ओटावा: कनाडा ने इबोला वायरस से बचाव की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए Moderna की mRNA आधारित इबोला वैक्सीन के फेज-1 क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ कनाडा, यूके के बाद दूसरा देश बन गया है जिसने इस वैक्सीन उम्मीदवार के शुरुआती मानव परीक्षण की अनुमति दी है।
यह वैक्सीन बुंडीबुग्यो (Bundibugyo)स्ट्रेन को लक्ष्य बनाकर तैयार की गई है, जो इस समय डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में तेजी से फैल रहे इबोला प्रकोप के लिए जिम्मेदार है। फिलहाल इस स्ट्रेन के लिए दुनिया में कोई स्वीकृत वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है।
कैसे होगा क्लीनिकल ट्रायल?
Health Canada के अनुसार, फेज-1 ट्रायल में शामिल स्वयंसेवकों को केवल वैक्सीन की एक खुराक दी जाएगी। इस दौरान वैज्ञानिक यह जांचेंगे कि वैक्सीन लेने के बाद शरीर में बुंडीबुग्यो वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनती हैं या नहीं।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण के दौरान प्रतिभागियों को **इबोला वायरस का संक्रमण नहीं दिया जाएगा। यदि शुरुआती परीक्षण सफल रहता है, तो Moderna को आगे के क्लीनिकल ट्रायल पूरे करने होंगे। इसके बाद ही कंपनी कनाडा में वैक्सीन को मंजूरी दिलाने के लिए आवेदन कर सकेगी।
कांगो में लगातार बढ़ रहा संक्रमण
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी कांगो के इतुरी प्रांत में इबोला का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। अब तक 3,802 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 1,707 लोगों की मौत हो चुकी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई को इस प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।
कनाडा ने बढ़ाई सहायता और सख्त किए नियम
कनाडा सरकार पहले ही इस प्रकोप से निपटने के लिए 80 लाख कनाडाई डॉलर (8 मिलियन CAD) की अंतरराष्ट्रीय सहायता देने की घोषणा कर चुकी है।
इसके अलावा,27 मई से इबोला प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के लिए 21 दिन का सेल्फ-आइसोलेशन अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, दक्षिण सूडान और युगांडा से आने वाले कुछ आव्रजन आवेदनों पर 29 अगस्त तक अस्थायी रोक लगाई गई है।
एयरपोर्ट पर हो रही विशेष जांच
सरकार के मुताबिक, इबोला प्रभावित देशों से आने वाले सभी यात्रियों की कनाडा के प्रवेश बिंदुओं पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है। यदि किसी यात्री में संक्रमण जैसे लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे तुरंत अस्पताल भेजा जाता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हर सप्ताह औसतन 350 यात्री इन प्रभावित देशों से कनाडा पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश यात्री टोरंटो, मॉन्ट्रियल और वैंकूवर हवाई अड्डों पर उतरते हैं। इनमें लगभग 60 प्रतिशत कनाडाई नागरिक या स्थायी निवासी होते हैं, जबकि शेष 40 प्रतिशत विदेशी नागरिक होते हैं।
फिलहाल कनाडा में इबोला का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन सरकार संभावित जोखिम को देखते हुए एहतियाती कदम लगातार बढ़ा रही है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

