बीबीसी न्यूज़ हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में ईसाई समुदाय के लोगों पर हमलों और धर्म बदलने के दबाव के कई आरोप सामने आए हैं। इनमें पूर्वी मिदनापुर के पांशकुड़ा और पश्चिम मिदनापुर के चंद्रकोना के मामले शामिल हैं।

पांशकुड़ा में परिवार का आरोप
पांशकुड़ा में एक ईसाई परिवार ने आरोप लगाया है कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के सदस्य बताने वाले कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की। हमले में घायल हुईं पार्वती हेम्ब्रम सोरेन ने बीबीसी न्यूज़ बांग्ला को बताया कि सोमवार रात उनका परिवार एक साथ प्रार्थना की तैयारी कर रहा था।
उनके अनुसार, नशे में बताए गए 30 से ज़्यादा लोग जबरन घर में घुस आए। उनका आरोप है कि उन्होंने उनके बाल पकड़कर पीटा और परिवार के सदस्यों से फ़ोन छीनने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि हमलावरों ने उनके पति को गालियां दीं और उनकी बहनों पर हाथ उठाया।
परिवार का कहना है कि 11 अक्तूबर को भी यही लोग उनके घर आए थे और ईसाई धर्म छोड़ने की धमकी दी थी। आरोप है कि उन पर तुलसी मंच और मनसा मंदिर बनाने का दबाव डाला गया। परिवार ने इनकार किया तो उन्हें बिजली, पानी, राशन और आयुष्मान भारत योजना का लाभ रोकने की धमकी दी गई।
पार्वती सोरेन ने बताया कि हमलावरों ने दोबारा 50 से 100 लोगों के साथ आने की धमकी दी है। सुरक्षा के कारण परिवार अब एक रिश्तेदार के घर में रह रहा है। परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन उनके अनुसार पुलिस ने अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया है।
पांशकुड़ा थाने के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें लिखित शिकायत मिली है, लेकिन अभी तक एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई है। उनके अनुसार जांच अधिकारी फ़िलहाल मामले की जांच कर रहे हैं।
चंद्रकोना में महिला से जुड़ा मामला
पश्चिम मिदनापुर के चंद्रकोना में 18 से 20 अक्तूबर के बीच हुई घटनाओं में कई परिवारों ने बजरंग दल के सदस्य बताए जाने वाले लोगों पर हमले के आरोप लगाए हैं। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उनके साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उन्हें जबरन एक पूजा मंडप में ले जाया गया, जहां धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया गया।
महिला ने पुलिस में दर्ज शिकायत में लिखा है कि 18 अक्तूबर को कुछ लोग उनके घर आए और उन्हें प्रभु ईसा मसीह के प्रति आस्था छोड़ने के लिए धमकाया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार के साथ मारपीट की गई। हमले में घायल होने के बाद से उनकी तबीयत ख़राब है और उनका इलाज चल रहा है।
महिला ने शिकायत में यह भी लिखा है कि वे अब भी धमकी दे रहे हैं और उन्हें डर है कि उनके या परिवार के साथ कोई गंभीर घटना हो सकती है।
पुलिस ने इस मामले में 20 अक्तूबर को एफ़आईआर दर्ज की है। इसमें हत्या की कोशिश, घर में घुसना, जानबूझकर चोट पहुंचाना, आपराधिक धमकी और छेड़छाड़ सहित कई धाराएं दर्ज की गई हैं। एफ़आईआर में नामज़द 13 अभियुक्त स्थानीय निवासी बताए गए हैं।
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है, लेकिन पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण अब तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है। दोनों घटनाओं में पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप भी लगे हैं।
विश्व हिंदू परिषद का पक्ष
विश्व हिंदू परिषद के नेता चंद्रनाथ दास ने बीबीसी न्यूज़ बांग्ला से कहा कि बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद पर लगे हमलों के आरोप ग़लत हैं। उनका दावा है कि संगठन न किसी पर हमला करता है और न ही क़ानून अपने हाथ में लेता है। ये दावे अभी आरोपों के रूप में हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि, उन्होंने माना कि उनका संगठन पश्चिम बंगाल के गांवों में धार्मिक शिक्षा के ज़रिए ईसाइयों और मुसलमानों को हिंदू धर्म अपनाने के लिए अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा, “कोई भी ईसाई नहीं बनेगा”।
इस साल मई में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ईसाई समुदाय पर हमलों की कई ख़बरें सामने आई हैं। शोध संस्था इंडिया हेट लैब के विश्लेषण के अनुसार, 13 मई से 20 सितंबर के बीच 13 ज़िलों में ईसाइयों पर हमलों की 60 घटनाएं दर्ज की गईं।
स्रोत: BBC News Hindi
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