कनाडा

कार्नी-ट्रंप बातचीत: व्यापार समझौते में शर्तें और धैर्य क्यों अहम हैं

📷 StudioX News graphic. Not a photograph of the event.
Harnaik Singh Rathor
By Harnaik Singh Rathor
Founder & Editor-in-Chief, StudioX News

The Weekly Voice के एक राय लेख के अनुसार, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ताज़ा बातचीत कनाडा की व्यापार रणनीति के लिए अहम संकेत है। कार्नी ने 1 नवंबर को इस बातचीत को अच्छी बातचीत बताया।

StudioX News: कार्नी-ट्रंप बातचीत: व्यापार समझौते में शर्तें और धैर्य क्यों अहम हैं
कार्नी-ट्रंप बातचीत: व्यापार समझौते में शर्तें और धैर्य क्यों अहम हैं 6

कार्नी के कार्यालय ने The Canadian Press को बताया कि यह बातचीत शनिवार को हुई। कार्नी के अनुसार चर्चा एक संभावित समझौते पर थी, जो रोज़गार और घरेलू खर्च को सहारा दे और साथ ही कनाडा की संप्रभुता, संस्कृति और भाषाओं का सम्मान करे। दोनों पक्षों की वार्ता टीमें आने वाले हफ्तों में अपना काम जारी रखेंगी।

शर्तें ही असली मुद्दा हैं

लेख के अनुसार कोई भी दोस्ताना बातचीत वार्ता को आगे बढ़ा सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि समझौते की शर्तें कनाडा के लोगों को फायदा देती हैं या नहीं। लेखक का मानना है कि कार्नी ने यह फर्क साफ़ रखकर सही किया है।

कार्नी की स्थिति पहले भी परखी जा चुकी है। लेख के मुताबिक अगस्त में कनाडा ने अमेरिकी प्रस्ताव ठुकरा दिए थे, जिन्हें कार्नी ने कनाडा की संप्रभुता, फ्रेंच भाषा की सुरक्षा और ऑटो उद्योग के लिए खतरा बताया था। इसके बाद टैरिफ बढ़े, जिससे यह इनकार महंगा साबित हुआ।

26 अक्टूबर को कार्नी ने कहा था कि हुई प्रगति से पता चलता है कि वॉशिंगटन कनाडा की स्थिति के करीब आ रहा है। लेख इसे कार्नी का अपना आकलन बताता है, न कि हर रियायत की स्वतंत्र पुष्टि। 31 अक्टूबर को Politico को दिए एक इंटरव्यू में कार्नी ने कहा कि वे खराब समझौते को ठुकरा देंगे, भले ही बेहतर शर्तों के लिए अमेरिका में किसी और प्रशासन का इंतज़ार करना पड़े।

यूरोप के साथ नए विकल्प

30 अक्टूबर को कनाडा और यूरोपीय संघ ने ‘Alliance for the Future’ की घोषणा की, जिसके तहत गहरे आर्थिक और सुरक्षा सहयोग की योजना है। संयुक्त बयान में डिजिटल व्यापार पर महत्वपूर्ण वार्ताओं के पूरा होने की पुष्टि भी की गई है।

लेख का तर्क है कि जितने ज़्यादा बाज़ार और निवेश साझेदार होंगे, कनाडा किसी एक देश के दबाव के प्रति उतना कम संवेदनशील होगा। लेख यह भी मानता है कि यूरोप अमेरिकी बाज़ार की जगह रातों-रात नहीं ले सकता, फिर भी ये संबंध कनाडा को वॉशिंगटन के अगले फैसले का इंतज़ार करने के अलावा एक व्यावहारिक दिशा देते हैं।

भारतीय-कनाडाई परिवारों के लिए इसका मतलब

लेख साफ़ कहता है कि इस बातचीत से अभी कोई पूरा समझौता घोषित नहीं हुआ है, और कार्नी अमेरिका के अगले फैसले को नियंत्रित नहीं कर सकते। लेख के अनुसार कनाडा के कामगारों और व्यवसायों को व्यापार विवाद से ठोस राहत मिलनी चाहिए।

इसलिए परिवारों के लिए असली असर अंतिम शर्तों, उनकी टिकाऊपन और वार्ता के दौरान मिलने वाले सहारे पर निर्भर करेगा। नौकरी, घरेलू खर्च और ऑटो क्षेत्र से जुड़े परिवार आने वाले हफ्तों में नई घोषणाओं पर नज़र रखें।

Source: The Weekly Voice (lead)

QIpfrv p 400x400

Harnaik Singh Rathor is the Founder, Publisher, and Editor-in-Chief of StudioX News Canada, Canada's multilingual digital news network serving multilingual diaspora communities across Canada. With a background in media production, public relations, and multicultural communications, he founded StudioX Film and TV Corporation to bridge the gap between mainstream Canadian media and the country's diverse immigrant communities. He is a member of the Canadian Association of Journalists (CAJ), RTDNA Canada, CPRS Vancouver, NEPMCC, and the Canadian Freelance Union (Unifor). Based in Surrey, British Columbia. | LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/harnaiksinghrathor/ | Muck Rack: https://muckrack.com/harnaiksinghrathor | Email: editor@studioxnews.ca

Follow StudioX Hindi News:

Related Stories