एक ओर जहां अमेरिका टैरिफ और ट्रेड वॉर के जरिए अपनी अर्थव्यवस्था को सख्त बना रहा है, वहीं दूसरी ओर चीन ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के बाजार पर मजबूत पकड़ बनाए हुए है। ऐसे माहौल में वैश्विक स्तर पर एक वैकल्पिक और भरोसेमंद सप्लाई चेन की जरूरत महसूस की जा रही थी।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए भारत, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने मिलकर एक नया रणनीतिक गठजोड़ बनाया है। इस अलायंस को ACITI यानी Australia, Canada, India Technology and Innovation Triangle नाम दिया गया है। माना जा रहा है कि यह साझेदारी सिर्फ एक समझौता नहीं है, बल्कि वैश्विक ग्रीन सप्लाई चेन के समीकरणों को बदलने की क्षमता रखती है।
आज के समय में विकास का पैमाना क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल और विंड टर्बाइन जैसी तकनीकों से तय होता है। इन सभी के निर्माण के लिए लिथियम, कोबाल्ट, ग्रेफाइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की जरूरत पड़ती है।
सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इन खनिजों के खनन और रिफाइनिंग पर चीन का लगभग वर्चस्व है। इतना ही नहीं, ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रोलाइजर की सप्लाई भी काफी हद तक चीन के नियंत्रण में है।
वहीं दूसरी तरफ अमेरिका की नई नीतियां और टैरिफ वैश्विक व्यापार को अस्थिर कर रहे हैं। ऐसे में किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता अब दुनिया के लिए जोखिम मानी जा रही है। इसी निर्भरता को कम करने और वैकल्पिक सप्लाई चेन तैयार करने के लिए ACITI गठबंधन को एक अहम कदम माना जा रहा है।
आमतौर पर ऐसे बड़े अंतरराष्ट्रीय गठबंधन आर्थिक लाभ पर केंद्रित माने जाते हैं, लेकिन ACITI का दृष्टिकोण इससे अलग बताया जा रहा है। इस साझेदारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि यह केवल स्मार्टफोन, एआई या तकनीकी निवेश तक सीमित न रह जाए, बल्कि अपने मूल उद्देश्य पर कायम रहे।
इस ट्रायंगल का मुख्य फोकस “टेक फॉर गुड” यानी समाज और पर्यावरण के हित में तकनीक विकसित करना है। इसके तहत तीनों देश इस बात पर सहयोग करेंगे कि खनिजों का खनन पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचाते हुए कैसे किया जाए। साथ ही पुरानी बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से लिथियम, कोबाल्ट और तांबे जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों को दोबारा निकालने की तकनीकों पर भी काम किया जाएगा।
यह गठबंधन सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा देने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा सकता है, जहां संसाधनों का पुन: उपयोग हो और कचरे को कम से कम किया जाए।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

