कनाडा

ISIS से लौटने वाले कनाडाई नागरिकों पर खतरे का अलर्ट, इंटेलिजेंस रिपोर्ट में जताई गई गंभीर आशंका

विदेशों में हिरासत में लिए गए कथित ISIS सदस्यों के कनाडा लौटने पर देश की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्लोबल न्यूज के हाथ लगे एक इंटेलिजेंस दस्तावेज में चेतावनी दी गई है कि ऐसे लोगों के कनाडा वापस आने पर उनसे हिंसक चरमपंथ का खतरा पैदा होने की बहुत अधिक आशंका है।

इंटीग्रेटेड थ्रेट असेसमेंट सेंटर की यह रिपोर्ट जून में तैयार की गई थी। यह रिपोर्ट उस समय सामने आई, जब इराक ने कनाडा से जुड़े कुछ संदिग्ध ISIS सदस्यों को हिरासत में लेने की जानकारी दी थी।

इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये संदिग्ध कनाडा वापस लौटते हैं तो वे सीधे हिंसक गतिविधियों को अंजाम देकर या अन्य लोगों को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करके चरमपंथ को बढ़ावा दे सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इराकी हिरासत में मौजूद कनाडाई चरमपंथी यात्रियों की संभावित वापसी से कनाडा में हिंसक चरमपंथ का खतरा पैदा होने की बहुत अधिक संभावना है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विदेशों से लौटने वाले ISIS समर्थकों से उत्पन्न संभावित खतरे को हाल की एक घटना के संदर्भ में भी देखा जा सकता है। शनिवार को 21 वर्षीय एक युवक ने बर्लिन के प्राइड फेस्टिवल में वाहन और चाकू का इस्तेमाल कर हमला किया था। इस घटना ने एक बार फिर लौटने वाले चरमपंथी समर्थकों से जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

बर्लिन हमले के बाद कनाडा की सुरक्षा को लेकर चिंता, ISIS से जुड़े लोगों पर विशेषज्ञों ने चेताया

बर्लिन में हुए हमले के मामले में एक पोलिश महिला की मौत हो गई, जबकि 29 अन्य लोग घायल हुए। पुलिस ने रविवार को हमले के संदिग्ध अब्दुल बल्लूत को मार गिराया। वह जर्मनी का नागरिक था।

अधिकारियों के मुताबिक, हमले से पहले बल्लूत ने ISIS में शामिल होने की कोशिश में तुर्की और लेबनान की यात्रा की थी। उसे लेबनान में हिरासत में लिया गया था और नवंबर में जर्मनी वापस भेज दिया गया। इसके बाद एक जर्मन अदालत ने उसे डी-रेडिकलाइजेशन कार्यक्रम में शामिल होने का आदेश दिया था।

इस घटना से करीब एक महीने पहले कनाडा की थ्रेट असेसमेंट एजेंसी ने भी इसी तरह की परिस्थितियों वाले कनाडाई नागरिकों से जुड़े संभावित सुरक्षा खतरे को लेकर चेतावनी जारी की थी। आरोप है कि ये लोग ISIS में शामिल होने के इरादे से कनाडा छोड़कर विदेश गए थे और बाद में मध्य पूर्व में हिरासत में लिए गए।

विशेषज्ञ ने बताया दीर्घकालिक सुरक्षा जोखिम

आतंकवाद विशेषज्ञ लुकास वेबर ने कहा कि बर्लिन की घटना से यह स्पष्ट होता है कि ISIS में शामिल होने की कोशिश करने वाले लोग, भले ही अपने मकसद में सफल न हुए हों, फिर भी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

टेक अगेंस्ट टेररिज्म के वरिष्ठ थ्रेट इंटेलिजेंस एनालिस्ट वेबर के मुताबिक, ऐसे लोगों को तत्काल हिंसा में शामिल न होने के बावजूद लंबे समय तक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम माना जा सकता है।

उन्होंने कहा कि ISIS की विचारधारा के प्रति उनकी पिछली प्रतिबद्धता उन्हें भविष्य में हिंसक गतिविधियों की ओर लौटने के लिए प्रेरित कर सकती है। विशेषज्ञ के अनुसार, ऐसे व्यक्तियों के पास कट्टरपंथी विचारधारा के साथ-साथ ऐसे संपर्क और नेटवर्क भी हो सकते हैं, जिनका इस्तेमाल वे आगे चलकर किसी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए कर सकते हैं।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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