कनाडा

Canada New Rule: बिना वर्क परमिट जॉब की अनुमति, जानें किन लोगों को मिलेगा लाभ

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कनाडा में नौकरी करने के लिए आमतौर पर विदेशी कर्मचारियों को वर्क परमिट लेना अनिवार्य होता है। यह परमिट नौकरी के प्रकार और कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर जारी किया जाता है, जिसकी अवधि सामान्यतः छह महीने से लेकर तीन साल तक हो सकती है। लेकिन कई बार ऐसी स्थिति भी आती है जब कर्मचारी का वर्क परमिट समाप्त होने वाला होता है और उसे इसे आगे बढ़ाने की जरूरत पड़ती है।

ऐसे मामलों में, जब वर्कर अपने परमिट के एक्सटेंशन के लिए आवेदन करता है, तो उसे सरकार की ओर से एक अस्थायी दस्तावेज दिया जाता है, जिसे ‘वर्क ऑथराइजेशन सपोर्ट लेटर’ या WP-EXT कहा जाता है। यह लेटर इस बात की अनुमति देता है कि कर्मचारी का आवेदन प्रोसेस होने तक वह अपने काम को जारी रख सके।

अब सरकार ने इस WP-EXT लेटर की वैधता अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। इसका सीधा फायदा उन विदेशी कामगारों को मिलेगा, जो अपने वर्क परमिट के नवीनीकरण की प्रक्रिया में हैं। नई व्यवस्था के तहत वे पहले की तुलना में अधिक समय तक बिना नए परमिट के इंतजार किए काम जारी रख सकेंगे।

इस बदलाव का उद्देश्य प्रोसेसिंग में लगने वाले समय के दौरान कर्मचारियों को राहत देना है, ताकि उनकी नौकरी और आय प्रभावित न हो। साथ ही, इससे कंपनियों को भी अपने कर्मचारियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी और कामकाज में बाधा नहीं आएगी।

सीआईसी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा सरकार ने WP-EXT (वर्क ऑथराइजेशन सपोर्ट लेटर) की वैधता अवधि को बढ़ाकर 365 दिन कर दिया है। यह बदलाव खास तौर पर उन विदेशी कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जिनके पास पहले से वैध वर्क परमिट था और जिन्होंने उसके नवीनीकरण के लिए समय रहते आवेदन कर दिया है, लेकिन अब तक उन्हें नया परमिट जारी नहीं हुआ है।

ऐसे मामलों में सरकार आवेदकों को WP-EXT लेटर प्रदान करती है, जो यह अनुमति देता है कि उनका आवेदन प्रक्रिया में रहने के दौरान वे अपना काम जारी रख सकें। अब इस लेटर की अवधि एक साल तक बढ़ा दिए जाने से ये वर्कर्स बिना नए वर्क परमिट का इंतजार किए लंबे समय तक अपनी नौकरी जारी रख पाएंगे।

दरअसल, जब कोई वर्कर अपने वर्क परमिट के एक्सटेंशन के लिए आवेदन करता है, तो वह ‘मेंटेन स्टेटस’ में आ जाता है। इसका मतलब है कि जब तक उसके आवेदन पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक वह अपने पुराने परमिट की शर्तों के अनुसार काम करता रह सकता है। नई व्यवस्था के तहत WP-EXT लेटर की बढ़ी हुई वैधता ऐसे कर्मचारियों को ज्यादा स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करेगी।

इस फैसले से न केवल वर्कर्स को राहत मिलेगी, बल्कि नियोक्ताओं को भी फायदा होगा, क्योंकि वे अपने अनुभवी कर्मचारियों को बिना किसी रुकावट के काम पर बनाए रख सकेंगे। कुल मिलाकर, यह कदम इमिग्रेशन प्रक्रिया को अधिक लचीला और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक अहम बदलाव माना जा रहा है।

नए नियमों में सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि WP-EXT (वर्क ऑथराइजेशन सपोर्ट लेटर) की बढ़ाई गई वैधता हर किसी पर लागू नहीं होगी। इसका लाभ केवल उन विदेशी कामगारों को मिलेगा, जिन्होंने अपना मौजूदा वर्क परमिट समाप्त होने से पहले ही उसके नवीनीकरण के लिए आवेदन कर दिया था। साथ ही, उन्हें ‘मेंटेन स्टेटस’ के तहत काम जारी रखने की अनुमति भी मिली हुई होनी चाहिए, जब तक कि उनके नए वर्क परमिट पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता।

पहले इस WP-EXT लेटर की वैधता केवल 180 दिनों तक सीमित थी, जिससे कई वर्कर्स को अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 365 दिन कर दिया गया है, यानी पहले की तुलना में इसकी अवधि लगभग दोगुनी हो गई है। इससे आवेदन प्रक्रिया के दौरान कामगारों को अधिक समय और स्थिरता मिलेगी।

इस बदलाव के साथ ही इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर संबंधित दिशानिर्देशों को भी अपडेट कर दिया है, ताकि अधिकारियों और आवेदकों दोनों को नई प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

कुल मिलाकर, यह नया नियम उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जो वर्क परमिट के नवीनीकरण के इंतजार में थे। अब वे बिना किसी व्यवधान के अपनी नौकरी जारी रख सकेंगे और उन्हें प्रोसेसिंग में देरी की चिंता भी कम होगी।

WP-EXT (वर्क ऑथराइजेशन सपोर्ट लेटर) उस समय जारी किया जाता है, जब कोई विदेशी कर्मचारी कनाडा के भीतर रहते हुए अपने वर्क परमिट के नवीनीकरण के लिए आवेदन करता है और उसका आवेदन प्रक्रिया में होता है। इस लेटर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि संबंधित वर्कर ‘मेंटेन स्टेटस’ में है, जैसा कि इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी प्रोटेक्शन रेगुलेशंस (IRPR) की धारा 186 के तहत निर्धारित किया गया है।

मेंटेन स्टेटस का मतलब यह होता है कि यदि किसी कर्मचारी ने अपने मौजूदा वर्क परमिट की अवधि खत्म होने से पहले ही उसके एक्सटेंशन के लिए आवेदन कर दिया है, तो वह अपने पुराने परमिट की शर्तों के अनुसार काम जारी रख सकता है। यानी, भले ही उसका परमिट औपचारिक रूप से एक्सपायर हो चुका हो और नया परमिट अभी जारी न हुआ हो, फिर भी उसे काम करने की अनुमति बनी रहती है, जब तक कि इमिग्रेशन विभाग
(IRCC) उसके आवेदन पर अंतिम फैसला नहीं ले लेता।

नए नियमों के अनुसार, WP-EXT लेटर स्वयं में वर्क परमिट या सीधी कार्य अनुमति नहीं देता, बल्कि यह एक आधिकारिक प्रमाण के रूप में काम करता है। यह दस्तावेज यह दिखाने के लिए होता है कि संबंधित वर्कर को कानून के तहत काम जारी रखने की अनुमति है और वह वैध स्थिति में है।

इस तरह, WP-EXT लेटर उन कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन जाता है, जो अपने नए वर्क परमिट का इंतजार कर रहे होते हैं। इससे न केवल उनकी नौकरी जारी रहती है, बल्कि नियोक्ताओं को भी यह भरोसा मिलता है कि उनका कर्मचारी नियमों के दायरे में रहकर काम कर रहा है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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