Toronto Pro Palestinian Protester: टोरंटो पुलिस के अनुसार, एक फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारी पर हमास से कथित तौर पर जुड़े रहने और उसके लिए गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में आतंकवाद से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
आरोपी की पहचान 33 वर्षीय अहमद हसन हजाहमद के रूप में हुई है। टोरंटो पुलिस की हेट क्राइम यूनिट और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की नेशनल सिक्योरिटी टीम की संयुक्त जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी मंगलवार को अदालत में पेश हुआ।
टोरंटो पुलिस सर्विस के मुताबिक, 25 मई से 7 सितंबर 2024 के बीच हजाहमद ने डाउनटाउन टोरंटो में आयोजित कई फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। पुलिस का आरोप है कि इन प्रदर्शनों के दौरान उसने माइक्रोफोन के जरिए सार्वजनिक बयान दिए, जिनमें इजरायली और यहूदी समुदाय के सदस्यों के खिलाफ नुकसान पहुंचाने की वकालत की गई थी।
पुलिस ने बताया कि 7 मार्च 2025 को आरोपी के घर की तलाशी ली गई थी। इस दौरान जांच अधिकारियों ने कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए। पुलिस के अनुसार, इन डिवाइस से मिले सबूतों ने इस आरोप को समर्थन दिया कि आरोपी ने एक घोषित आतंकवादी संगठन हमास के लाभ के लिए और उसके साथ मिलकर गतिविधियां कीं।
इस मामले में आरोप लगाने की मंजूरी ओंटारियो और संघीय स्तर के अटॉर्नी जनरल की ओर से 20 जुलाई को दी गई थी।
हजाहमद पर आतंकवादी संगठन की गतिविधियों में भाग लेने या उनमें योगदान देने का एक आरोप लगाया गया है। अगर अदालत में वह दोषी पाया जाता है, तो उसे अधिकतम 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
यह मामला फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों और हमास के बीच कथित संबंध को लेकर सामने आए दुर्लभ मामलों में से एक बताया जा रहा है। हालांकि, आरोपी के वकील मोहम्मद एल राशिदी ने इन आरोपों को खारिज किया है।
वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल का हमास या किसी अन्य विदेशी संगठन से कोई संबंध नहीं है। अब इस मामले में अदालत की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
आरोपी के वकील ने आतंकवाद के आरोपों को बताया गलत
टोरंटो में फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारी अहमद हसन हजाहमद पर लगाए गए आतंकवाद से जुड़े आरोपों के बीच उसके वकील मोहम्मद एल राशिदी ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भले ही उनके मुवक्किल पर नफरत और नुकसान को बढ़ावा देने वाले बयान देने का आरोप लगाया हो, लेकिन इन अपराधों के लिए उनके खिलाफ कोई अलग आरोप नहीं लगाया गया है।
एल राशिदी के मुताबिक, हजाहमद के खिलाफ केवल एक आरोप है, जो सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान उनके भाषण से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में न तो हिंसा हुई, न किसी हथियार का इस्तेमाल किया गया और न ही किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा।
वकील ने कहा कि नागरिकों की हत्या के खिलाफ किसी प्रदर्शन में अपनी बात रखना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है और इसे आतंकवाद नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कानूनी टीम इस बात की बारीकी से जांच करेगी कि यह मामला किन परिस्थितियों में और किस आधार पर दर्ज किया गया है। वकील ने दावा किया कि कानून की कसौटी पर यह आरोप टिक नहीं पाएगा।
वहीं, कनाडा की पब्लिक सेफ्टी वेबसाइट के अनुसार, हमास को एक ‘कट्टरपंथी इस्लामवादी-राष्ट्रवादी आतंकवादी संगठन’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। हमास कनाडा की प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल है।
7 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने इजरायल में प्रवेश कर हमला किया था। इस हमले में 800 से अधिक नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें कनाडाई नागरिक भी शामिल थे। इसके बाद इजरायल की सैन्य कार्रवाई में बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों की जान गई।
इस पूरे मामले को लेकर अब अदालत में होने वाली आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी, जहां अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष अपने-अपने तर्क पेश करेंगे।
Q
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.
