Extremist Plots Targeting Jewish Sites: कनाडाई अधिकारियों ने 2023 में इजरायल-हमास संघर्ष शुरू होने के बाद से यहूदी समुदाय और उससे जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की चार कथित हिंसक चरमपंथी साजिशों को नाकाम किया है। Global News के हाथ लगी एक खुफिया रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में यहूदी समुदाय के खिलाफ भविष्य में भी खतरे बने रहने की आशंका जताई गई है।
संघीय सरकार के Integrated Threat Assessment Centre की 29 जून की रिपोर्ट के अनुसार, इन चारों कथित साजिशों के पीछे इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरणा मिलने की बात सामने आई। इसके अलावा, एक पांचवें मामले में ऐसे कनाडाई व्यक्ति को रोकने का जिक्र है, जो इजरायल गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक इस तरह की कोई नई साजिश सामने नहीं आई है। हालांकि, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान में हवाई हमले शुरू होने के बाद कनाडा में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी 2026 में ईरान से जुड़े संघर्ष की शुरुआत के बाद से कनाडा में यहूदी समुदाय के खिलाफ उत्पीड़न, धमकी भरी बयानबाजी और आपराधिक घटनाओं में इजाफा हुआ है। इनमें हमले, आगजनी और गोलीबारी जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। इन घटनाओं का असर खास तौर पर ग्रेटर टोरंटो एरिया में देखने को मिला है।
खुफिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ घटनाएं आतंकवाद की कानूनी ‘सीमा’ तक नहीं पहुंचीं, लेकिन कई मामलों में जांच अभी जारी है। इसके बावजूद, ऐसी प्रत्येक घटना यहूदी समुदाय के बीच असुरक्षा और डर की भावना को बढ़ा रही है।
‘Unclassified/Official Use Only’ के तौर पर चिह्नित रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कनाडा और पश्चिमी देशों में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाले हिंसक चरमपंथी और आपराधिक खतरे अगले छह महीनों में भी लगातार बने रहने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से जुड़े समूह भी कनाडा और पश्चिमी देशों में यहूदी समुदाय के साथ-साथ अमेरिकी और इजरायली हितों को निशाना बनाकर धमकियां देना जारी रख सकते हैं।
खुफिया एजेंसी ने यह भी चेतावनी दी कि समस्या केवल हिंसक घटनाओं तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहूदी विरोधी घटनाएं और नफरत इतनी आम हो जाएं कि उन्हें सामान्य मान लिया जाए, तो इससे हिंसा का खतरा और बढ़ सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय तक यहूदी समुदाय को एक समूह के रूप में निशाना बनाने वाली घटनाओं का बार-बार होना और उनका सामान्य होते जाना कुछ संवेदनशील लोगों को हिंसक चरमपंथ की ओर जाने के लिए प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अधिकारियों ने यहूदी समुदाय के खिलाफ बढ़ते खतरे और नफरत की घटनाओं पर लगातार नजर रखने की जरूरत पर जोर दिया है।
कनाडा ने नहीं बढ़ाया आतंकवाद अलर्ट स्तर
रिपोर्ट में माना गया कि कुछ सुरक्षा खतरों की स्थिति पहले की तुलना में गंभीर हुई है, खासकर यहूदी समुदाय के खिलाफ। हालांकि, आकलन के बाद अधिकारियों ने देश के मौजूदा आतंकवादी खतरे के स्तर को बढ़ाने का फैसला नहीं किया।
कनाडा में राष्ट्रीय आतंकवादी खतरे का स्तर फिलहाल ‘मीडियम’ यानी मध्यम रखा गया है। इस स्तर का मतलब है कि देश में आतंकवादी हमले की संभावना को ‘वास्तविक’ माना जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा में आतंकवादी हमलों की संख्या फिलहाल स्थिर बनी हुई है। देश में हर साल औसतन एक से तीन हमले दर्ज किए जाते हैं।
खुफिया आकलन में कहा गया है कि हालांकि आतंकवाद से जुड़े खतरे बढ़े हैं, लेकिन इसके साथ हिंसक चरमपंथी संगठनों की वास्तविक क्षमता में कोई स्पष्ट बढ़ोतरी या हमलों की संख्या में समान वृद्धि देखने को नहीं मिली है।
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि मौजूदा परिस्थितियों में खतरे के स्तर को बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। हालांकि, यहूदी समुदाय के खिलाफ बढ़ते सुरक्षा जोखिम को देखते हुए स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने की जरूरत बताई गई है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.
