कनाडा

Johnson Johnson Powder Cancer: बेबी पाउडर कैंसर विवाद में जॉनसन एंड जॉनसन का बड़ा कदम, $5.5 बिलियन के सेटलमेंट का ऑफर

Johnson Johnson Powder Cancer: जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने टैल्क आधारित उत्पादों से कथित तौर पर ओवेरियन कैंसर होने के आरोपों से जुड़े लंबित मुकदमों को निपटाने के लिए 5.5 बिलियन डॉलर के समझौते पर सहमति जताई है। हालांकि, कंपनी के वकीलों ने इन दावों को वैज्ञानिक आधार से रहित बताया है।

न्यू जर्सी स्थित दवा कंपनी पिछले एक दशक से अधिक समय से टैल्क उत्पादों को लेकर कानूनी मामलों का सामना कर रही है। कंपनी के मुताबिक, प्रस्तावित समझौता तभी लागू होगा, जब बचे हुए करीब 76,000 दावेदारों में से 95 फीसदी इस पर सहमत होंगे।

J&J ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि अब तक उसके खिलाफ दायर अधिकांश मामलों में कंपनी को जीत मिली है। कंपनी ने यह भी दोहराया कि उसके उत्पादों से ओवेरियन कैंसर होने के दावे “जंक साइंस” पर आधारित हैं और वह लंबे समय से इन आरोपों को खारिज करती रही है।

वहीं, दावेदारों की ओर से मुकदमा लड़ने वाली लॉ फर्मों ने भी सोमवार को समझौते की पुष्टि की। उन्होंने लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद को खत्म करने के लिए इसे एक बेहतर समाधान बताया।

टैल्क से जुड़े करीब 2,500 मामलों के प्रतिनिधि और समझौते की बातचीत में शामिल वकील क्रिस सीगर ने कहा कि इस समझौते के तहत कंपनी की कुल भुगतान राशि आखिरकार 7 बिलियन डॉलर या उससे अधिक तक पहुंच सकती है।

J&J के बेबी पाउडर कैंसर मामलों में नया मोड़, कंपनी ने मुकदमे जारी रखने के बजाय समझौते का रास्ता चुना

जॉनसन एंड जॉनसन ने एक पूर्व फैसले के खिलाफ अपील नहीं करने का फैसला किया है। इसके बजाय कंपनी ने टैल्क उत्पादों से जुड़े कैंसर के दावों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई को समझौते के जरिए खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

पिछले सप्ताह एक संघीय जज ने J&J मामले में दावेदारों से जवाब मांगा था कि उनके लंबित दावों को खारिज क्यों नहीं किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान गवाह कथित तौर पर कैंसर और कंपनी के उत्पादों के बीच सीधा संबंध साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाए थे।

J&J के वर्ल्डवाइड वाइस प्रेसिडेंट ऑफ लिटिगेशन एरिक हास ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद दावेदारों के लिए अपने मामलों को बनाए रखना मुश्किल स्थिति बन गई थी, क्योंकि उनके पास विशिष्ट कारण साबित करने वाले पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत नहीं थे।

हास ने कंपनी का पक्ष रखते हुए कहा कि इन दावों का वैज्ञानिक आधार नहीं है और ये ऐसे विशेषज्ञों की राय पर टिके थे, जो सख्त न्यायिक समीक्षा में टिक नहीं सकीं।

अगले साल कंपनी करेगी $3 बिलियन का भुगतान

इस सप्ताह घोषित समझौते के तहत जॉनसन एंड जॉनसन अगले साल 3 बिलियन डॉलर का भुगतान करेगी। इसके बाद की भुगतान प्रक्रिया 2028 से शुरू होगी।

कंपनी ने कहा कि उसे भरोसा था कि आगे मुकदमे जारी रहने की स्थिति में भी वह अधिकांश मामलों की तरह इन मामलों में जीत हासिल कर सकती थी। हालांकि, समझौते के जरिए कंपनी इस लंबे कानूनी विवाद को खत्म कर अपने मुख्य काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।

J&J के मुताबिक, कंपनी पहले ही मेसोथेलियोमा से जुड़े करीब 95 फीसदी मुकदमों का निपटारा कर चुकी है। मेसोथेलियोमा एक प्रकार का कैंसर है, जो फेफड़ों और हृदय जैसे अंगों के आसपास मौजूद ऊतक को प्रभावित करता है।

इसके अलावा, कंपनी ने सभी राज्य उपभोक्ता संरक्षण दावों और टैल्क सप्लायर से जुड़े विवादों का भी निपटारा किए जाने की जानकारी दी। कंपनी ने अरबों डॉलर के इस समझौते को करीब 15 साल से चल रही कानूनी लड़ाई को अंतिम रूप देने वाला कदम बताया है।
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Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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