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बंगाल के मुख्यमंत्री ने छोटो अंगारिया और नंदीग्राम मामले फिर खोलने की घोषणा की

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Harnaik Singh Rathor
By Harnaik Singh Rathor
Founder & Editor-in-Chief, StudioX News

हिंदुस्तान टाइम्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को घोषणा की कि वह 2001 के छोटो अंगारिया नरसंहार और 2007 की नंदीग्राम गोलीबारी से जुड़े मामले फिर से खोलेंगे। इन दोनों घटनाओं में कुल मिलाकर लगभग 19 लोगों की मौत हुई थी।

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बंगाल के मुख्यमंत्री ने छोटो अंगारिया और नंदीग्राम मामले फिर खोलने की घोषणा की 6

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री ने गढ़बेता में भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि छोटो अंगारिया नरसंहार में शामिल लोगों के खिलाफ मामले दोबारा खोले जाएंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि नंदीग्राम में हमला करने वाले लोगों ने पश्चिम मेदिनीपुर के गढ़बेता स्थित सीपीआई (एम) के पार्टी कार्यालय से हथियार इकट्ठा किए थे। उनके अनुसार किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने पश्चिम मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक से एक पूर्व सीपीआई (एम) नेता को ढूंढने को भी कहा। उस नेता का नाम कई राजनीतिक हिंसा के मामलों में सामने आ चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उसे जेल में देखना चाहते हैं।

2001 और 2007 की घटनाएं

रिपोर्ट के अनुसार, छोटो अंगारिया में 4 जनवरी 2001 को एक घर के भीतर कम से कम पांच ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) समर्थकों की मौत हुई। आरोप है कि इसके लिए सीपीआई (एम) के कार्यकर्ता जिम्मेदार थे। उस समय सुवेंदु अधिकारी एआईटीसी के नेता थे। इस मामले में सीपीआई (एम) के दो आरोपी 2009 में मिदनापुर की एक अदालत से बरी हो गए थे।

नंदीग्राम में 14 मार्च 2007 को भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में कम से कम 14 ग्रामीणों की मौत हुई थी। उसी साल बाद में फिर से झड़पें हुईं, जो बाद में “ऑपरेशन सनराइज़” के नाम से जानी गईं। इन झड़पों में आरोप है कि सीपीआई (एम) के कथित कार्यकर्ता खोई हुई ज़मीन वापस पाने की कोशिश कर रहे थे।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने एआईटीसी और सीपीआई (एम) पर राज्य में अशांति पैदा करने के लिए हाथ मिलाने का आरोप लगाया। यह एक राजनीतिक आरोप है, जिसकी पुष्टि रिपोर्ट में नहीं हुई है।

इस पर सीपीआई (एम) नेता सुजन चक्रवर्ती ने पलटवार किया। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री में कम्युनिस्ट नेताओं को समझने की योग्यता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी भी अपने पूर्ववर्ती की तरह पुलिस को कानून के बजाय अपनी मर्जी से चलाना चाहते हैं। उन्होंने चुनौती दी कि अगर मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो वह सीपीआई (एम) के नेताओं को जेल भेजकर दिखाएं।

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इन मामलों में अभी तक किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है और सभी आरोपी कानून की नज़र में निर्दोष माने जाने चाहिए।

Source: Hindustan Times India

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Harnaik Singh Rathor is the Founder, Publisher, and Editor-in-Chief of StudioX News Canada, Canada's multilingual digital news network serving multilingual diaspora communities across Canada. With a background in media production, public relations, and multicultural communications, he founded StudioX Film and TV Corporation to bridge the gap between mainstream Canadian media and the country's diverse immigrant communities. He is a member of the Canadian Association of Journalists (CAJ), RTDNA Canada, CPRS Vancouver, NEPMCC, and the Canadian Freelance Union (Unifor). Based in Surrey, British Columbia. | LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/harnaiksinghrathor/ | Muck Rack: https://muckrack.com/harnaiksinghrathor | Email: editor@studioxnews.ca

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