इमिग्रेशन

कनाडा PR पाने में मददगार मेडिकल व स्किल ट्रेड कोर्स, भारतीय छात्रों के लिए जरूरी जानकारी

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कनाडा में पढ़ाई के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या वहां पढ़ाई पूरी करने के बाद स्थायी रूप से बसने यानी परमानेंट रेजिडेंसी (PR) पाने का मौका मिलेगा या नहीं। यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में विदेशी छात्र कनाडा में PR के लिए आवेदन करते हैं।

अब तक का सामान्य रास्ता यह रहा है कि छात्र कनाडा में अपनी ग्रेजुएशन पूरी करते हैं, उसके बाद वर्क परमिट के जरिए कुछ साल का अनुभव हासिल करते हैं और फिर Canadian Experience Class (CEC) के तहत PR के लिए आवेदन करते हैं। इस प्रक्रिया के जरिए कई छात्रों को स्थायी निवास का अवसर मिलता रहा है।

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इमिग्रेशन नीतियों में बदलाव देखा गया है। अब कनाडा सरकार उन आवेदकों को अधिक प्राथमिकता दे रही है, जो देश की अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार की जरूरतों के हिसाब से जरूरी सेक्टर्स में काम कर रहे हैं।

इस बदलाव के कारण अब सिर्फ सामान्य डिग्री या किसी भी क्षेत्र का अनुभव होने पर PR पाना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। सरकार उन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दे रही है जहां स्किल्ड वर्कर्स की भारी मांग है, जिससे PR चयन प्रक्रिया और अधिक प्रतिस्पर्धी हो गई है।

कनाडा में परमानेंट रेजिडेंसी (PR) की प्रक्रिया मुख्य रूप से Express Entry सिस्टम के जरिए संचालित होती है, जिसमें कई इमिग्रेशन प्रोग्राम शामिल होते हैं, जैसे कि Canadian Experience Class (CEC) और अन्य फेडरल स्किल्ड प्रोग्राम।

पिछले कुछ समय में इस सिस्टम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसे “कैटेगरी-बेस्ड सेलेक्शन” (CBS) कहा जाता है। इस नई व्यवस्था के तहत कनाडा सरकार उन आवेदकों को प्राथमिकता दे रही है, जिनके पास देश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी स्किल्स हैं और जो श्रम बाजार की कमी को पूरा कर सकते हैं।

इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा हेल्थकेयर और स्किल्ड ट्रेड्स सेक्टर में काम करने वाले लोगों को मिल रहा है। इन क्षेत्रों में लगातार स्टाफ की कमी बनी रहती है, इसलिए सरकार ऐसे प्रोफेशनल्स को तेजी से PR देने पर फोकस कर रही है।

इसी वजह से अब छात्रों और इमिग्रेशन की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है कि वे ऐसे कोर्स चुनें जो हेल्थकेयर या ट्रेड्स सेक्टर से जुड़े हों।

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में PR की प्रतिस्पर्धा और भी बढ़ सकती है, लेकिन जिन लोगों के पास डिमांड वाले स्किल्स होंगे, उनके लिए कनाडा में स्थायी निवास पाने के अवसर पहले से ज्यादा बेहतर बने रहेंगे।

कनाडा में अब सामान्य डिग्रियों के आधार पर परमानेंट रेजिडेंसी (PR) हासिल करना पहले की तुलना में काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसकी मुख्य वजह इमिग्रेशन सिस्टम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और चयन प्रक्रिया का और अधिक सख्त होना है।

कनाडा में PR चयन के लिए मुख्य रूप से Express Entry के तहत Comprehensive Ranking System (CRS) का उपयोग किया जाता है। इस सिस्टम में उम्मीदवारों को उनके शिक्षा स्तर, वर्क एक्सपीरियंस, उम्र, भाषा कौशल और अन्य कारकों के आधार पर अंक दिए जाते हैं।

हालांकि, हाल के वर्षों में स्थिति काफी बदल गई है। Canadian Experience Class (CEC) और Provincial Nominee Program (PNP) जैसे प्रमुख रास्तों में अब बहुत अधिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।

आंकड़ों के अनुसार, CEC ड्रॉ में CRS कट-ऑफ स्कोर कई बार 515 से 547 तक पहुंच गया है, जबकि PNP में यह स्कोर 699 से लेकर 885 तक दर्ज किया गया है, जो बेहद ऊंचा माना जाता है।

इस बढ़ते स्कोर के कारण सामान्य डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों के लिए चयन प्रक्रिया कठिन होती जा रही है, क्योंकि अब केवल डिग्री नहीं बल्कि उच्च स्कोर, डिमांड वाले स्किल्स और मजबूत प्रोफाइल की आवश्यकता अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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