कनाडा

Taylor Swift Ticket Scam: कॉन्सर्ट टिकट के नाम पर उड़ाए $265K, कनाडा की महिला ने अदालत में मानी धोखाधड़ी की बात

कनाडा में पॉप सुपरस्टार टेलर स्विफ्ट के ‘इरास टूर’ (Eras Tour) कॉन्सर्ट के टिकट दिलाने के नाम पर हुए एक बहुत बड़े धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी महिला और उसके साथी ने अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। ओंटारियो की रहने वाली डेनिस टिसोर (Denise Tisor) और उसके पार्टनर ने फर्जी टिकट स्कीम के जरिए टेलर स्विफ्ट के 100 से ज्यादा फैंस से 2,60000 डॉलर (लगभग 2.2 करोड़ रुपये) से अधिक की ठगी की बात स्वीकार की है।

पहले भरोसेमंद रीसेलर थी आरोपी महिला

अदालत में सरकारी पक्ष और बचाव पक्ष द्वारा पेश किए गए ‘सहमति वाले तथ्यों के बयान’ (Statement of Facts) के अनुसार, डेनिस टिसोर को इस घोटाले से पहले तक टिकटों की रीसेलिंग (दोबारा बेचने) के मामले में एक बेहद भरोसेमंद नाम माना जाता था। वह विभिन्न बड़े कॉन्सर्ट और इवेंट्स के टिकट लोगों को दिलाती थी।

‘इरास टूर’ के क्रेज का उठाया फायदा

नवंबर 2024 में टोरंटो के रॉजर्स सेंटर में टेलर स्विफ्ट के लगातार छह शो होने तय हुए थे। कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, इन शोज के टिकट आम फैंस के लिए सीधे तौर पर खरीदना “लगभग नामुमकिन” साबित हो रहा था। ऐसे में टिकट न मिलने से निराश फैंस ने टिकट रीसेलर्स की तरफ रुख करना शुरू किया।

‘डेनिस ब्लैकहॉक’ नाम से जाल में फंसाया

सोशल मीडिया और फैंस के बीच ‘डेनिस ब्लैकहॉक’ के नाम से मशहूर डेनिस टिसोर से कई लोगों ने टिकट के लिए संपर्क किया।

फर्जी दावा: डेनिस ने फैंस से झूठ बोला कि रॉजर्स सेंटर (Rogers Centre) स्टेडियम के अंदर उसका एक खास संपर्क (कॉन्टैक्ट) है, जो आसानी से सीटें बुक करवा सकता है।

ठगी का तरीका: डेनिस ने फेसबुक मैसेजेस, टेक्स्ट और ई-मेल के जरिए फैंस से बातचीत बढ़ाई। टिकट पक्के करने का झांसा देकर उसने ऑनलाइन ई-ट्रांसफर (e-transfer) के माध्यम से भुगतान ले लिया, लेकिन पैसे मिलने के बाद फैंस को कोई टिकट नहीं मिले।

टेलर स्विफ्ट के टोरंटो कॉन्सर्ट से पहले हुए इस बड़े टिकट घोटाले में अब हैरान करने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोपी महिला डेनिस टिसोर ने ठगी का ऐसा जाल बुना था कि कॉन्सर्ट के आखिरी समय तक फैंस को भनक भी नहीं लगी कि वे एक बहुत बड़े फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।

शो से 48 घंटे पहले टिकट देने का किया था वादा
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, टिसोर ने सभी पीड़ितों को भरोसा दिलाया था कि कॉन्सर्ट शुरू होने से 48 से 72 घंटे पहले उनके टिकट उन्हें ऑनलाइन मिल जाएंगे। लेकिन 14 नवंबर 2024 को होने वाले पहले शो के कुछ घंटे पहले तक भी किसी भी फैन को कोई टिकट नहीं मिला।

जब फैंस ने टिसोर से संपर्क किया, तो उसने मनगढ़ंत कहानी बनाते हुए दावा किया कि रॉजर्स सेंटर में मौजूद उसका ‘कॉन्टैक्ट’ (संपर्क सूत्र) अब उसके संदेशों का जवाब नहीं दे रहा है। हालांकि, बाद में जब पुलिस ने उस संदिग्ध व्यक्ति की जांच की, तो सामने आया कि फर्जी टिकट बेचने के इस पूरे खेल में उस शख्स की कोई भूमिका नहीं थी। टिसोर सिर्फ उसका नाम इस्तेमाल कर रही थी।

