक्रवार को हुई। पहले दिन प्रत्येक प्रतिभागी के लिए आइस पर प्रोफेशनल फोटोशूट का आयोजन किया गया। इसके बाद खिलाड़ियों को Professional Women’s Hockey League (PWHL) की महिला हॉकी खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग करने का मौका मिला।

टिंकर के मुताबिक, इस कार्यक्रम का एक अहम उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अपनी असली पहचान के साथ आत्मविश्वास से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि अपने खेल के दिनों में उन्हें कई बार ऐसा महसूस होता था कि उन्हें स्वीकार किए जाने के लिए किसी और की तरह बनने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि वे बिना किसी झिझक के खुद हो सकती हैं और फिर भी हॉकी की दुनिया में उनका स्वागत है। WCHC का यह कैंप इसी सोच के साथ BIPOC लड़कियों को खेल से जोड़ने और उन्हें एक सकारात्मक मंच देने की कोशिश कर रहा है।

हॉकी में रंगभेद की चुनौतियों से लेकर नई पीढ़ी को प्रेरणा

PWHL की Vancouver Goldeneyes टीम की डिफेंडर सोफी जैक्स ने कहा कि बचपन में हॉकी खेलते हुए उन्हें कई बार अलगाव का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, अपनी टीम और अन्य जगहों पर अकेली BIPOC खिलाड़ी होना आसान अनुभव नहीं था।

जैक्स पिछले चार वर्षों से इस हॉकी कैंप से जुड़ी हुई हैं। उनका कहना है कि अगर उनके बचपन के दिनों में इस तरह का कैंप मौजूद होता, तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती थी।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कैंप में शामिल लड़कियों को खिलाड़ियों के रूप में आगे बढ़ते देखना बेहद खास अनुभव रहा है। उनके मुताबिक, कुछ प्रतिभागियों ने सोशल मीडिया से जुड़कर योगदान दिया, जबकि कुछ अब आइस पर कोच की भूमिका निभा रही हैं।

Seattle Torrent की फॉरवर्ड मिकायला ग्रांट-मेंटिस के लिए भी यह कैंप हॉकी को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। उनका मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए लड़कियों और महिलाओं को यह दिखाने का मौका मिलता है कि वे खेल की दुनिया में कितनी दूर तक आगे बढ़ सकती हैं।

कैंप से जुड़ी खिलाड़ियों का कहना है कि हॉकी में महिलाओं और BIPOC समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसे मंच बेहद जरूरी हैं। इससे युवा खिलाड़ियों को न सिर्फ खेल में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास मिलता है, बल्कि उन्हें अपने जैसे लोगों के बीच एक मजबूत और सकारात्मक समुदाय का हिस्सा बनने का अवसर भी मिलता है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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