विदेश में उच्च शिक्षा की योजना बनाने वाले भारतीय छात्रों के लिए कनाडा लंबे समय से सबसे पसंदीदा देशों में शामिल रहा है। बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पढ़ाई के बाद रोजगार के अवसर और अपेक्षाकृत आसान वर्क परमिट प्रक्रियाओं के कारण बड़ी संख्या में छात्र हर साल कनाडा का रुख करते हैं। यही वजह है कि वर्तमान में चार लाख से अधिक भारतीय छात्र वहां विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अध्ययन कर रहे हैं।
हालांकि, बदलती तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव ने कनाडा के नौकरी बाजार की तस्वीर भी बदलनी शुरू कर दी है। कई पारंपरिक क्षेत्रों में काम करने के तरीकों में बदलाव आ रहा है, जबकि नई तकनीकी दक्षताओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में छात्रों के सामने यह चुनौती खड़ी हो गई है कि वे कौन-से कोर्स चुनें, जो भविष्य में बेहतर रोजगार और करियर सुरक्षा प्रदान कर सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर पूरी तरह खत्म नहीं होंगे, लेकिन उनकी प्रकृति जरूर बदल जाएगी। इसलिए छात्रों को अब केवल डिग्री हासिल करने के बजाय उन क्षेत्रों पर ध्यान देना होगा, जहां भविष्य में कौशल आधारित मांग लगातार बढ़ने की संभावना है।
लंबे समय से हजारों भारतीय छात्रों के लिए “कनैडियन ड्रीम” का मतलब बेहतर शिक्षा, स्थिर नौकरी और अंतरराष्ट्रीय करियर के अवसरों से रहा है। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने अब उन पारंपरिक डिग्रियों को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है, जिन्हें कभी सुरक्षित करियर की गारंटी माना जाता था। बदलते नौकरी बाजार में कई छात्र और अभिभावक यह जानना चाहते हैं कि आने वाले वर्षों में कौन-से क्षेत्र वास्तव में रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।
इस बीच, कनाडा में पढ़ाई की लागत भी लगातार बढ़ती जा रही है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए छात्रों को ट्यूशन फीस, रहने-खाने और अन्य खर्चों को मिलाकर बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। कई मामलों में शुरुआती स्तर पर ही 10 से 15 लाख रुपये या उससे अधिक की वित्तीय तैयारी जरूरी हो जाती है। ऐसे में छात्र अब केवल डिग्री के नाम पर निवेश करने के बजाय उसके भविष्य के करियर अवसरों को भी गंभीरता से परख रहे हैं।
यही वजह है कि आज सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि कनाडा में पढ़ाई करने की योजना बना रहे छात्रों को किस क्षेत्र का चयन करना चाहिए। कौन-से कोर्स ऐसे हैं जिनकी मांग आने वाले वर्षों में भी बनी रहेगी? किन क्षेत्रों में AI के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद रोजगार के अवसर मजबूत बने रहेंगे? और किस प्रकार की पढ़ाई छात्रों को बदलते वैश्विक नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रख सकती है?
इन सवालों पर स्टडी-अब्रॉड विशेषज्ञ और करियर कोच अनिल त्रिपाठी ने अपनी राय साझा की है। उनका कहना है कि छात्रों को केवल लोकप्रिय कोर्स चुनने के बजाय भविष्य की मांग, तकनीकी बदलावों और उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने ऐसे कई क्षेत्रों और कोर्सों की पहचान की है, जिनकी कनाडा में वर्तमान में अच्छी मांग है और जिनके आने वाले वर्षों में भी प्रासंगिक बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

