कनाडा सरकार ने C20 छूट (Reciprocal Employment Work Permit) के तहत जारी किए जाने वाले वर्क परमिट के पात्रता नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के लागू होने के बाद भारतीयों समेत विदेशी कर्मचारियों के लिए इस श्रेणी के वर्क परमिट की पात्रता हासिल करना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो जाएगा।
इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने 29 जुलाई 2026 को संशोधित गाइडलाइंस जारी करते हुए स्पष्ट किया कि C20 वर्क परमिट के लिए अब केवल वही आवेदक पात्र होंगे, जो कनाडा आने से पहले उसी कंपनी में विदेश में कार्यरत हों, जहां उन्हें कनाडा में भी काम करना है।
सरल शब्दों में कहें तो यदि कोई विदेशी कर्मचारी कनाडा में जिस कंपनी में नौकरी करने जा रहा है, उसमें उसने पहले कनाडा के बाहर काम नहीं किया है और उसकी नौकरी कनाडा पहुंचने के बाद शुरू होनी है, तो वह अब C20 छूट के तहत वर्क परमिट के लिए पात्र नहीं माना जाएगा।
IRCC की अपडेटेड गाइडलाइंस के अनुसार, जिन विदेशी कर्मचारियों का रोजगार संबंध केवल कनाडा पहुंचने के बाद शुरू होता है, वे अब Reciprocal Employment (C20) श्रेणी के तहत वर्क परमिट के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। इस बदलाव का असर भारतीयों सहित उन सभी विदेशी पेशेवरों पर पड़ सकता है, जो इस विशेष श्रेणी के तहत कनाडा में काम करने की योजना बना रहे हैं।
वर्क परमिट नियमों में क्या बदलाव हुआ?
IRCC की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, Reciprocal Employment (C20) Work Permit अब केवल उन विदेशी कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्हें कनाडा आने से पहले ही उसी कंपनी ने विदेश में नियुक्त किया हो, जहां वे कनाडा में काम करने वाले हैं। पहले की गाइडलाइंस में ऐसी कोई अनिवार्य शर्त नहीं थी।
इमिग्रेशन विभाग का कहना है कि जो कर्मचारी कनाडा पहुंचने के बाद किसी कंपनी में नौकरी शुरू करते हैं, वे विदेशी कर्मचारी और कनाडाई नियोक्ता के बीच ज्ञान (Knowledge) और अनुभव (Experience) के आदान-प्रदान के उद्देश्य को पूरा नहीं करते। यही पारस्परिक रोजगार (Reciprocal Employment) कार्यक्रम का प्रमुख आधार है। इसी वजह से पात्रता नियमों में यह बदलाव किया गया है।
C20 वर्क परमिट क्या है?
C20 श्रेणी के तहत पात्र विदेशी कर्मचारियों को लेबर मार्केट इम्पैक्ट असेसमेंट (LMIA) के बिना वर्क परमिट जारी किया जाता है। सामान्य तौर पर कनाडा में किसी विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से पहले नियोक्ता को LMIA प्राप्त करना होता है, जिससे यह साबित होता है कि उस पद के लिए कोई उपयुक्त कनाडाई नागरिक या स्थायी निवासी उपलब्ध नहीं है।
यह वर्क परमिट Immigration and Refugee Protection Regulations (IRPR) की धारा R205(b) के तहत जारी किया जाता है। इसका उद्देश्य ऐसे रोजगार को बढ़ावा देना है, जिससे कनाडाई नागरिकों और स्थायी निवासियों के लिए अन्य देशों में भी समान रोजगार के अवसर उपलब्ध हों या बने रहें।
IRCC के अनुसार, पारस्परिकता (Reciprocity) का मतलब केवल दो देशों के बीच समझौता होना नहीं है। उदाहरण के लिए, कोई बहुराष्ट्रीय (Multinational) कंपनी यह दिखा सकती है कि वह दुनिया भर में अपने कार्यालयों में कनाडाई कर्मचारियों को भी समान अवसर प्रदान करती है।
नए नियम से किन लोगों पर पड़ेगा असर?
C20 छूट का सबसे अधिक उपयोग बहुराष्ट्रीय कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी संगठनों और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा किया जाता है। ऐसे में इन संस्थानों के माध्यम से कनाडा आने वाले नए विदेशी कर्मचारी इस बदलाव से सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
हालांकि, International Experience Canada (IEC)प्रोग्राम के तहत जारी किए जाने वाले वर्क परमिट पर इस बदलाव का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह कार्यक्रम अलग इमिग्रेशन प्रावधानों के तहत संचालित होता है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

