कनाडा

Gordie Howe Bridge Deal: कार्नी ने गॉर्डी होवे ब्रिज डील का किया बचाव, विपक्ष ने समिति जांच की मांग उठाई

Gordie Howe Bridge Deal: प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कनाडा और अमेरिका के बीच गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज से होने वाले राजस्व को साझा करने के नए समझौते को ‘अच्छा समझौता’ बताया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाउस ऑफ कॉमन्स की एक समिति इस समझौते की शर्तों की जांच की मांग पर चर्चा करने वाली है।

संघीय सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका के साथ हुए एक ‘एग्रीमेंट इन प्रिंसिपल’ का विवरण सार्वजनिक किया था। यह समझौता कनाडा और अमेरिका के बीच गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज से होने वाली कमाई को इकट्ठा करने और दोनों देशों के बीच साझा करने की व्यवस्था से जुड़ा है।

यह पुल पूरी तरह कनाडाई करदाताओं के पैसे से तैयार किया गया है। ऐसे में समझौते में राजस्व के बंटवारे को लेकर विपक्ष और कुछ आलोचकों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।

विपक्ष का आरोप है कि समझौते के कुछ हिस्से प्रधानमंत्री कार्नी के पहले दिए गए बयानों से मेल नहीं खाते। खास तौर पर इस बात को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि पुल से होने वाली आय का कितना हिस्सा अमेरिका को मिलेगा और कनाडाई करदाताओं द्वारा पुल के निर्माण के लिए लिए गए कर्ज की भरपाई होने से पहले राजस्व का बंटवारा किस तरह किया जाएगा।

प्रिंस एडवर्ड आइलैंड में कनाडा के प्रीमियर्स के साथ बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कार्नी ने समझौते का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कनाडा और मिशिगन के बीच पहले से मौजूद मूल समझौता अभी भी प्रभावी है।

कार्नी ने कहा कि गॉर्डी होवे ब्रिज से जुड़े राजस्व और भुगतान की व्यवस्था को लेकर कनाडा और मिशिगन के बीच जो आधारभूत समझौता पहले से मौजूद है, वह बरकरार है।

हालांकि, विपक्षी सांसदों का कहना है कि सार्वजनिक किए गए नए दस्तावेज और प्रधानमंत्री के पहले के बयानों के बीच संभावित अंतर को स्पष्ट किया जाना जरूरी है। इसी वजह से हाउस ऑफ कॉमन्स की समिति में इस समझौते की शर्तों और राजस्व बंटवारे की व्यवस्था की जांच की मांग उठाई जा रही है।

गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज कनाडा और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा पार परिवहन परियोजना है। इसके निर्माण में कनाडाई सरकार ने बड़ा निवेश किया है। ऐसे में पुल से होने वाली आय और उसके बंटवारे का मुद्दा दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के साथ-साथ कनाडा के करदाताओं के हितों से भी जुड़ा हुआ है।

अब सबकी नजर हाउस ऑफ कॉमन्स की समिति की चर्चा पर है, जहां समझौते की शर्तों और राजस्व बंटवारे को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर बहस होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज से जुड़े राजस्व बंटवारे के समझौते का बचाव करते हुए कहा है कि कनाडा और अमेरिका के बीच एक अलग समानांतर समझौते के तहत कमाई का कुछ हिस्सा अमेरिका के साथ साझा किया जाएगा।

कार्नी ने इस समझौते को कनाडा के लिए फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि यह डील कनाडाई कारोबारों और श्रमिकों के हित में है और भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार को मजबूत करने में मदद करेगी।

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विपक्षी सांसदों ने गॉर्डी होवे ब्रिज समझौते की शर्तों की तत्काल जांच की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि समझौते के कुछ विवरणों को लेकर कनाडाई जनता के सामने गलत या भ्रामक जानकारी पहुंचाई गई है।

हाउस ऑफ कॉमन्स की गवर्नमेंट ऑपरेशंस कमेटी अब इस मामले पर चर्चा करने वाली है। कमेटी की बैठक विपक्षी सदस्यों की ओर से समझौते की शर्तों की जांच के अनुरोध के बाद बुलाई गई है।

कमेटी के अध्यक्ष और कंजर्वेटिव सांसद केली मैककॉले ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें विपक्षी सदस्यों से जानकारी मिली है कि वे गॉर्डी होवे ब्रिज डील के विवरण और कनाडाई लोगों को दी गई कथित गलत जानकारी की तत्काल जांच चाहते हैं।

मैककॉले ने कहा कि कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर वह बुधवार, 29 जुलाई को बैठक बुलाएंगे, ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके और समझौते से जुड़े सवालों का जवाब तलाशा जा सके।

गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज पूरी तरह कनाडाई करदाताओं के वित्तपोषण से तैयार की गई एक प्रमुख सीमा-पार परियोजना है। ऐसे में पुल से होने वाले राजस्व का बंटवारा और अमेरिका के साथ हुए समझौते की शर्तें राजनीतिक विवाद का विषय बन गई हैं।

