भारत की महिला पहलवान मनीषा भानवाला ने विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है। वह देश की पहली विश्व चैंपियन महिला पहलवान हैं। यह जानकारी अमर उजाला स्पोर्ट्स की रिपोर्ट पर आधारित है।

एशियाई खेलों की निराशा के बाद
जापान से घर लौटते ही मनीषा लोगों के निशाने पर थीं। मनीषा ने अमर उजाला को बताया कि लोग उन पर संदेह करने लगे थे और पूछते थे कि बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन अच्छा क्यों नहीं हो रहा।
वह निराश थीं, लेकिन उन्होंने ठान लिया था कि एशियाई खेलों की विफलता का जवाब विश्व चैंपियनशिप में स्वर्णिम प्रदर्शन से देंगी। उनके अनुसार यह आसान नहीं था।
इससे पहले मनीषा तीन विश्व चैंपियनशिप खेल चुकी थीं और तीनों बार खाली हाथ लौटी थीं। इस मुश्किल दौर में उन्होंने अपने पिता सुरेश को याद किया और अपनी डायरी देखी, जिसमें उन्होंने खुद को विश्व चैंपियन लिखकर रखा था।
इस बार दबाव ज्यादा था
मनीषा के मुताबिक वह 2023 की विश्व कुश्ती में 8वें, 2024 में 5वें और 2025 में 8वें स्थान पर रही थीं। पिछली बार भी उन्होंने विश्व चैंपियन बनने की उम्मीद की थी। इस बार भी वही सोच थी, लेकिन दबाव अधिक था।
लोगों की अलग-अलग बातें सुनकर वह इस बार और ज्यादा फोकस रहीं।
प्रेरणा और अगला लक्ष्य
मनीषा तीन हस्तियों से बेहद प्रभावित हैं। उन्हें पहलवान सुशील कुमार की जीतने की जिद, फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो और टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका की जूझने की क्षमता पसंद है।
बचपन में सुशील कुमार को देखकर उन्होंने उनके जैसा बड़ा पहलवान बनने का सपना देखा था। सबालेंका को उन्होंने चार साल पहले से पसंद करना शुरू किया। एशियाड में हार के समय सबालेंका यूएस ओपन में हारी थीं, और अब सबालेंका उन्हें वापसी करना सिखाती हैं।
मनीषा विश्व चैंपियन बन चुकी हैं, लेकिन उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पदक जीतना है।
Source: Amar Ujala Sports
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