कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी सितंबर में दो दिनों तक चलने वाले एक बड़े निवेश सम्मेलन के जरिए देश से पिछले एक दशक में बाहर गई विदेशी पूंजी को वापस आकर्षित करने की कोशिश करेंगे। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में करीब 1 ट्रिलियन डॉलर के निवेश को कनाडा की अर्थव्यवस्था में वापस लाना है।
कार्नी इस कार्यक्रम को ‘कनाडा इन्वेस्टमेंट समिट’ के नाम से आयोजित कर रहे हैं। इसमें दुनियाभर के कारोबारी नेताओं, बड़ी कंपनियों के सीईओ और संस्थागत निवेशकों के शामिल होने की उम्मीद है। सरकार इस सम्मेलन के जरिए कनाडा को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक बाजार के रूप में पेश करना चाहती है।
अगर यह योजना सफल होती है, तो इसे कनाडा के निवेश परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव माना जाएगा। रॉयल बैंक ऑफ कनाडा की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब नौ वर्षों की अवधि में कनाडा की अर्थव्यवस्था में निवेश किए गए हर एक डॉलर के मुकाबले लगभग दो डॉलर बाहर चले गए। रिपोर्ट में इस पूंजी बहिर्गमन का कुल मूल्य करीब 1 ट्रिलियन डॉलर बताया गया है।
रिपोर्ट में इस अवधि को मोटे तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल से जोड़कर देखा गया है। ऐसे में कार्नी सरकार के लिए विदेशी निवेश को वापस आकर्षित करना आर्थिक रणनीति के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिजनेस काउंसिल ऑफ कनाडा के वाइस प्रेसिडेंट मार्क डेसोर्मो ने Global News से बातचीत में कहा कि यह लक्ष्य महत्वाकांक्षी और चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन कनाडा में निवेश को लेकर कारोबारी समुदाय में पहले की तुलना में उत्साह दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री कार्नी के नेतृत्व में पिछले करीब डेढ़ साल से कनाडा को कारोबार और निवेश के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार ने राष्ट्रीय महत्व की बड़ी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मेजर प्रोजेक्ट्स ऑफिस (MPO) बनाया है।
इसके अलावा, सरकार नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाने, नए अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक साझेदार तलाशने और निवेश से जुड़ी बाधाओं को कम करने की दिशा में भी कदम उठा रही है। इन पहलों का उद्देश्य घरेलू और विदेशी कंपनियों को कनाडा में अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है।
राजनीतिक तौर पर कार्नी की यह रणनीति लिबरल पार्टी के लिए एक नए आर्थिक दृष्टिकोण का संकेत भी मानी जा रही है। इसे ट्रूडो सरकार की नीतियों से अलग दिशा में बढ़ने या 1990 और 2000 के शुरुआती वर्षों की ‘बिजनेस लिबरल’ छवि की ओर लौटने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, आर्थिक स्तर पर इस रणनीति की सफलता को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कनाडा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 2025 में 96.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो 2007 के बाद देश में विदेशी पूंजी का सबसे बड़ा वार्षिक प्रवाह था।
फिर भी, इस बढ़ोतरी में कार्नी सरकार की नीतियों का कितना योगदान है और कितना असर कनाडा को निवेश के लिए ‘ओपन फॉर बिजनेस’ के रूप में पेश किए जाने से पड़ा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
सितंबर में होने वाला निवेश सम्मेलन ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है जब कनाडा सरकार अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, नए निवेश आकर्षित करने और देश से बाहर जा रही पूंजी के रुझान को पलटने की कोशिश कर रही है। सम्मेलन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार वैश्विक निवेशकों को कनाडा में लंबे समय तक पूंजी लगाने के लिए कितना भरोसा दिला पाती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ जारी व्यापारिक तनाव के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंध मजबूत करने की कोशिश तेज कर दी है। इस दिशा में उनकी सरकार को चीन और भारत जैसे बड़े बाजारों के साथ बातचीत में कुछ प्रगति मिली है।
कार्नी ने इसके अलावा कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे गैर-पारंपरिक व्यापारिक साझेदारों के साथ भी कनाडा के आर्थिक संबंधों को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
कनाडा सरकार यूरोपीय संघ के साथ भी अपने व्यापारिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दे रही है। हाल ही में फ्रांस में आयोजित G7 बैठक के दौरान कार्नी की यात्रा में कनाडाई कंपनियों और जर्मनी, जापान, इटली, डेनमार्क, नीदरलैंड्स, फ्रांस और पुर्तगाल की कंपनियों के बीच करीब 5 अरब डॉलर की साझेदारियों को प्रमुखता मिली।
अब सितंबर में टोरंटो में होने वाला कनाडा इन्वेस्टमेंट समिट सरकार की निवेश रणनीति की अगली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भागीदारी यह संकेत दे सकती है कि वैश्विक कारोबारी समुदाय कनाडा को निवेश के लिहाज से किस नजर से देख रहा है।
हालांकि, सम्मेलन शुरू होने में दो महीने से भी कम समय बचा है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कार्नी के निमंत्रण को कितने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने स्वीकार किया है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के एक प्रवक्ता ने Global News को बताया कि सरकार फिलहाल पुष्टि किए गए प्रतिभागियों की संख्या साझा नहीं कर सकती। हालांकि, उन्होंने कहा कि सम्मेलन को लेकर निवेशकों में ‘मजबूत रुचि’ है और सिद्धू लगातार अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ संपर्क में हैं।
सरकार का निवेश और आर्थिक विकास पर बढ़ता जोर ऐसे समय में सामने आया है जब कनाडाई मतदाताओं के लिए महंगाई और जीवन-यापन की लागत सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।
इस महीने Abacus Data के ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, 64 फीसदी कनाडाई लोगों ने जीवन-यापन की बढ़ती लागत को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया। यह सर्वेक्षण 9 से 16 जुलाई के बीच ऑनलाइन 4,205 कनाडाई नागरिकों के बीच किया गया था।
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि प्रधानमंत्री कार्नी की लिबरल पार्टी को विपक्षी नेता पियरे पोइलिवेयर की कंजर्वेटिव पार्टी पर सात प्रतिशत अंकों की बढ़त हासिल है।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि लिबरल सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं में बदलाव का फिलहाल उसके राजनीतिक समर्थन पर कोई स्पष्ट नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। कार्नी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के दौर की कुछ नीतिगत प्राथमिकताओं से अलग रुख अपनाते हुए आर्थिक विकास और निवेश को अधिक महत्व दिया है।
राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिन मतदाताओं ने ट्रूडो सरकार के पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कदमों का समर्थन किया था, उनमें से कई अब कार्नी सरकार की उन नीतियों का भी समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं, जिनमें अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ के साथ पाइपलाइन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
सितंबर का निवेश सम्मेलन अब कार्नी सरकार के लिए केवल विदेशी पूंजी आकर्षित करने का मंच नहीं, बल्कि यह परखने का अवसर भी होगा कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक कनाडा की नई आर्थिक दिशा और सरकार की कारोबारी नीतियों पर कितना भरोसा करते हैं।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

