Ircc Work Permit Denied: कनाडा में पढ़ाई करने का सपना लेकर पहुंचे भारतीय छात्रों को बड़ा झटका लगा है। इन छात्रों को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने और डिग्री हासिल करने के बाद उन्हें नौकरी करने के लिए पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) मिल जाएगा। लेकिन अब कई छात्रों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। कनाडा के इमिग्रेशन अधिकारियों ने कुछ मामलों में वर्क परमिट देने से इनकार कर दिया है, जिससे प्रभावित छात्रों के बीच चिंता बढ़ गई है। इस मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि भारतीय छात्र उन हजारों अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स में शामिल हैं, जिन पर इस फैसले का असर पड़ा है।
दरअसल, पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट यानी PGWP कनाडा में पढ़ाई करने वाले योग्य विदेशी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है। यह एक तरह का ओपन वर्क परमिट होता है, जिसके जरिए पात्र अंतरराष्ट्रीय छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद कनाडा में काम कर सकते हैं और वहां का प्रोफेशनल वर्क एक्सपीरियंस हासिल कर सकते हैं। यही वर्क एक्सपीरियंस आगे चलकर उनके कनाडा में करियर और इमिग्रेशन के दूसरे विकल्पों के लिए भी अहम साबित हो सकता है।
हालांकि, कनाडा में पढ़ाई पूरी कर लेना अपने आप में PGWP मिलने की गारंटी नहीं देता। इसके लिए छात्र को कई जरूरी पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है। इसमें यह देखना भी महत्वपूर्ण है कि छात्र ने किस तरह के प्रोग्राम में पढ़ाई की है और वह किस मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ है। यानी PGWP की पात्रता छात्र के कोर्स और उसके शिक्षण संस्थान समेत कई जरूरी मानकों पर निर्भर करती है।
सबसे बड़ी बात यह है कि PGWP एक सीमित अवधि का वर्क परमिट होता है और इसे सामान्य तौर पर दोबारा रिन्यू नहीं किया जा सकता। इसलिए जिन छात्रों को यह परमिट नहीं मिल पाता, उनके लिए कनाडा में पढ़ाई के बाद नौकरी करने और वहां अपना करियर बनाने की योजना मुश्किल में पड़ सकती है। यही वजह है कि भारतीय छात्रों के बीच इस पूरे मामले को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है।
कनाडा में पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने का सपना देख रहे भारतीय छात्रों को बड़ा झटका लगा है। कई छात्रों को उम्मीद थी कि कनाडा की किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज से अपनी डिग्री पूरी करते ही उन्हें पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) मिल जाएगा और वे पढ़ाई के बाद वहीं नौकरी शुरू कर सकेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कनाडा के इमिग्रेशन विभाग ने कुछ छात्रों की वर्क परमिट एप्लीकेशन को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रभावित छात्रों के बीच निराशा और चिंता का माहौल है। भारतीय छात्र भी उन हजारों अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों में शामिल हैं, जिन पर इस स्थिति का असर पड़ा है।
दरअसल, पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) कनाडा में पढ़ने वाले योग्य विदेशी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण वर्क परमिट है। इसके जरिए पात्र छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद कनाडा में नौकरी कर सकते हैं और वहां प्रोफेशनल वर्क एक्सपीरियंस हासिल कर सकते हैं। यही कारण है कि कनाडा जाने वाले कई अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए PGWP उनकी पूरी स्टडी प्लानिंग का एक अहम हिस्सा होता है।
हालांकि, कनाडा से डिग्री हासिल कर लेना अपने आप में PGWP मिलने की गारंटी नहीं है। इस वर्क परमिट के लिए पात्रता कई शर्तों पर निर्भर करती है। इसमें सबसे अहम बात यह है कि छात्र ने किस तरह के कोर्स या प्रोग्राम में पढ़ाई की है और उसकी पढ़ाई किस योग्य कॉलेज या यूनिवर्सिटी से हुई है। इसलिए किसी भी छात्र के लिए कनाडा में पढ़ाई शुरू करने से पहले यह जांचना जरूरी है कि उसका चुना हुआ प्रोग्राम और संस्थान PGWP की पात्रता से जुड़े मौजूदा नियमों के तहत योग्य है या नहीं।
PGWP की मदद से विदेशी छात्रों को कनाडा में पढ़ाई के बाद काम करने और स्थानीय वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने का अवसर मिलता है। हालांकि, यह एक स्थायी वर्क परमिट नहीं है और इसकी अवधि पूरी होने के बाद इसे सामान्य तौर पर रिन्यू नहीं किया जा सकता। ऐसे में जिन छात्रों को PGWP नहीं मिलता या जिनका परमिट समाप्त हो जाता है, उन्हें कनाडा में काम जारी रखने के लिए किसी दूसरे वैध इमिग्रेशन या वर्क परमिट विकल्प की जरूरत पड़ सकती है।
Ircc Work Permit Denied: भारतीय छात्रों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
कनाडा में पढ़ाई के बाद वर्क परमिट हासिल करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए सही कॉलेज और कोर्स का चुनाव करना बेहद जरूरी है। एडमिशन लेने से पहले छात्रों को यह जरूर जांच लेना चाहिए कि उनका चुना हुआ संस्थान और प्रोग्राम पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के लिए पात्र है या नहीं। अगर इस बारे में पहले से जानकारी नहीं ली गई, तो पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्क परमिट के लिए आवेदन करते समय परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
भारतीय छात्रों को कनाडा में एडमिशन लेते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
1 सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि जिस कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने जा रहे हैं, वह Designated Learning Institution (DLI) की आधिकारिक सूची में शामिल है।
2 DLI ऐसे मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान होते हैं, जिन्हें कनाडा सरकार अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दाखिला देने की अनुमति देती है।
3 केवल DLI में एडमिशन लेना ही पर्याप्त नहीं है। छात्र को यह भी देखना चाहिए कि उसका चुना हुआ कोर्स या प्रोग्राम PGWP के लिए पात्र है या नहीं।
4 एडमिशन लेने से पहले कनाडा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट Canada.ca पर जाकर संबंधित DLI और PGWP पात्रता की जानकारी जरूर जांचें।
5 कॉलेज के साथ-साथ चुने गए प्रोग्राम की पात्रता भी आधिकारिक वेबसाइट पर वेरिफाई करें, क्योंकि हर DLI में उपलब्ध हर कोर्स PGWP के लिए योग्य हो, यह जरूरी नहीं है।
इसलिए कनाडा जाने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों को सिर्फ कॉलेज की प्रतिष्ठा या कोर्स की लोकप्रियता देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। एडमिशन से पहले DLI स्टेटस और PGWP पात्रता की आधिकारिक जानकारी की जांच करना बेहद जरूरी है। इससे छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्क परमिट के लिए आवेदन करते समय संभावित परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

