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ओटावा: PM कार्नी ने गुरुद्वारे में किया लंगर सेवा, सिखों को बताया परिवार

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कनाडा में सिख हेरिटेज माह के मौके पर प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अपनी पत्नी डायना फॉक्स कार्नी के साथ ओटावा के एक गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने सिख समुदाय के साथ समय बिताया और उनकी परंपराओं व मूल्यों के प्रति सम्मान जताया।

गुरुद्वारे में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच कार्नी दंपति ने न केवल मत्था टेका, बल्कि सेवा भावना के प्रतीक लंगर में भी भाग लिया। उन्होंने स्वयं लोगों को भोजन परोसा और सामुदायिक सेवा की इस परंपरा को सराहा। यह दौरा केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि इसके जरिए उन्होंने कनाडा की बहुसांस्कृतिक पहचान और विभिन्न समुदायों के योगदान को रेखांकित करने की कोशिश की।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सिख समुदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कनाडा में उनकी उपस्थिति देश की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को मजबूत बनाती है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सिख समुदाय ने देश के विकास में अहम योगदान दिया है और कनाडा उनके लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान बना रहेगा।

यह कार्यक्रम कनाडा की उस परंपरा को भी दर्शाता है, जहां विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों को समान सम्मान दिया जाता है और उनके त्योहारों व विरासत को पूरे देश में मनाया जाता है।

गुरुद्वारे में पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और उनकी पत्नी ने सेवा की परंपरा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दोनों ने लंगर व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए श्रद्धालुओं के बीच भोजन वितरित किया। उन्होंने खुद अपने हाथों से संगत को लंगर परोसा, जो सिख परंपरा में समानता और सेवा भाव का प्रतीक माना जाता है।

इस दौरान उन्होंने न केवल लंगर सेवा की प्रक्रिया को करीब से समझा, बल्कि वहां मौजूद लोगों के साथ बातचीत भी की। कार्नी दंपति ने इस अनुभव को विशेष बताते हुए कहा कि इस तरह की सेवा लोगों को जोड़ने और समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करने का काम करती है।

उनकी इस भागीदारी ने यह संदेश भी दिया कि कनाडा जैसे बहुसांस्कृतिक देश में विभिन्न समुदायों की परंपराओं और मूल्यों को सम्मान देना कितनी अहम बात है। गुरुद्वारे में उनकी मौजूदगी और सेवा में सहभागिता को समुदाय के लोगों ने भी सराहा।

सिख विरासत माह हर साल अप्रैल में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य सिख समुदाय के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को सम्मान देना और उन्हें व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाना होता है। यह विशेष रूप से कनाडा सहित कई पश्चिमी देशों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहां सिख समुदाय की मजबूत उपस्थिति है।

इस पूरे महीने के दौरान विभिन्न कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन, प्रदर्शनियां और सामुदायिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिनके माध्यम से लोगों को सिख धर्म की मूल शिक्षाओं, इतिहास और योगदान के बारे में जानकारी दी जाती है। स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों और सार्वजनिक संस्थानों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं, ताकि नई पीढ़ी इस विरासत को बेहतर तरीके से समझ सके।

सिख विरासत माह केवल उत्सव का समय नहीं होता, बल्कि यह एक अवसर भी है जब समाज के अलग-अलग वर्ग एक-दूसरे की संस्कृति को करीब से जान पाते हैं और आपसी सम्मान व समझ को मजबूत करते हैं। इसके जरिए सिख समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक योगदान को भी पहचान दी जाती है, जो इन देशों की विविधता को और समृद्ध बनाता है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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