कनाडा

गॉर्डन हाउ ब्रिज टोल विवाद: मार्क कार्नी का साफ रुख—ऋण भुगतान पूरा होने तक मुनाफे के बंटवारे पर रोक

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गुरुवार को एक बेहद अहम और सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जल्द ही शुरू होने जा रहे ‘गॉर्डन हाउ इंटरनेशनल ब्रिज’ (Gordie Howe International Bridge) से मिलने वाले टोल टैक्स के राजस्व (मुनाफे) में कनाडा तब तक किसी के साथ कोई हिस्सेदारी नहीं करेगा, जब तक कि इस पर लगा पूरा कर्ज चुकता नहीं हो जाता।

27 जुलाई को खुलने जा रहा है पुल

कई महीनों की देरी के बाद आखिरकार यह ऐतिहासिक पुल 27 जुलाई 2026 को आम जनता और यातायात के लिए खुलने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय पुल के निर्माण और विकास के लिए कनाडा सरकार ने अकेले अपने दम पर पूरे 6.4 बिलियन डॉलर (लगभग 640 करोड़ डॉलर) की भारी-भरकम राशि खर्च की है।

पुल का उपयोग करने वाले सभी वाहन चालकों को इसे पार करने के लिए टोल टैक्स देना होगा। मूल समझौते (Original Agreement) की शर्तों के मुताबिक, निर्माण लागत की पूरी भरपाई करने के लिए शुरुआती दौर में टोल से होने वाली पूरी कमाई सिर्फ कनाडा को ही मिलनी थी।

नए समझौते पर उठे सवाल और पीएम की सफाई

पिछले हफ्ते के अंत में इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक नए समझौते की कुछ जानकारियां सामने आई थीं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि नए सौदे के तहत टोल टैक्स से होने वाली कमाई का लगभग आधा हिस्सा अमेरिका (U.S.) को भेजा जाएगा।

इस तरह की खबरों के बीच प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अब स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। उनके इस ताजा बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि जब तक निर्माण में लगा अरबों डॉलर का कर्ज पूरी तरह वसूल नहीं हो जाता, तब तक टोल की कमाई का एक भी हिस्सा किसी दूसरे देश के साथ साझा नहीं किया जाएगा।

कर्ज चुकाए बिना टोल बांटने का सवाल ही नहीं”

प्रधानमंत्री कार्नी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह पुल के टोल टैक्स को आपस में बांटने जैसा मामला नहीं है। दरअसल, यह अगले 15 सालों के लिए ‘नेट रेवेन्यू’ (शुद्ध मुनाफे) को साझा करने का एक समझौता है। जहां तक सीधे तौर पर टोल टैक्स बांटने या उसमें हिस्सेदारी देने की बात है, तो वह तब तक बिल्कुल नहीं होगा जब तक कि पुल के निर्माण का पूरा कर्ज चुकता नहीं हो जाता।”

परिचालन खर्च निकालने के बाद शुरुआत में मुनाफा होगा बेहद कम

प्रधानमंत्री ने समझौते की बारीकियों को समझाते हुए आगे कहा, “हम शुरुआत के 15 वर्षों के दौरान केवल नेट रेवेन्यू को आपस में बांटेंगे। यह नेट रेवेन्यू सभी परिचालन खर्चों को काटने के बाद बचने वाली राशि होगी। इसमें टोल बूथ पर कर्मचारियों की तैनाती का खर्च, पुल का रखरखाव (मेंटेनेंस), बर्फ हटाने का काम और इसी तरह के कई अन्य बुनियादी परिचालन खर्च शामिल हैं।”

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शुरुआती कुछ वर्षों में इन सभी भारी-भरकम खर्चों को पूरा करने के बाद जो शुद्ध मुनाफा (नेट रेवेन्यू) बचेगा, वह बेहद सीमित या मामूली ही रहने की उम्मीद है। इसलिए कनाडा के खजाने को नुकसान पहुंचने की आशंका नहीं है।

गॉर्डन हाउ इंटरनेशनल ब्रिज के समझौते को लेकर कनाडा और अमेरिका के बीच सियासी खींचतान तेज हो गई है। हाल ही में बीते वीकेंड पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस नए समझौते पर अपनी पीठ थपथपाई। ट्रंप ने दावा किया कि यह नया बदलाव “अमेरिका के लिए एक कहीं बेहतर सौदा (MUCH BETTER DEAL)” साबित होने वाला है।

पुल पर मालिकाना हक जताने की कोशिश में ट्रंप

गौरतलब है कि इस पूरे पुल का निर्माण और इसके लिए फंड जुटाने का सारा काम पूरी तरह से कनाडा ने अकेले अपने खर्च पर किया है। इसके बावजूद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार इस अंतरराष्ट्रीय पुल पर अमेरिका का मालिकाना हक (ओनरशिप) बढ़ाने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे टोल की कमाई पर उनका प्रभाव बढ़ सके।

पिछले महीने रद्द हुआ था उद्धाटन समारोह

दोनों देशों के बीच चल रही इस अंदरूनी तनातनी का असर पिछले महीने भी देखने को मिला था, जब पुल के उद्धाटन के लिए तय की गई ‘रिबन-कटिंग सेरेमनी’ को अचानक रद्द करना पड़ा था। उस समय कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस देरी की वजह समझाते हुए कहा था कि “कुछ तकनीकी पहलू और पेचीदगियां हैं, जिन्हें हम अमेरिका के साथ मिलकर सुलझाने पर काम कर रहे हैं।” अब कार्नी के ताजा बयानों से साफ है कि कनाडा अपने हक और निवेश को लेकर अमेरिका के सामने झुकने के मूड में नहीं है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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