कनाडा

कनाडा में फायरिंग-उगाही पर सख्ती, 2 भारतीयों को देश से निकाला

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कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में लगातार बढ़ रहे फायरिंग, उगाही और गैंग से जुड़े अपराधों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर सरे शहर में हाल के महीनों में व्यापारियों और स्थानीय लोगों को निशाना बनाने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रांतीय सरकार और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त अभियान शुरू किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, संगठित अपराध और एक्सटॉर्शन नेटवर्क पर लगाम लगाने के लिए विशेष जांच टीमें बनाई गई हैं, जबकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कई इलाकों में पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है। सरकार का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा और कारोबारी माहौल को सुरक्षित बनाए रखने के लिए किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रभजोत सिंह और लवबीर सिंह नाम के दो भारतीय नागरिकों को जांच के दौरान हिरासत में लिया गया था। इन दोनों पर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में संलिप्त होने का संदेह जताया गया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया।

मामले की आगे जांच और इमिग्रेशन रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद कनाडाई अधिकारियों ने दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया। इमिग्रेशन नियमों और सुरक्षा मानकों के आधार पर हुई समीक्षा के बाद आखिरकार दोनों नागरिकों को कनाडा से डिपोर्ट कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार अब पहले से ज्यादा सख्त रुख अपना रही है और कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में सरे और उसके आसपास के इलाकों में गोलीबारी, धमकी भरे कॉल और उगाही से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन घटनाओं ने स्थानीय कारोबारियों और निवासियों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। कई मामलों में व्यापारियों को फोन और सोशल मीडिया के जरिए धमकियां देकर पैसों की मांग किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

इसी बढ़ते अपराध के सिलसिले में क्रिसेंट बीच इलाके में हुई एक हालिया घटना ने पुलिस और प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी। अधिकारियों का कहना है कि संगठित गैंग नेटवर्क और उगाही गिरोहों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ संदिग्ध लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें तैनात की हैं।

प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

एक अलग मामले में पुलिस को इलाके में गोली चलने की सूचना मिली, जिसके बाद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने एक वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से एक लोडेड पिस्तौल बरामद की गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई इलाके में बढ़ रही हिंसक घटनाओं और अवैध हथियारों के इस्तेमाल को रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा थी। बरामद हथियार को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक घटना में हुआ था या नहीं।

इस मामले में पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों से पूछताछ की जा रही है और उनके संभावित आपराधिक संबंधों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के पीछे किसी संगठित गिरोह या उगाही नेटवर्क का हाथ तो नहीं है।

कनाडाई जांच एजेंसियों के अनुसार, उगाही और संगठित अपराध से जुड़े गिरोह अब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तकनीकी और संगठित तरीके अपना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये नेटवर्क अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एन्क्रिप्टेड मोबाइल ऐप, गुप्त डिजिटल प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी पहचान करना और उन तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, अपराधी अक्सर ऐसे सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं जिनमें बातचीत को ट्रैक करना आसान नहीं होता। इसके अलावा धमकी भरे संदेश, उगाही की मांग और आपराधिक योजनाओं का संचालन भी डिजिटल माध्यमों के जरिए किया जा रहा है। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि गिरोह अलग-अलग देशों में बैठे अपने सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं और सीमा पार से नेटवर्क संचालित करते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने अपराध के तौर-तरीकों को बदल दिया है। इसी वजह से अब पुलिस और साइबर जांच एजेंसियां डिजिटल निगरानी, ऑनलाइन ट्रैकिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए इन नेटवर्क्स पर शिकंजा कसने की कोशिश कर रही हैं। सरकार का मानना है कि संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ आधुनिक तकनीकी जांच को भी मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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