Carney Meets Premiers Amid Us Tariffs: कनाडा की अर्थव्यवस्था पर अमेरिका की ओर से प्रस्तावित नए टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री मार्क कार्नी बुधवार को प्रिंस एडवर्ड आइलैंड पहुंचेंगे, जहां देश के प्रीमियर्स फेडरेशन ऑफ काउंसिल के वार्षिक सम्मेलन के लिए जुटे हुए हैं।
कार्नी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कनाडाई सामान पर 50 फीसदी तक नए टैरिफ लगाने की आशंका जताई जा रही है। इससे कनाडा की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की चिंता है।
इससे एक दिन पहले कार्नी ने सभी प्रीमियर्स के साथ वर्चुअल बैठक की थी। इस दौरान अमेरिका की ओर से की जा रही ‘एकतरफा व्यापारिक कार्रवाइयों’ पर चर्चा हुई। बुधवार शाम कार्नी प्रीमियर्स की ओर से आयोजित एक गाला कार्यक्रम में भी शामिल होने वाले हैं।
वहीं, उद्योग मंत्री मेलानी जोली ने बुधवार को ब्रिटेन से बातचीत के दौरान कहा कि कनाडा यूरोप को स्टील और एल्युमिनियम का निर्यात बढ़ाकर अमेरिकी टैरिफ के संभावित असर को कम करने की कोशिश कर सकता है।
जोली ने पत्रकारों से कहा कि यूरोप आमतौर पर अपने बाजारों के दरवाजे बंद करने की प्रवृत्ति नहीं रखता। उनके मुताबिक, कनाडा के लिए यूरोपीय बाजार में अपनी जगह मजबूत करने का यह एक अवसर हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कम उत्सर्जन के साथ स्टील का उत्पादन करना कनाडा को यूरोपीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दे सकता है। यूरोपीय संघ में औद्योगिक कार्बन मूल्य निर्धारण को लेकर पर्यावरणीय मानक काफी सख्त हैं और कनाडा की कम-उत्सर्जन वाली स्टील उत्पादन क्षमता इस लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को तीन कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए थे। इन आदेशों के तहत 1930 के अमेरिकी टैरिफ एक्ट की धारा 338 के तहत कई कनाडाई वस्तुओं पर 50 फीसदी शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर टैरिफ लगाने की अनुमति देता है, जिन पर अमेरिकी व्यापार के साथ भेदभाव करने का आरोप हो।
हालांकि, इन भारी टैरिफ को अगले महीने से लागू किए जाने की संभावना है। वहीं, कथित जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात की जांच के बाद लगाए जाने वाले 10 फीसदी टैरिफ इससे पहले ही लागू हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन शुल्कों के शुक्रवार से प्रभावी होने की संभावना है।
ऐसे में कनाडा सरकार अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम करने और यूरोप समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने निर्यात को बढ़ाने के विकल्पों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
कनाडा में ऊर्जा निर्यात को लेकर मतभेद
अमेरिका के साथ जारी व्यापारिक तनाव के बीच कनाडा के प्रीमियर्स के बीच ऊर्जा निर्यात को बातचीत में दबाव के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने को लेकर मतभेद सामने आए हैं। कुछ प्रीमियर चाहते हैं कि अगर अमेरिका कनाडाई उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाता है, तो जवाबी रणनीति के तौर पर ऊर्जा निर्यात को सीमित करने का विकल्प खुला रखा जाए।
ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड और न्यू ब्रंसविक की प्रीमियर सुसान होल्ट उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने ऊर्जा निर्यात में कटौती की संभावना को बातचीत की मेज पर रखने का समर्थन किया है।
फोर्ड ने कहा कि अमेरिका को व्यापारिक दबाव का असर महसूस होना चाहिए। उनके मुताबिक, कनाडा को ऐसे विकल्पों पर विचार करना चाहिए, जिससे अमेरिका पर भी आर्थिक दबाव बनाया जा सके।
इसी बीच प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापार वार्ता को और तेज करने पर सहमति बनी है। दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव के बावजूद कनाडा बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।
वहीं, कनाडा सरकार ने मंगलवार को एक अन्य महत्वपूर्ण फैसला लिया। सरकार ने इस सप्ताह होने वाले गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज के उद्घाटन समारोह में अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ जश्न मनाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री ग्रेगर रॉबर्टसन के कार्यालय के एक प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए जारी बयान में कहा कि अमेरिका की ओर से इस सप्ताह व्यापारिक कार्रवाई की धमकी दिए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संयुक्त रूप से एक उत्सव कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं होगा।
गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज कनाडा और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा पार परिवहन परियोजना है। ऐसे में इसके उद्घाटन समारोह से अमेरिकी प्रतिनिधियों को दूर रखने के फैसले को दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
अब नजर इस बात पर है कि कनाडा सरकार अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में किस रणनीति को अपनाती है और क्या ऊर्जा निर्यात को संभावित जवाबी कदम के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.
