कनाडा

कनाडा का बड़ा फैसला: इमिग्रेशन नियम बदले, भारतीयों के लिए आसान हुआ रास्ता

कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन से जुड़े नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं, जिनका असर वहां जाने की योजना बना रहे लोगों, स्थायी निवास (PR) धारकों और वीजा आवेदकों पर पड़ेगा। इन नए बदलावों के तहत कुछ प्रक्रियाओं और शुल्क में संशोधन किया गया है, जिससे आवेदकों को पहले की तुलना में अलग स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

इन बदलावों में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन फीस से जुड़ा है। खास तौर पर पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। अब 10 साल के वयस्क पासपोर्ट के लिए शुल्क बढ़ाकर 163.50 कैनेडियन डॉलर कर दिया गया है, जो पहले 160 डॉलर था।

हालांकि यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन यह संकेत देती है कि कनाडा सरकार समय-समय पर अपनी सेवाओं और प्रक्रियाओं की लागत को ध्यान में रखते हुए शुल्क में संशोधन करती रहती है।

कुल मिलाकर, इन नए नियमों और शुल्क में बदलाव का असर उन सभी लोगों पर पड़ेगा जो कनाडा जाने, वहां बसने या अपने दस्तावेजों को अपडेट कराने की प्रक्रिया में हैं। इसलिए आवेदकों के लिए जरूरी है कि वे इन नए नियमों की जानकारी रखें और उसी के अनुसार अपनी तैयारी करें।

नागरिकता और पासपोर्ट फीस में बदलाव, साथ में नई प्रोसेसिंग गारंटी

कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन से जुड़े शुल्कों में कुछ और बदलाव किए हैं, जिनका असर सीधे आवेदकों पर पड़ेगा। जहां 10 साल के पासपोर्ट की फीस पहले ही बढ़ाई जा चुकी है, वहीं 5 साल के वयस्क पासपोर्ट की कीमत अब 122.50 कैनेडियन डॉलर तय की गई है।

इसके अलावा, नागरिकता से जुड़ी फीस में भी हल्की बढ़ोतरी की गई है। अब “राइट ऑफ सिटिजनशिप” के लिए आवेदकों को 123 कैनेडियन डॉलर का भुगतान करना होगा। यह बदलाव दर्शाता है कि सरकार समय-समय पर अपनी सेवाओं की लागत के अनुसार शुल्क में संशोधन करती रहती है।

हालांकि, फीस बढ़ोतरी के साथ ही सरकार ने आवेदकों को राहत देने के लिए एक नई सुविधा भी शुरू की है। अब पासपोर्ट आवेदनों के लिए 30 दिनों के भीतर प्रोसेसिंग की गारंटी दी जा रही है। इसका मतलब है कि यदि आवेदन तय समय-सीमा के अंदर पूरा नहीं होता, तो आवेदक को उसकी फीस अपने-आप वापस कर दी जाएगी।

यह सुविधा केवल उन आवेदनों पर लागू होगी, जिनमें सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से जमा किए गए हों। अगर आवेदन अधूरा है या दस्तावेजों में कमी है, तो यह गारंटी लागू नहीं होगी।

कुल मिलाकर, जहां एक ओर फीस में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर प्रोसेसिंग को तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं, जिससे आवेदकों को ज्यादा भरोसेमंद सेवा मिल सके।

सुपर वीजा नियमों में ढील, प्रांतों को मिले अधिक अधिकार

कनाडा सरकार ने अपने सुपर वीजा प्रोग्राम में कुछ अहम बदलाव किए हैं, जिससे अब इसे पहले के मुकाबले ज्यादा आसान और लचीला बना दिया गया है। नए नियमों के तहत स्पॉन्सर बनने के लिए आय से जुड़ी शर्तों में राहत दी गई है। अब आवेदक पिछले दो टैक्स वर्षों में से किसी एक वर्ष में तय आय सीमा को पूरा करके पात्रता हासिल कर सकते हैं।

इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि अब माता-पिता या दादा-दादी की आय को भी कुल आय में जोड़ा जा सकता है, ताकि आवश्यक वित्तीय मानकों को पूरा किया जा सके। इससे कई परिवारों के लिए सुपर वीजा हासिल करना पहले से अधिक आसान हो जाएगा।

सुपर वीजा के तहत माता-पिता और दादा-दादी को हर बार कनाडा आने पर पांच साल तक वहां रहने की अनुमति मिलती है, जो इसे लंबी अवधि के पारिवारिक प्रवास के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाता है।

इसके अलावा, इमिग्रेशन प्रक्रिया में प्रांतों और क्षेत्रों की भूमिका को भी मजबूत किया गया है। अब उन्हें यह तय करने के अधिक अधिकार दिए गए हैं कि कोई आवेदक स्थानीय स्तर पर बसने का इरादा रखता है या नहीं, और क्या वह आर्थिक रूप से खुद को स्थापित कर सकता है।

पहले जहां इन पहलुओं का मूल्यांकन फेडरल अधिकारी करते थे, वहीं अब यह जिम्मेदारी काफी हद तक प्रांतीय स्तर पर शिफ्ट कर दी गई है। इससे प्रांतों को अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार फैसले लेने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

कुल मिलाकर, इन बदलावों का मकसद इमिग्रेशन प्रक्रिया को अधिक लचीला, व्यावहारिक और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप बनाना है, जिससे आवेदकों और उनके परिवारों को बेहतर अवसर मिल सकें।

सेटलमेंट सेवाओं की अवधि बढ़ी, विदेशी कर्मचारियों को नौकरी में मिली अतिरिक्त छूट

कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन से जुड़े नियमों में कुछ और अहम बदलाव किए हैं, जिनका उद्देश्य नए आने वाले लोगों को बेहतर सहयोग देना और श्रम बाजार की जरूरतों को पूरा करना है। इन बदलावों के तहत अब आर्थिक श्रेणी के इमिग्रेंट्स को स्थायी निवास मिलने के बाद पहले की तुलना में ज्यादा समय तक सेटलमेंट सेवाओं का लाभ मिलेगा।

नए नियमों के अनुसार, ऐसे इमिग्रेंट्स अब पीआर मिलने के बाद छह साल तक फेडरल फंड से चलने वाली सेटलमेंट सेवाओं के लिए पात्र होंगे। ये सेवाएं उन्हें नई जगह पर बसने, नौकरी खोजने, भाषा सीखने और समाज में घुलने-मिलने में मदद करती हैं। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अप्रैल 2027 से इस समय-सीमा को घटाकर पांच साल कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे नियोक्ताओं के लिए भी नियमों में राहत दी गई है। अब वे अपने कुल कर्मचारियों में से 15 प्रतिशत तक कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारियों को नौकरी पर रख सकते हैं, जबकि पहले यह सीमा 10 प्रतिशत थी। इस बदलाव का मकसद उन इलाकों में कामगारों की कमी को दूर करना है, जहां स्थानीय स्तर पर पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध नहीं होते।

यह नई व्यवस्था फिलहाल मार्च 2027 तक लागू रहेगी और इसकी अवधि प्रांतों की भागीदारी और जरूरतों के आधार पर तय की जाएगी।

कुल मिलाकर, इन बदलावों से जहां एक ओर इमिग्रेंट्स को कनाडा में बसने के लिए ज्यादा समर्थन मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नियोक्ताओं को भी अपनी जरूरत के अनुसार कामगार रखने में अधिक लचीलापन मिलेगा।

Avatar of SNEHA SHARMA
+ posts

Follow StudioX Hindi News:

Read in other languages:

Related Stories