भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दो दिवसीय दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में वहां के नेतृत्व से मुलाकात की। यह जानकारी हिंदुस्तान टाइम्स इंडिया की रिपोर्ट से मिली है। दौरे का मुख्य फोकस पश्चिम एशिया में भारत के सबसे करीबी साझेदारों में से एक के साथ आर्थिक जुड़ाव और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना था।

अबू धाबी में अहम बातचीत
मिसरी 1 और 2 नवंबर को यूएई में रहे। उन्होंने अबू धाबी में रीम अल हाशिमी से बातचीत की, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए राज्य मंत्री और भारत के लिए यूएई के विशेष दूत हैं। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और सहयोग के नए रास्ते तलाशे। क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक बयान में इन बातचीत की जानकारी दी।
संस्कृति, पर्यटन और निवेश पर चर्चा
मिसरी ने अबू धाबी के संस्कृति और पर्यटन विभाग के अध्यक्ष मोहम्मद खलीफा अल मुबारक से भी मुलाकात की। इस बातचीत में संस्थागत संबंधों को करीब लाने और सांस्कृतिक व रचनात्मक आदान-प्रदान में नए अवसर खोजने पर बात हुई। इसमें हाउस ऑफ इंडिया का जिक्र भी आया, जो भारतीय कला, इतिहास और विरासत को दिखाने के लिए प्रस्तावित एक संग्रहालय है। पर्यटन पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा मिसरी ने अबू धाबी के वित्त विभाग के अध्यक्ष और L’Imad Holding Company के ग्रुप सीईओ जस्सेम मोहम्मद बू अताबा अल जाबी से बात की। इस बातचीत का केंद्र निवेश प्रवाह बढ़ाने और लंबी अवधि की व्यावसायिक साझेदारियां बनाने के लिए आर्थिक जुड़ाव को आगे बढ़ाना रहा।
द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों के बीच नियमित, उच्च-स्तरीय संवाद का हिस्सा था। इससे व्यापक रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति का आकलन करने का मौका मिला। मंत्रालय ने कहा कि इससे भारत और यूएई के रिश्तों की नींव बनाने वाले आपसी विश्वास और रणनीतिक समानता की भी पुष्टि हुई, और दोनों पक्ष साझेदारी को और गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
स्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स इंडिया
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