आईपीएल 2026 में MS Dhoni की गैरमौजूदगी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। चेन्नई सुपर किंग्स के इस अनुभवी खिलाड़ी ने एक बार फिर मुकाबला नहीं खेला, लेकिन इस बार उनकी अनुपस्थिति ने एक खास रिकॉर्ड को जन्म दे दिया।
दरअसल, Chennai Super Kings और Kolkata Knight Riders के बीच खेले जाने वाले मुकाबले से पहले तक आईपीएल इतिहास में दोनों टीमों का कुल 32 बार आमना-सामना हो चुका था। इन सभी मुकाबलों में धोनी हमेशा टीम का हिस्सा रहे थे और मैदान पर नजर आए थे।
हालांकि, IPL 2026 के 22वें मैच में पहली बार ऐसा देखने को मिला जब धोनी कोलकाता के खिलाफ मैच में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बने। यह एक ऐसा पल था जिसने फैंस को चौंका दिया, क्योंकि इतने लंबे करियर में उन्होंने इस खास प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कभी मैच मिस नहीं किया था।
धोनी की गैरमौजूदगी न केवल टीम संयोजन के लिहाज से अहम मानी जा रही है, बल्कि यह उनके आईपीएल करियर के एक अलग अध्याय की ओर भी इशारा करती है। लंबे समय से टीम की अगुवाई और मैदान पर मौजूदगी के लिए पहचाने जाने वाले धोनी का इस तरह लगातार मैचों से बाहर रहना फैंस के बीच सवाल भी खड़े कर रहा है।
कुल मिलाकर, यह सिर्फ एक मैच मिस करने की बात नहीं है, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड टूटने का मामला है जो सालों से कायम था और जिसे शायद ही किसी ने बदलते हुए देखने की उम्मीद की थी।
कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में हल्का बदलाव किया और टीम संयोजन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से वरुण चक्रवर्ती को शामिल किया। उनकी वापसी से टीम की स्पिन गेंदबाजी को अतिरिक्त धार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर ऐसे हालात में जहां बीच के ओवरों में विकेट निकालना अहम होता है।
वहीं दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने पिछले संयोजन पर भरोसा जताते हुए बिना किसी बदलाव के ही मैदान में उतरने का फैसला किया। टीम मैनेजमेंट ने स्थिरता बनाए रखने की रणनीति अपनाई, लेकिन इसके बावजूद टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठते नजर आ रहे हैं।
इस सीजन में MS Dhoni अब तक एक भी मुकाबला नहीं खेल पाए हैं। उनकी अनुपस्थिति की वजह चोट बताई जा रही है, जिसने टीम संतुलन को काफी प्रभावित किया है। धोनी जैसे अनुभवी खिलाड़ी के बिना टीम को न सिर्फ फिनिशिंग में दिक्कत हो रही है, बल्कि मैदान पर नेतृत्व और रणनीतिक फैसलों में भी कमी महसूस की जा रही है।
Chennai Super Kings की बल्लेबाजी इस सीजन में अपेक्षित स्तर पर प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। मिडिल ऑर्डर में स्थिरता की कमी और दबाव के समय साझेदारी न बन पाना टीम के लिए बड़ी चिंता बन गया है। साथ ही, अनुभव की कमी भी कई अहम मौकों पर साफ दिखाई दे रही है, जहां धोनी की मौजूदगी पहले मैच का रुख बदल देती थी।
कुल मिलाकर, टीम इस समय एक ट्रांजिशन फेज से गुजरती नजर आ रही है, जहां उसे अपने संयोजन और रणनीति दोनों में संतुलन बनाने की जरूरत है।

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