कनाडा

कनाडा में प्रदर्शन कर रहे भारतीय छात्रों से कहा गया ‘घर चले जाओ’, भूख हड़ताल पर डटे छात्र

📷 IMAGE CREDIT : CNN

कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP)को लेकर भारतीय छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। अल्बर्टा प्रांत के कैलगेरी स्थित पोर्टेज कॉलेज के बाहर बड़ी संख्या में छात्र धरने पर बैठे हैं। इनमें से कुछ छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उन्होंने कनाडा में पढ़ाई पूरी की है, इसलिए उन्हें नियमों के अनुसार पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट दिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने करीब 1,000 अंतरराष्ट्रीय छात्रों के PGWP आवेदन खारिज कर दिए हैं, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय छात्रों की भी है।

छात्रों का कहना है कि वर्क परमिट नहीं मिलने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे कनाडा में काम का अनुभव हासिल करना चाहते थे, लेकिन परमिट रद्द होने से उनका करियर और आगे की योजनाएं प्रभावित हो गई हैं।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे थे और उम्मीद कर रहे थे कि संबंधित अधिकारी उनकी बात सुनेंगे। हालांकि, जब कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो उन्होंने विरोध को और तेज करते हुए 24 घंटे का धरना शुरू कर दिया। इसी क्रम में 5 से 6 छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

फिलहाल पोर्टेज कॉलेज के बाहर करीब 1,000 छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

विदेशी छात्रों के प्रदर्शन पर बोले PM मार्क कार्नी

कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) को लेकर जारी विदेशी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को उम्मीद थी कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देगी, लेकिन प्रधानमंत्री के बयान ने कई छात्रों को निराश किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से पूछा गया कि क्या उन्हें विदेशी छात्रों के प्रदर्शन और भूख हड़ताल की जानकारी है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।

इसके बाद उन्होंने कहा कि जिन विदेशी छात्रों के पास कनाडा में रहने या काम करने की वैध अनुमति (Authorization) नहीं है, उन्हें निर्धारित इमिग्रेशन प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे मामलों का समाधान तय नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पास देश में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है, उन्हें संबंधित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों में नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि वे लंबे समय से सरकार से अपनी मांगों पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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