कनाडा में मेडिकल रेजिडेंसी करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। देश के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत ओंटारियो में रेजिडेंसी से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी की जा रही है, जिसका सीधा असर विदेशी, खासकर भारतीय मेडिकल ग्रेजुएट्स पर पड़ सकता है।
अब तक कई भारतीय छात्र MBBS पूरा करने के बाद पोस्टग्रेजुएशन के लिए कनाडा के मेडिकल संस्थानों में रेजिडेंसी हासिल करने की कोशिश करते थे। लेकिन नए प्रस्तावित नियमों के तहत ओंटारियो में रेजिडेंसी सीटों के आवंटन में उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा सकती है, जिनका प्रांत से पहले से कोई जुड़ाव रहा हो।
इस बदलाव से अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धा और कठिन हो सकती है, क्योंकि स्थानीय या प्रांत से जुड़े उम्मीदवारों को आगे रखा जाएगा। ऐसे में कनाडा में आगे की पढ़ाई की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए इन नए नियमों को समझना और उसी के अनुसार अपनी तैयारी करना बेहद जरूरी हो जाएगा।
इस बदलाव के पीछे राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय डॉक्टरों को अपने प्रांत में ही बनाए रखना है। ओंटारियो प्रशासन का मानना है कि इस तरह के कदम से वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को स्थिरता मिल सकती है और डॉक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।
सरकार के अनुसार, पहले भी इसी तरह की एक नीति लागू की गई थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया था। अब अधिकारियों ने इसे दोबारा लाने के बजाय कानूनी रूप देने का फैसला किया है, ताकि यह नियम अधिक प्रभावी और स्थायी बन सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए प्रावधान के तहत उन मेडिकल ग्रेजुएट्स को रेजिडेंसी सीटों में प्राथमिकता दी जाएगी, जिनका ओंटारियो से पहले से जुड़ाव रहा है—चाहे उन्होंने वहीं पढ़ाई की हो, काम किया हो या किसी अन्य रूप में वहां समय बिताया हो। इस नीति का मकसद ऐसे उम्मीदवारों को बढ़ावा देना है, जो लंबे समय तक प्रांत की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रह सकें।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, मेडिकल रेजिडेंसी में आवेदन करने वाले विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए कुछ नई शर्तें तय की जा सकती हैं। खास तौर पर रेजिडेंसी मैचिंग के पहले राउंड में हिस्सा लेने के लिए उम्मीदवारों को ओंटारियो से अपने संबंध साबित करने होंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए आवेदकों को यह दिखाना जरूरी होगा कि उनका प्रांत से वास्तविक जुड़ाव रहा है। उदाहरण के तौर पर, उम्मीदवार ने ओंटारियो में कम से कम दो साल तक स्कूली शिक्षा हासिल की हो, या किसी स्थानीय यूनिवर्सिटी में दो वर्षों तक पढ़ाई की हो। इसके अलावा, यह भी एक विकल्प हो सकता है कि उन्होंने रेजिडेंसी के लिए आवेदन करने से पहले कम से कम 24 हफ्तों तक ओंटारियो में निवास किया हो।
इन शर्तों का उद्देश्य उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना है, जिनका प्रांत के साथ पहले से संबंध रहा है और जो भविष्य में वहीं काम करने की संभावना रखते हैं। इससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

