कनाडा को उच्च शिक्षा के लिए दुनिया के सबसे महंगे देशों में गिना जाता है, जहां हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए जाते हैं। वहां एडमिशन लेने से पहले छात्रों को एक तय बैंक बैलेंस या सेविंग्स दिखानी होती है, तभी उन्हें एंट्री मिलती है। हालांकि, पढ़ाई और रहने-खाने के बढ़ते खर्चों के कारण कई छात्र अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए पार्ट-टाइम काम का सहारा लेते हैं, जिससे उन्हें कुछ हद तक आर्थिक राहत भी मिल जाती है।
लेकिन पिछले कुछ समय से कनाडा को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि भारतीय छात्रों को पार्ट-टाइम नौकरी पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों ने इंस्टाग्राम, रेडिट और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर अपनी परेशानियां साझा करते हुए बताया है कि उन्हें जॉब ढूंढने में संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या वाकई कनाडा में पार्ट-टाइम जॉब के हालात इतने चुनौतीपूर्ण हो गए हैं और छात्रों के लिए रोजगार के मौके कितने उपलब्ध हैं।
कनाडा में पार्ट-टाइम जॉब से जुड़े नियम इस प्रकार हैं:
सेमेस्टर के दौरान छात्र आमतौर पर कैंपस के बाहर हर हफ्ते अधिकतम 24 घंटे तक ही काम कर सकते हैं।
सेमेस्टर ब्रेक या छुट्टियों के दौरान फुल-टाइम काम करने की अनुमति होती है।
पार्ट-टाइम जॉब करने के लिए छात्र का फुल-टाइम स्टूडेंट होना और वैध स्टडी परमिट होना जरूरी है।
काम शुरू करने के लिए ‘सोशल इंश्योरेंस नंबर (SIN)’ होना अनिवार्य है।
कैंपस के अंदर (on-campus) काम करने के लिए आमतौर पर घंटों की कोई सख्त सीमा नहीं होती।
तय सीमा से ज्यादा काम करने पर स्टूडेंट का वीज़ा या स्टेटस प्रभावित हो सकता है।
क्या कनाडा में पार्ट-टाइम जॉब पाना मुश्किल है?
भारतीय छात्र सार्थक अगस्त 2023 में हायर एजुकेशन के लिए कनाडा पहुंचे थे। उन्होंने कोनेस्टोगा कॉलेज से सप्लाई चेन मैनेजमेंट की पढ़ाई की है और इससे पहले भी वह कनाडा में बिजनेस मैनेजमेंट का कोर्स कर चुके हैं। वर्तमान में सार्थक Kal Tire नाम की कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम कर रहे हैं।
नवभारत टाइम्स से बातचीत में सार्थक ने कनाडा में पार्ट-टाइम जॉब की स्थिति को लेकर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि वहां नौकरी के अवसर और चुनौतियां दोनों ही मौजूद हैं।
कनाडा में पार्ट-टाइम जॉब मिलना आसान है या मुश्किल, तो उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि आज के समय में वहां पार्ट-टाइम नौकरी पाना काफी चुनौतीपूर्ण और प्रतिस्पर्धी हो गया है। उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार कनाडा पहुंचे थे, तो उन्होंने तुरंत ही नौकरी की तलाश शुरू कर दी थी, क्योंकि अधिकतर छात्रों के लिए पार्ट-टाइम काम खर्च चलाने और अनुभव हासिल करने का अहम जरिया होता है।
भारतीय छात्रों को सलाह देते हुए सार्थक ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि किसी को देश में पहुंचते ही तुरंत नौकरी मिल जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुरुआती दिनों में धैर्य रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि हर किसी को शुरुआत में ही काम मिल जाना संभव नहीं होता।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

