राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को सर्राफा बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जहां सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया। अक्षय तृतीया से पहले आई इस तेजी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है और निवेशकों का रुझान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला। चांदी का भाव एक ही दिन में 11,800 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर ₹2.57 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले यह कीमत ₹2,45,200 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। यानी चांदी में करीब 4.81 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई है, जो बाजार के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
वहीं सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना बुधवार को करीब 3,000 रुपये महंगा होकर ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले यह दर ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम थी। इस तरह सोने में लगभग 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।
All India Sarafa Association के आंकड़ों के मुताबिक, यह बढ़त वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग में सुधार का नतीजा मानी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों और शादी के सीजन से पहले आमतौर पर सोने-चांदी की मांग बढ़ती है, जिसका असर कीमतों पर साफ दिख रहा है।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि मंगलवार को स्थानीय सर्राफा बाजार बंद रहने के कारण कारोबार नहीं हुआ था, लेकिन बुधवार को बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं में तेज उछाल देखने को मिला। कुल मिलाकर, सोना और चांदी की इस तेजी ने निवेशकों और खरीदारों दोनों की निगाहें बाजार पर टिका दी हैं।
व्यापारियों के अनुसार, अक्षय तृतीया जैसे बड़े त्योहार से पहले ज्वैलर्स और स्टॉकिस्ट्स की ओर से जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है, जिससे बाजार में दबाव बढ़ गया है और कीमतें ऊपर चली गई हैं।
इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी, जिसे सोना और चांदी खरीदने के लिए बेहद शुभ अवसर माना जाता है। इसी वजह से पहले से ही बाजार में खरीदारी का माहौल बन गया है। इस दौरान ज्वैलरी सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्राहकों की दिलचस्पी बनी हुई है। खासकर हल्के वजन वाली और डिजाइनर ज्वैलरी की मांग में तेजी देखी जा रही है।
Shringar House of Mangalsutra Limited के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर चेतन थड़ेश्वर ने भी बताया कि अक्षय तृतीया का समय ज्वैलरी इंडस्ट्री के लिए सबसे अहम माना जाता है। उनके मुताबिक, इस दौरान ग्राहकों की खरीदारी का रुझान मजबूत रहता है और यही वजह है कि मांग लगातार बनी हुई है।
वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई दी। वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। स्पॉट गोल्ड करीब 1 प्रतिशत टूटकर 4,795.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.61 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
Saumil Gandhi के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह दबाव United States और Iran के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों के कारण बना है। इससे ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता कम हुई है और महंगाई के दबाव में राहत मिली है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है।

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