कनाडा

ग्रीनलैंड में बिना इजाजत अमेरिकी तेल कंपनी ने लगाया ड्रिलिंग सेटअप, उठने लगे गंभीर सवाल

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड के अधिग्रहण की धमकियों के कुछ महीनों बाद, इस अर्ध-स्वायत्त आर्कटिक द्वीप के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। अमेरिका स्थित एक तेल कंपनी ‘ग्रीनलैंड एनर्जी’ (Greenland Energy) ने बिना आधिकारिक अनुमति के ग्रीनलैंड के पूर्वी तट पर तेल की खोज के लिए भारी ड्रिलिंग उपकरण और लॉजिस्टिक्स सेटअप तैनात कर दिए हैं। इस कदम से ग्रीनलैंड और डेनमार्क की संप्रभुता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

अनुमति के बिना लॉजिस्टिक्स की तैनाती: दबाव बनाने की रणनीति?

आर्कटिक क्षेत्र में किसी भी तेल निष्कर्षण परियोजना को शुरू होने में आमतौर पर सालों लगते हैं, लेकिन अनुमति मिलने से पहले ही उपकरण तैनात करने को विशेषज्ञ एक रणनीतिक दबाव के रूप में देख रहे हैं। नॉराड (NORAD) के पूर्व संचालन निदेशक और कनाडाई ग्लोबल अफेयर्स इंस्टीट्यूट के फेलो रिटायर्ड मेजर जनरल स्कॉट क्लैंसी के अनुसार, “लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचा पहले से तैयार करके यह संदेश दिया जा रहा है कि हम आपकी मंजूरी के साथ या उसके बिना आगे बढ़ेंगे। यह संप्रभुता की सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत ही खतरनाक मिसाल कायम करता है।”

जेमिसन लैंड बेसिन: तेल का अथाः भंडार

यह पूरा विवाद पूर्वी ग्रीनलैंड के ‘जेमिसन लैंड बेसिन’ (Jameson Land Basin) प्रायद्वीप को लेकर है। तेल कंपनी के अनुसार, यह क्षेत्र पश्चिमी दुनिया के सबसे बड़े उन पारंपरिक हाइड्रोकार्बन बेसिनों में से एक है, जहाँ अभी तक बड़े पैमाने पर खोजबीन नहीं हुई है।

गौरतलब है कि ‘ग्रीनलैंड एनर्जी’ के पास ग्रीनलैंड में काम करने का अपना कोई आधिकारिक लाइसेंस नहीं है। कंपनी ब्रिटेन की ’80 माइल पीएलसी’ (80 Mile PLC) नामक फर्म के साथ साझेदारी में काम कर रही है, जिसके पास पहले का लाइसेंस था।

ग्रीनलैंड सरकार का रुख और कंपनी की दलील

ग्रीनलैंड के उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ’80 माइल’ द्वारा एक पुराने लाइसेंस के तहत किराए के उपकरण लाना और जमा करना अमान्य है, क्योंकि वह परमिट अब वैध नहीं रहा।

दूसरी ओर, ‘ग्रीनलैंड एनर्जी’ ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में अपनी मनमानी का बचाव करते हुए कहा कि मंजूरी की प्रक्रिया में देरी से ग्रीनलैंड के सीमित ऑपरेटिंग सीजन का कीमती समय बर्बाद हो जाता। इसलिए परमिट मिलने का इंतजार किए बिना लॉजिस्टिक्स की तैयारी शुरू करना बेहद जरूरी था।

ट्रंप प्रशासन से कनेक्शन के दावे

ब्रिटिश समाचार पत्र ‘द गार्जियन’ की रिपोर्ट के अनुसार, बिना परमिशन ग्रीनलैंड में पैठ बना रही इस अमेरिकी तेल कंपनी के तार वाशिंगटन में ट्रंप व्हाइट हाउस के कई शीर्ष अधिकारियों से जुड़े हुए हैं। इस खुलासे के बाद आर्कटिक क्षेत्र में राजनीतिक और भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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