AdvertisementStudioX News
भारत

₹1 लाख करोड़ की बिकवाली से बाजार हिला, विदेशी निवेशकों ने मार्च में किया बड़ा एग्जिट

📷 Representational Image | If you are the rights holder and object to this use, please contact editor@studioxnews.ca
Advertisement
StudioX News
StudioX News

भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मार्च महीने में विदेशी निवेशकों (FPI) की भारी बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार, इस एक महीने में ही करीब ₹1 लाख करोड़ के शेयर बेचे गए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो माना जा रहा है। मार्च 2026 में विदेशी निवेशकों ने करीब 11 अरब डॉलर बाजार से निकाल लिए, जिससे साफ है कि वे फिलहाल भारतीय बाजार से दूरी बना रहे हैं।

इस बड़ी बिकवाली के पीछे कुछ अहम वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। जब अमेरिका में सुरक्षित निवेश पर ज्यादा रिटर्न मिलने लगता है, तो निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकाल लेते हैं। इसके अलावा रुपये की कमजोरी भी एक कारण है, क्योंकि इससे विदेशी निवेशकों को डॉलर के हिसाब से कम फायदा मिलता है और वे नुकसान से बचने के लिए पैसा निकालना बेहतर समझते हैं।

रुपये की कमजोरी से बढ़ा दबाव
मार्च में रुपया करीब 4% तक गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे विदेशी निवेशकों को दोहरी चोट लगी—एक तरफ शेयर बाजार में नुकसान और दूसरी तरफ करेंसी में गिरावट का असर।

कच्चे तेल की कीमतें चिंता का कारण
मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने हुए हैं। भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए यह स्थिति मुश्किलें बढ़ा सकती है, क्योंकि इससे महंगाई और खर्च दोनों बढ़ते हैं।

कमाई के अनुमान घटे
मार्केट एक्सपर्ट्स ने कंपनियों की कमाई के अनुमान कम करने शुरू कर दिए हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है। हालांकि गिरावट के बाद बाजार सस्ता जरूर हुआ है, लेकिन फिर भी विदेशी निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

03cfc652b72977437f4a155fae658300
+ posts

Follow StudioX Hindi News:

AdvertisementStudioX News

Related Stories