हिन्दुस्तान टाइम्स एंटरटेनमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को अवैध अपलोड, पाइरेसी और स्ट्रीमिंग से बचाने के लिए एक अंतरिम सुरक्षा आदेश जारी किया है। गोडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति माधव जामदार ने यह आदेश दिया। यह कंपनी भारत और विदेशों में फिल्म के कॉपीराइट और शोषण अधिकारों का प्रबंधन करती है।

पाइरेसी और लीक का खतरा
अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, फिल्म के पहले भाग का बजट ₹2,000 करोड़ है, जबकि दोनों फिल्मों की कुल लागत ₹4,000 करोड़ है। कड़ी सुरक्षा और गैर-प्रकटीकरण समझौतों के बावजूद, इससे पहले दोनों ट्रेलरों के फुटेज चुपचाप रिकॉर्ड कर ऑनलाइन प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया था। फिल्म के दुनिया भर में 5 नवंबर को रिलीज होने से पहले, कंपनी ने अनधिकृत शेयरिंग को रोकने के लिए अदालत का रुख किया।
न्यायाधीश माधव जामदार ने इस बात को स्वीकार किया कि फिल्म या उसके कुछ हिस्सों को बिना अनुमति रिकॉर्ड करने और अपलोड करने की वास्तविक आशंका है। अदालत ने अज्ञात व्यक्तियों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों को बिना अनुमति के फिल्म को रिकॉर्ड करने, अपलोड करने या स्ट्रीम करने से रोक दिया है। इसके अलावा, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया गया है कि वे मेकर्स द्वारा सूचना दिए जाने पर पाइरेटेड सामग्री को हटाएं।
फिल्म की स्टार कास्ट और रिलीज
नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित ‘रामायण: पार्ट 1’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी सीता के रूप में, यश रावण के रूप में, सनी देओल हनुमान के रूप में और रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में नजर आएंगे। यह महाकाव्य फिल्म 5 नवंबर को दुनिया भर में सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है, और इसका दूसरा भाग दिवाली 2027 के लिए योजनाबद्ध है।
Source: Hindustan Times Entertainment
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