नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नवंबर के अंत में भारत आने की संभावना है। यह जानकारी हिंदुस्तान टाइम्स इंडिया की रिपोर्ट में मामले से जुड़े लोगों के हवाले से दी गई है। इन लोगों ने शनिवार को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शाह करीब 22 नवंबर को भारत आ सकते हैं। यह प्रधानमंत्री के रूप में उनकी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी।

दौरे की तैयारी के लिए भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी अगले सप्ताह काठमांडू जाएंगे।
मिसरी 4 नवंबर को नेपाल में
रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में भारत के नामित राजदूत, वरिष्ठ करियर राजनयिक सुधाकर दलेला, अगले सप्ताह की शुरुआत में काठमांडू पहुंचेंगे। उसके बाद 4 नवंबर को मिसरी नेपाल जाएंगे।
मिसरी शाह की यात्रा का एजेंडा तय करने में मदद करेंगे। इसके अलावा वे नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा भी करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक मिसरी मई में भी नेपाल जाने वाले थे, लेकिन वह यात्रा टल गई। खबरों में कहा गया था कि शाह विदेश सचिव से मुलाकात के लिए तैयार नहीं थे।
व्यापार और संपर्क पर रहेगा जोर
नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) द्विपक्षीय रिश्तों में नई शुरुआत की बात कर रही है। इसी संदर्भ में दोनों पक्षों के इन मुद्दों पर ध्यान देने की उम्मीद है:
- व्यापार और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाना
- हवाई, सड़क और डिजिटल संपर्क
- सीमा सुरक्षा और प्रबंधन में सुधार
- रोजगार और शिक्षा के अवसर
- मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों का क्रियान्वयन
सूत्रों ने यह भी कहा कि यह दौरा शाह के लिए भारत के शीर्ष नेतृत्व को करीब से जानने का मौका होगा। उनकी यात्रा में भारत की मदद से चल रही कई विकास परियोजनाओं में प्रगति हो सकती है। नेपाल की अर्थव्यवस्था को सहारा देने और इस साल की भीषण अचानक आई बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण के प्रयासों के लिए नई सहायता की घोषणा भी संभव है।
शाह की विदेश यात्राएं और पिछले महीनों की हलचल
रैपर से राजनेता बने शाह मार्च में प्रधानमंत्री बने थे। रिपोर्ट के अनुसार वे तब से विदेश यात्राओं से बचते रहे हैं। उनकी एकमात्र बहुपक्षीय विदेश यात्रा सितंबर में न्यूयॉर्क की थी, जहां वे संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल हुए। रिपोर्ट उन्हें अपने अपरंपरागत कामकाज के लिए जाना जाने वाला नेता बताती है।
काठमांडू में सरकार बदलने के बाद जून की शुरुआत में आरएसपी नेता रबि लामिछाने और विदेश मंत्री शिशिर खनाल लगातार भारत आए। लामिछाने सरकार बदलने के बाद भारत आने वाले पड़ोसी देश के पहले वरिष्ठ राजनेता थे। हाल के महीनों में नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले और गृह मंत्री सुदान गुरुंग भी भारत आ चुके हैं।
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में खनाल ने कहा कि उनकी सरकार भारत-नेपाल संबंधों को भू-राजनीतिक टकराव से दूर ले जाकर विकास कूटनीति पर आधारित करना चाहती है। उनके अनुसार साझेदारी अतीत की चिंताओं में बंधी नहीं रहनी चाहिए, बल्कि साझा भविष्य की संभावनाओं से संचालित होनी चाहिए।
खनाल की यात्रा से पहले लिपियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी सीमा क्षेत्रों को लेकर विवाद उठा था, जिन पर नेपाल लंबे समय से दावा करता रहा है। शाह की कुछ टिप्पणियों से संकेत मिला था कि विवाद सुलझाने में चीन और ब्रिटेन की भूमिका हो सकती है। भारत ने किसी तीसरे पक्ष की भूमिका से इनकार किया। खनाल ने कहा कि नेपाल सीमा विवादों को मौजूदा तंत्रों के जरिए सुलझाना चाहता है।
Source: Hindustan Times India
Harnaik Singh Rathor is the Founder, Publisher, and Editor-in-Chief of StudioX News Canada, Canada's multilingual digital news network serving multilingual diaspora communities across Canada. With a background in media production, public relations, and multicultural communications, he founded StudioX Film and TV Corporation to bridge the gap between mainstream Canadian media and the country's diverse immigrant communities. He is a member of the Canadian Association of Journalists (CAJ), RTDNA Canada, CPRS Vancouver, NEPMCC, and the Canadian Freelance Union (Unifor). Based in Surrey, British Columbia. | LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/harnaiksinghrathor/ | Muck Rack: https://muckrack.com/harnaiksinghrathor | Email: editor@studioxnews.ca

