FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 में न्यूजीलैंड पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सुर्खियों में आई मिस्र की टीम को अब मैदान के बाहर एक नई मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। 92 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद विश्व कप में मिली इस यादगार सफलता के बीच टीम की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने सिएटल में अतिरिक्त समय तक रुकने की उसकी मांग को मंजूरी नहीं दी। इसके चलते कप्तान मोहम्मद सालाह की अगुआई वाली टीम को अपनी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ा है और अब वह तय कार्यक्रम के अनुसार स्पोकेन लौटकर आगामी मैच की तैयारियों पर ध्यान देगी।
मिस्र टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की थकान को कम करने और उन्हें अगले मुकाबले के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने की योजना बना रहा था। टीम मैनेजर इब्राहिम हसन के अनुसार, न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-1 की शानदार जीत के बाद कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों को सीधे वैंकूवर से सिएटल ले जाने का प्रस्ताव रखा था। इस रणनीति का मकसद लंबी यात्रा से बचना और 27 जून को ईरान के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण ग्रुप मैच से पहले खिलाड़ियों को अधिक आराम और रिकवरी का समय देना था।
हालांकि, यह योजना सफल नहीं हो सकी। इब्राहिम हसन ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सिएटल में ठहरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके चलते टीम को अपनी मूल यात्रा योजना पर लौटना पड़ा और अब खिलाड़ियों को स्पोकेन वापस जाना होगा, जहां वे अपने अगले मुकाबले की तैयारियां जारी रखेंगे।
FIFA World Cup में मिस्र की टीम को आखिरकार अपनी मूल यात्रा योजना पर ही वापस लौटना पड़ा। शुरुआती कार्यक्रम के अनुसार टीम को कनाडा से सीधे स्पोकेन जाना था और वहां कुछ दिन रुकने के बाद 25 जून को सिएटल के लिए रवाना होना था। हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार जीत के बाद टीम के तकनीकी और कोचिंग स्टाफ ने इस शेड्यूल में बदलाव का प्रस्ताव रखा था।
कोचिंग स्टाफ का मानना था कि लगातार यात्रा करने से खिलाड़ियों की ऊर्जा और फिटनेस पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने टीम को वैंकूवर से सीधे सिएटल ले जाने की योजना बनाई, ताकि खिलाड़ियों को अतिरिक्त सफर से बचाया जा सके और आगामी मुकाबले से पहले उन्हें ज्यादा आराम और रिकवरी का समय मिल सके। विशेष रूप से 27 जून को ईरान के खिलाफ होने वाला ग्रुप चरण का मुकाबला मिस्र के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, ऐसे में टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तरोताजा रखना चाहता था।
लेकिन स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने सिएटल में ठहरने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद मिस्र की पूरी रणनीति बदल गई। मजबूरन टीम को अपने पुराने कार्यक्रम के अनुसार स्पोकेन लौटना होगा और वहीं से आगे की यात्रा करनी होगी। इस फैसले का मतलब है कि खिलाड़ियों को अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ेगी, जिससे उनकी रिकवरी और तैयारी के समय पर असर पड़ सकता है।
हालांकि टीम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन खिलाड़ी पेशेवर तरीके से इस स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। अब मिस्र की टीम स्पोकेन में अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देगी और ईरान के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले में जीत हासिल कर नॉकआउट चरण की अपनी संभावनाओं को मजबूत करने की कोशिश करेगी।
92 साल के इंतजार के बाद मिली ऐतिहासिक सफलता
प्रशासनिक चुनौतियों और यात्रा संबंधी परेशानियों के बावजूद मिस्र की टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। टीम ने फीफा विश्व कप 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-1 से यादगार जीत दर्ज की। मुकाबले की शुरुआत मिस्र के लिए अच्छी नहीं रही थी और पहले हाफ के अंत तक टीम 0-1 से पीछे चल रही थी। हालांकि ब्रेक के बाद खिलाड़ियों ने जबरदस्त वापसी की और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए लगातार तीन गोल दागकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
मिस्र की इस ऐतिहासिक जीत में मुस्तफा जिको, मोहम्मद सालाह और ट्रेजेगुएट ने अहम भूमिका निभाई। तीनों खिलाड़ियों के गोलों की बदौलत टीम ने न सिर्फ मुकाबला जीता, बल्कि विश्व फुटबॉल के इतिहास में एक खास अध्याय भी जोड़ दिया। यह जीत इसलिए भी बेहद खास रही क्योंकि मिस्र ने विश्व कप इतिहास में अपनी पहली जीत हासिल की। इसके लिए टीम को पूरे 92 साल और 25 दिनों का लंबा इंतजार करना पड़ा।
मिस्र ने पहली बार 1934 में फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया था, लेकिन तब से लेकर अब तक वह टूर्नामेंट में जीत का स्वाद नहीं चख सका था। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली यह सफलता देश के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।
सालाह ने बताया ऐतिहासिक पल
टीम के कप्तान मोहम्मद सालाह ने इस जीत को मिस्र के फुटबॉल इतिहास का यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि कोचिंग स्टाफ, प्रशंसकों और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। सालाह के मुताबिक, इतने लंबे इंतजार के बाद मिली यह जीत भावनात्मक और ऐतिहासिक दोनों ही मायनों में बेहद खास है।
उन्होंने कहा कि टीम इस सफलता का जश्न जरूर मनाएगी, लेकिन उसका पूरा ध्यान अब अगले मुकाबले पर रहेगा। सालाह ने उम्मीद जताई कि मिस्र इसी लय को बरकरार रखेगा और विश्व कप में आगे बढ़ते हुए नॉकआउट चरण में जगह बनाने का सपना भी पूरा करेगा।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

