कनाडा में विवादित विचारों के लिए जानी जाने वाली शिक्षाविद Frances Widdowson को वीकेंड पर University of Lethbridge में घुसने पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने उन्हें कैंपस से बाहर निकाला और 600 डॉलर का जुर्माना लगाया।
यूनिवर्सिटी ने बताया कि उन पर पहले से ही कैंपस में आने पर रोक थी। यह बैन फरवरी में तब लगाया गया था, जब उन्होंने बिना अनुमति एक कार्यक्रम किया था, जिसका काफी विरोध हुआ था।
यूनिवर्सिटी के अनुसार, Frances Widdowson को 20 अप्रैल को लिखित रूप में याद दिलाया गया था कि उन पर लगा कैंपस में आने का प्रतिबंध अभी भी लागू है।
इसके बावजूद 24 अप्रैल 2026 को उन्होंने नियम तोड़ते हुए गाड़ी लेकर University of Lethbridge कैंपस में प्रवेश किया।
यूनिवर्सिटी के बयान के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें गाड़ी में ही रोका, नोटिस के बारे में फिर से बताया और दोबारा कैंपस में न आने की चेतावनी दी।
अगले दिन Frances Widdowson फिर से University of Lethbridge कैंपस पहुंच गईं। यूनिवर्सिटी सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें अतिक्रमण नोटिस के बारे में बताया और कैंपस छोड़ने को कहा, लेकिन जब उन्होंने मना कर दिया तो पुलिस को बुलाया गया और नियम लागू किया गया।
अक्सर विरोध का सामना करती हैं विडोसन
विडोसन ने CBC News से बातचीत में कहा कि उन्होंने पहले ही यूनिवर्सिटी को छात्रों से मिलने के अपने प्लान के बारे में बता दिया था, जिसके बाद उन्हें फरवरी में जारी नोटिस की जानकारी दी गई।
उन्होंने दावा किया, “मैंने फरवरी में कोई व्यवधान नहीं पैदा किया था। उल्टा यूनिवर्सिटी ने सभी को ईमेल भेजकर माहौल खराब किया, जिससे कुछ छात्र मेरे खिलाफ हो गए।”
विडोसन का कहना है कि उन्हें यह अतिक्रमण नोटिस सही नहीं लगा, इसलिए वह कैंपस गईं। उन्होंने बताया कि जब सुरक्षा कर्मचारी पहुंचे, तब वह कैफेटेरिया में बैठी थीं और उन्होंने साफ कह दिया कि वह वहां से नहीं जाएंगी।
Frances Widdowson ने यूनिवर्सिटी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सभी को ईमेल भेजकर माहौल बिगाड़ा गया, जिसके बाद कुछ छात्र उनके खिलाफ हो गए और उन्हें रोकने की कोशिश करने लगे।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगा अतिक्रमण नोटिस सही नहीं है, इसलिए वह कैंपस चली गईं।
विडोसन के मुताबिक, जब सुरक्षा कर्मी पहुंचे, तब वह कैफेटेरिया में बैठी थीं और उन्होंने साफ कह दिया कि वह वहां से नहीं जाएंगी।
इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उनका दावा है कि पुलिस ने उन्हें हथकड़ी लगाई और जबरन बाहर ले जाकर पुलिस वाहन में बैठा दिया।
विडोसन ने इस पूरी घटना को “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि University of Lethbridge अब एक शैक्षणिक संस्थान की तरह व्यवहार नहीं कर रहा है।