जहां प्रधानमंत्री कार्नी इस डील को कनाडा के कारोबार, श्रमिकों और भविष्य के व्यापार के लिए बेहतर बता रहे हैं, वहीं विपक्ष समझौते की पारदर्शिता और राजस्व बंटवारे को लेकर सवाल उठा रहा है। अब कमेटी की प्रस्तावित बैठक में इस विवाद पर आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कनाडा और अमेरिका के बीच गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज से होने वाले राजस्व को साझा करने के नए समझौते को ‘अच्छा समझौता’ बताया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाउस ऑफ कॉमन्स की एक समिति इस समझौते की शर्तों की जांच की मांग पर चर्चा करने वाली है।

संघीय सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका के साथ हुए एक ‘एग्रीमेंट इन प्रिंसिपल’ का विवरण सार्वजनिक किया था। यह समझौता कनाडा और अमेरिका के बीच गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज से होने वाली कमाई को इकट्ठा करने और दोनों देशों के बीच साझा करने की व्यवस्था से जुड़ा है।

यह पुल पूरी तरह कनाडाई करदाताओं के पैसे से तैयार किया गया है। ऐसे में समझौते में राजस्व के बंटवारे को लेकर विपक्ष और कुछ आलोचकों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।

विपक्ष का आरोप है कि समझौते के कुछ हिस्से प्रधानमंत्री कार्नी के पहले दिए गए बयानों से मेल नहीं खाते। खास तौर पर इस बात को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि पुल से होने वाली आय का कितना हिस्सा अमेरिका को मिलेगा और कनाडाई करदाताओं द्वारा पुल के निर्माण के लिए लिए गए कर्ज की भरपाई होने से पहले राजस्व का बंटवारा किस तरह किया जाएगा।

प्रिंस एडवर्ड आइलैंड में कनाडा के प्रीमियर्स के साथ बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कार्नी ने समझौते का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कनाडा और मिशिगन के बीच पहले से मौजूद मूल समझौता अभी भी प्रभावी है।

कार्नी ने कहा कि गॉर्डी होवे ब्रिज से जुड़े राजस्व और भुगतान की व्यवस्था को लेकर कनाडा और मिशिगन के बीच जो आधारभूत समझौता पहले से मौजूद है, वह बरकरार है।

हालांकि, विपक्षी सांसदों का कहना है कि सार्वजनिक किए गए नए दस्तावेज और प्रधानमंत्री के पहले के बयानों के बीच संभावित अंतर को स्पष्ट किया जाना जरूरी है। इसी वजह से हाउस ऑफ कॉमन्स की समिति में इस समझौते की शर्तों और राजस्व बंटवारे की व्यवस्था की जांच की मांग उठाई जा रही है।

गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज कनाडा और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा पार परिवहन परियोजना है। इसके निर्माण में कनाडाई सरकार ने बड़ा निवेश किया है। ऐसे में पुल से होने वाली आय और उसके बंटवारे का मुद्दा दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के साथ-साथ कनाडा के करदाताओं के हितों से भी जुड़ा हुआ है।

अब सबकी नजर हाउस ऑफ कॉमन्स की समिति की चर्चा पर है, जहां समझौते की शर्तों और राजस्व बंटवारे को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर बहस होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज से जुड़े राजस्व बंटवारे के समझौते का बचाव करते हुए कहा है कि कनाडा और अमेरिका के बीच एक अलग समानांतर समझौते के तहत कमाई का कुछ हिस्सा अमेरिका के साथ साझा किया जाएगा।

कार्नी ने इस समझौते को कनाडा के लिए फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि यह डील कनाडाई कारोबारों और श्रमिकों के हित में है और भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार को मजबूत करने में मदद करेगी।

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विपक्षी सांसदों ने गॉर्डी होवे ब्रिज समझौते की शर्तों की तत्काल जांच की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि समझौते के कुछ विवरणों को लेकर कनाडाई जनता के सामने गलत या भ्रामक जानकारी पहुंचाई गई है।

हाउस ऑफ कॉमन्स की गवर्नमेंट ऑपरेशंस कमेटी अब इस मामले पर चर्चा करने वाली है। कमेटी की बैठक विपक्षी सदस्यों की ओर से समझौते की शर्तों की जांच के अनुरोध के बाद बुलाई गई है।

कमेटी के अध्यक्ष और कंजर्वेटिव सांसद केली मैककॉले ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें विपक्षी सदस्यों से जानकारी मिली है कि वे गॉर्डी होवे ब्रिज डील के विवरण और कनाडाई लोगों को दी गई कथित गलत जानकारी की तत्काल जांच चाहते हैं।

मैककॉले ने कहा कि कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर वह बुधवार, 29 जुलाई को बैठक बुलाएंगे, ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके और समझौते से जुड़े सवालों का जवाब तलाशा जा सके।

गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज पूरी तरह कनाडाई करदाताओं के वित्तपोषण से तैयार की गई एक प्रमुख सीमा-पार परियोजना है। ऐसे में पुल से होने वाले राजस्व का बंटवारा और अमेरिका के साथ हुए समझौते की शर्तें राजनीतिक विवाद का विषय बन गई हैं।

जहां प्रधानमंत्री कार्नी इस डील को कनाडा के कारोबार, श्रमिकों और भविष्य के व्यापार के लिए बेहतर बता रहे हैं, वहीं विपक्ष समझौते की पारदर्शिता और राजस्व बंटवारे को लेकर सवाल उठा रहा है। अब कमेटी की प्रस्तावित बैठक में इस विवाद पर आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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