Us Tariffs Label Confusion Grows: कनाडा और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच मंगलवार से दोनों देशों के नए टैरिफ लागू होने जा रहे हैं। अमेरिका की ओर से कनाडाई सामान पर लगाए गए टैरिफ के साथ ही कनाडा भी कई अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी शुल्क लागू करेगा।
इस व्यापारिक जंग के बीच कनाडाई नागरिकों से स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू सामान को प्राथमिकता देने से कनाडा की अर्थव्यवस्था को मौजूदा टैरिफ संकट के दौरान मजबूती मिल सकती है।
कनाडाई कारोबार पहले से ही अमेरिका की ओर से लगाए गए 25 फीसदी व्यापक टैरिफ के संभावित असर की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उत्पादों पर 10 फीसदी शुल्क का प्रावधान है।
Gowling WLG में नेशनल एडवरटाइजिंग एंड प्रोडक्ट रेगुलेटरी ग्रुप की पार्टनर और प्रमुख मेलिसा तेहरानी के मुताबिक, कनाडा में ‘Buy Canadian’ अभियान को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। उनका मानना है कि स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से टैरिफ तनाव के दौरान कनाडाई अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मुहिम कनाडाई कंपनियों को अपने कारोबार के लिए कच्चा माल घरेलू स्रोतों से लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। इससे कंपनियां टैरिफ के कारण बढ़ने वाली लागत के प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में सक्षम हो सकती हैं।
वहीं, University of Toronto में अर्थशास्त्र और अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं प्रतिस्पर्धा के प्रोफेसर डैनियल ट्रेफ्लर ने भी स्थानीय उत्पाद खरीदने की अहमियत पर जोर दिया। उनके मुताबिक, कनाडा में बने सामान को खरीदने से देश के मैन्युफैक्चरर्स और किसानों को सीधे फायदा पहुंच सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्थानीय उत्पादों की मांग कम होती है और सामान बिक्री के बिना दुकानों की शेल्फ पर पड़ा रहता है, तो कंपनियों का स्टॉक बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में कारोबार पर दबाव बढ़ेगा और कर्मचारियों की नौकरियां जाने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि ‘Buy Canadian’ केवल एक उपभोक्ता अभियान नहीं, बल्कि व्यापारिक तनाव के बीच स्थानीय कारोबार, किसानों और रोजगार को समर्थन देने का एक महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है।
Made in Canada’ और ‘Product of Canada’ में क्या है अंतर? जानें लेबल के पीछे का पूरा नियम
कनाडा में स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील के बीच उपभोक्ताओं के लिए यह समझना भी जरूरी हो गया है कि ‘Made in Canada’ और ‘Product of Canada’ लेबल में क्या फर्क होता है। दोनों शब्द एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन इनमें कनाडाई सामग्री की मात्रा को लेकर महत्वपूर्ण अंतर है।
कनाडा के Competition Bureau के दिशानिर्देशों के अनुसार, गैर-खाद्य उत्पादों पर ‘Product of Canada’ लेबल लगाने के लिए उत्पाद में कम से कम 98 फीसदी कनाडाई सामग्री होना जरूरी है। यानी ऐसे उत्पादों में लगभग पूरी सामग्री कनाडा से संबंधित होनी चाहिए।
वहीं, ‘Made in Canada’ का दावा करने वाले गैर-खाद्य उत्पादों के लिए कनाडाई सामग्री की सीमा कम है। ऐसे उत्पादों में कम से कम 51 फीसदी कनाडाई सामग्री होने की शर्त है। हालांकि, अगर उत्पाद में आयातित सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, तो लेबल पर इसके बारे में स्पष्ट जानकारी देने वाला एक अतिरिक्त बयान होना चाहिए।
Competition Bureau के मुताबिक, दोनों ही मामलों में एक अहम शर्त यह है कि उत्पाद में अंतिम महत्वपूर्ण बदलाव या ‘last substantial transformation’ कनाडा में ही हुआ हो।
इसका मतलब यह है कि किसी उत्पाद में विदेशी सामग्री का इस्तेमाल होने के बावजूद, अगर उसका अंतिम महत्वपूर्ण निर्माण या रूपांतरण कनाडा में हुआ है, तो वह कुछ शर्तों के तहत ‘Made in Canada’ के दावे के योग्य हो सकता है।
हालांकि, कंपनियों और व्यक्तियों को लेबलिंग के दौरान सावधानी बरतनी होगी। यदि कोई व्यवसाय या व्यक्ति उत्पाद के बारे में झूठा या भ्रामक दावा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। ऐसे मामलों में जुर्माने से लेकर जेल की सजा तक का प्रावधान हो सकता है।
ऐसे में ‘Buy Canadian’ के तहत खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए इन दोनों लेबलों के बीच का अंतर समझना महत्वपूर्ण है। इससे वे यह बेहतर तरीके से जान सकेंगे कि किसी उत्पाद में वास्तव में कितना कनाडाई कंटेंट मौजूद है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

