पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत को राहत देने वाली खबर सामने आई है। कतर ने स्पष्ट किया है कि वह भारत को गैस और तेल की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आने देगा। यह आश्वासन ऐसे समय में मिला है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी और भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के बीच दोहा में अहम बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के बाद भारत ने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।
कतर का भरोसा
कतर ने भारत को आश्वासन दिया है कि वह आगे भी एक भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बना रहेगा। दोनों देशों ने वैश्विक बाजार में स्थिरता बनाए रखने और ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट न होने देने पर जोर दिया। साथ ही सप्लाई चेन को सुचारु रखने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बिना बाधा जारी रखने पर सहमति जताई गई।
भारत के लिए क्यों अहम है यह समझौता?
कतर भारत का सबसे बड़ा LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) और LPG सप्लायर है। भारत की करीब 45% LNG और लगभग 20% LPG जरूरतें कतर से पूरी होती हैं। ऐसे में कतर का यह आश्वासन भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत का ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस
भारत सरकार ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का असर कम किया जा सके। इसके साथ ही भारत पड़ोसी देशों की भी मदद कर रहा है। हाल ही में श्रीलंका को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की गई है, जबकि मॉरिशस के साथ भी नए समझौतों पर काम चल रहा है।

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