Petrol-Diesel Price Update: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने आम लोगों के लिए राहत की घोषणा की है। 27 मार्च को भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है।
पेट्रोल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर सिर्फ 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, डीजल पर लगने वाली 10 रुपये की ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
यह कदम उस समय उठाया गया है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा रही हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है। सरकार का यह फैसला आम जनता और उद्योगों पर बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
सेस में कटौती के बावजूद फिलहाल देश के अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि तेल कंपनियां इस राहत का फायदा जनता तक पहुँचाएँ और कीमतें बढ़ाएं नहीं।
साथ ही, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से अपील की है कि वे अपने VAT में भी कटौती करें, ताकि जनता को एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कमी का पूरा लाभ मिल सके।
सेस में कटौती के बावजूद कीमतें आज स्थिर रहने के कारण:
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा चुकी है। मिडिल ईस्ट में तनाव और OPEC देशों द्वारा सप्लाई घटाने की वजह से कच्चे तेल की लागत बढ़ गई है।
भारतीय सरकारी तेल कंपनियां जैसे IOC, BPCL और HPCL लंबे समय से कीमतें नहीं बढ़ा रही थीं, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा था। सरकार ने टैक्स घटाकर यह सुनिश्चित किया कि कंपनियों के घाटे की भरपाई हो जाए और जनता को पेट्रोल-डीजल महंगा न पड़े।
सरकारी कंपनियों ने दाम स्थिर रखे हैं, लेकिन Nayara Energy जैसी प्राइवेट कंपनियों ने अपने मुनाफे के लिए पेट्रोल पर 5.30 रुपये और डीजल पर 3 रुपये बढ़ा दिए हैं।

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