कनाडा

Study in Canada: नौकरी और PR चाहिए तो सोच-समझकर चुनें कोर्स, भारतीय प्रोफेशनल ने बताए टिप्स

कनाडा में अक्सर देखा जाता है कि कई छात्र स्टडी अब्रॉड कंसल्टेंसी की सलाह या किसी कोर्स की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर उसमें दाखिला ले लेते हैं, बिना यह समझे कि उस क्षेत्र में नौकरी के अवसर कितने हैं। बाद में ऐसे कई छात्र अपने फैसले पर पछताते हैं, क्योंकि डिग्री पूरी करने के बावजूद उन्हें अपनी पढ़ाई के मुताबिक नौकरी नहीं मिल पाती।

बीते कुछ वर्षों में कनाडा से लगातार ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिनमें भारतीय छात्र ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद भी रोजगार की तलाश में संघर्ष करते नजर आए हैं। ऐसे में विदेश में पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करने से पहले कोर्स का चयन बेहद सोच-समझकर करना जरूरी हो जाता है, ताकि पढ़ाई पूरी होने के बाद बेहतर करियर और नौकरी के अवसर मिल सकें।

कनाडा में किन कोर्सेज से बन सकता है बेहतर करियर?

पुष्पेंद्र सिंह वर्ष 2022 में उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे। उन्होंने टोरंटो स्थित नॉर्दर्न कॉलेज ऑफ अप्लाइड आर्ट्स एंड टेक्नोलॉजी से सप्लाई चेन मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा किया और 2024 में अपनी पढ़ाई पूरी की। फिलहाल वह कनाडा की कंपनी Southland Trailers में इन्वेंटरी कंट्रोलर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। इस दौरान उन्होंने कनाडा के जॉब मार्केट में आए बड़े बदलावों को करीब से देखा है।

नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि कौन-से कोर्स भारतीय छात्रों के लिए बेहतर करियर विकल्प साबित हो सकते हैं, तो उन्होंने साफ कहा कि छात्रों को केवल किसी कोर्स की लोकप्रियता देखकर उसमें दाखिला नहीं लेना चाहिए। इसके बजाय उन्हें उन क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए, जहां नौकरी के अवसर लगातार बने हुए हैं।

पुष्पेंद्र के मुताबिक, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स में अभी भी अच्छी मांग है और इनसे जुड़े कोर्स करने वाले छात्रों के लिए रोजगार के बेहतर अवसर मौजूद हैं। उनका मानना है कि कोर्स चुनते समय ट्रेंड नहीं, बल्कि जॉब मार्केट की जरूरतों और भविष्य की संभावनाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

किन कोर्सेज से दूरी बनाना हो सकता है बेहतर?

पुष्पेंद्र सिंह के मुताबिक, कुछ ऐसे कोर्स भी हैं, जिनकी पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय छात्रों को नौकरी हासिल करने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सामान्य बिजनेस और मैनेजमेंट प्रोग्राम से ग्रेजुएट होने वाले छात्रों के लिए प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है, क्योंकि बड़ी संख्या में उम्मीदवार समान शैक्षणिक योग्यता के साथ नौकरी की तलाश में हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में सिर्फ डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। छात्रों को इंटर्नशिप, को-ऑप प्रोग्राम, प्रोफेशनल नेटवर्किंग और संबंधित कार्य अनुभव पर भी ध्यान देना चाहिए। ये अतिरिक्त अनुभव उन्हें अन्य उम्मीदवारों से अलग पहचान दिलाने और नौकरी पाने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

कुल मिलाकर, पुष्पेंद्र का मानना है कि छात्रों को कोर्स चुनने का फैसला किसी के दबाव या ट्रेंड को देखकर नहीं, बल्कि अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों को ध्यान में रखकर करना चाहिए। उनके मुताबिक, सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आप किस क्षेत्र में पढ़ाई करना चाहते हैं और उसी के आधार पर एडमिशन का निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कोर्स चुनने से पहले जॉब मार्केट की अच्छी तरह से रिसर्च करना बेहद जरूरी है, लेकिन अधिकांश छात्र इस पहलू को नजरअंदाज कर देते हैं। अगर छात्रों को यह जानकारी हो कि किन सेक्टर्स में नौकरी की मांग है और भविष्य में किस क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकते हैं, तो उनके लिए सही कोर्स का चुनाव करना काफी आसान हो जाता है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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