107 फैंस से ठगे $2,65,330, मासूम बच्चों के सपने भी टूटे
इस झांसे में आकर कुल 107 फैंस ने टिसोर को अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई सौंप दी। उसने कुल मिलाकर 2,65,330 डॉलर (लगभग 2.2 करोड़ रुपये) ऐंठे।

ठगी का शिकार हुई जेनी बेक नाम की एक पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें एक दोस्त के जरिए पता चला था कि टिसोर के पास टिकट मिल सकते हैं।

“मैंने अपनी बेटी को सरप्राइज देने के लिए टिसोर को करीब 1,000 डॉलर (लगभग 83,000 रुपये) ट्रांसफर किए थे। मैंने उन फर्जी टिकट्स का एक प्रिंटआउट निकालकर उसे एक गिफ्ट बॉक्स में पैक करके अपनी बेटी को सरप्राइज के तौर पर दिया था। हम बेहद उत्साहित थे, लेकिन शो के दिन हमारा सब कुछ बिखर गया।”

इस मामले ने यह साफ कर दिया है कि किस तरह रीसेलर्स के चक्कर में पड़कर सैकड़ों परिवारों को न सिर्फ भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा, बल्कि कई बच्चों के अपने पसंदीदा स्टार को लाइव देखने के सपने भी टूट गए।

‘शो के दिन तक नहीं मिले टिकट’: 107 फैंस के डूबे करोड़ों रुपये, पीड़िता ने बयां किया बेटी का दिल टूटने का दर्द

टेलर स्विफ्ट टिकट घोटाले में अब यह साफ हो गया है कि आरोपी महिला डेनिस टिसोर ने ठगी की कितनी शातिर प्लानिंग की थी। उसने कॉन्सर्ट के आखिरी पलों तक पीड़ितों को धोखे में रखा, जिससे फैंस को शो के दिन तक भनक भी नहीं लगी कि वे ठगे जा चुके हैं।

आखिरी वक्त पर बनाया झूठा बहाना

अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, टिसोर ने सभी खरीदारों से वादा किया था कि कॉन्सर्ट शुरू होने से 48 से 72 घंटे पहले टिकट उनके पास पहुंच जाएंगे। लेकिन 14 नवंबर 2024 को होने वाले पहले शो से कुछ घंटे पहले तक भी किसी के हाथ टिकट नहीं लगे।

जब पीड़ित फैंस ने टिसोर पर दबाव बनाया, तो उसने कहानी गढ़ते हुए दावा किया कि रॉजर्स सेंटर में मौजूद उसके संपर्क सूत्र (कॉन्टैक्ट) ने अचानक उसे जवाब देना बंद कर दिया है। हालांकि, बाद में पुलिस जांच में यह सच सामने आया कि उस व्यक्ति का इस फर्जी टिकट रैकेट से कोई लेना-देना नहीं था; टिसोर सिर्फ उसके नाम का इस्तेमाल कर रही थी।

107 पीड़ितों से ऐंठे $2,65,330

इस झांसे में आकर कुल 107 फैंस ने अपनी गाढ़ी कमाई गंवा दी। टिसोर ने इन लोगों से कुल 2,65,330 डॉलर (लगभग 2.2 करोड़ रुपये) वसूले, जो यह सोचकर भुगतान कर रहे थे कि वे ‘इरास टूर’ का हिस्सा बनने जा रहे हैं।

गिफ्ट रैप में दिया था फर्जी टिकट का प्रिंटआउट

इस घोटाले में करीब 1,000 डॉलर (लगभग 83,000 रुपये) गंवाने वाली पीड़िता जेनी बेक ने बताया कि उन्हें एक दोस्त के जरिए टिसोर के बारे में पता चला था।

जेनी ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, “मैंने अपनी बेटी को सरप्राइज देने के लिए पैसे ट्रांसफर किए थे। टिकट पक्के होने की खुशी में मैंने उन टिकट्स का एक प्रिंटआउट निकाला, उसे एक खूबसूरत गिफ्ट बॉक्स में रैप किया और अपनी बेटी को तोहफे में दिया। वह बेहद खुश थी, लेकिन कॉन्सर्ट वाले दिन हमारा वह सपना एक झटके में टूट गया।”

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

Follow StudioX Hindi News:

Related Stories