कनाडा के जंगलों में लगी ऐतिहासिक और विनाशकारी आग (Wildfire) का संकट अब केवल कनाडाई सीमाओं तक ही सीमित नहीं रह गया है। इस भीषण दावानल से उठने वाले जहरीले धुएं के विशाल गुबार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर पड़ोसी देश अमेरिका में एक बड़ा पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट खड़ा कर दिया है। कनाडा के जंगलों से निकला यह गाढ़ा, पीला और दमघोंटू धुआं हजारों किलोमीटर का सफर तय कर अमेरिका के कई प्रमुख और घनी आबादी वाले शहरों तक पहुंच चुका है, जिससे वहां जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
इस वायु प्रदूषण और धुंध का सबसे भयानक और सीधा असर अमेरिका की आर्थिक राजधानी न्यूयॉर्क सिटी (New York City) और देश के अन्य बड़े महानगरीय क्षेत्रों पर देखने को मिल रहा है।
न्यूयॉर्क का आसमान हुआ नारंगी, थम गई रफ्तार
कनाडा से आ रही बर्फीली और तेज हवाएं अपने साथ भारी मात्रा में राख और प्रदूषक कणों को बहाकर न्यूयॉर्क ले आई हैं। इसके चलते न्यूयॉर्क सिटी का प्रसिद्ध आसमान और ऊंची-ऊंची इमारतें गहरे पीले और डरावने नारंगी रंग की धुंध में पूरी तरह छिप गई हैं। शहर में विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम हो गई है कि दोपहर के समय भी सड़कों पर गाड़ियों की लाइटें जलानी पड़ रही हैं और हवाई अड्डों पर उड़ानों को रोकना या री-शेड्यूल करना पड़ा है।
अधिकारियों के मुताबिक, न्यूयॉर्क और उसके आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) इतिहास के सबसे खतरनाक और गंभीर स्तर पर पहुंच गया है।
कनाडा के जंगलों की आग ने अमेरिका में पैदा किया सांसों का संकट: 838 से अधिक जगहों पर धधक रही लपटें, करोड़ों लोग जहरीली हवा में जीने को मजबूर
कनाडा इस समय जंगलों की अब तक की सबसे भयावह आग (Wildfire) की चपेट में है। प्राकृतिक आपदा का यह कहर अब सीमाओं को लांघकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट में बदल चुका है। कनाडाई जंगलों में लगी यह बेकाबू आग इतनी तेजी से फैल रही है कि इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में 838 से अधिक सक्रिय वाइल्डफायर धधक रही हैं। इस भीषण दावानल से उठने वाला दमघोंटू और जहरीला धुआं अब केवल कनाडा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसने पड़ोसी देश अमेरिका के एक बड़े हिस्से को भी अपनी चपेट में ले लिया है।
तेज और अनुकूल हवाओं के बहाव ने इस विशाल धुएं के गुबार को हजारों किलोमीटर दूर अमेरिकी सीमा के भीतर धकेल दिया है। इसके चलते अमेरिका के कई राज्यों में रहने वाले करोड़ों लोग इस समय बेहद खराब और खतरनाक हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।
अमेरिका के आसमान पर छाई नारंगी धुंध, थम गई रफ्तार
कनाडा के जंगलों से उठी राख और प्रदूषित कणों की मोटी चादर ने अमेरिका के कई प्रमुख शहरों के आसमान को पूरी तरह से ढक दिया है। न्यूयॉर्क, वाशिंगटन डी.सी., शिकागो और फिलाडेल्फिया जैसे महानगरों में दिन के समय भी आसमान का रंग गहरा पीला और डरावना नारंगी नजर आ रहा है। हवा में प्रदूषण का स्तर (AQI) सुरक्षित सीमाओं से कई गुना ऊपर पहुंच चुका है।
दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम हो जाने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है और कई प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों को या तो रद्द करना पड़ा है या उनके समय में बदलाव किया गया है।
करोड़ों लोगों की सेहत पर भारी संकट, एडवाइजरी जारी
हवा की गुणवत्ता इस कदर बिगड़ चुकी है कि अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले करोड़ों नागरिकों के लिए ‘रेड अलर्ट’ और हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। लोगों से घरों के अंदर ही रहने और बाहर निकलते समय एन-95 (N95) मास्क का उपयोग करने की सख्त अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में तैर रहे पीएम 2.5 (PM 2.5) के बारीक कण फेफड़ों को सीधा नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों (जैसे अस्थमा) के लिए बेहद गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। स्कूल-कॉलेजों में आउटडोर एक्टिविटीज और खेलकूद पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। जब तक कनाडा में लगी इस भीषण आग पर काबू नहीं पाया जाता या मौसम में बड़ा बदलाव नहीं आता, तब तक इस दमघोंटू धुंध से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
अमेरिका के अन्य बड़े शहरों में हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात
न्यूयॉर्क सिटी के अलावा, इस जहरीले धुएं की चपेट में अमेरिका के कई अन्य प्रमुख शहर और राज्य भी आ गए हैं। फिलाडेल्फिया, बाल्टीमोर, शिकागो, बोस्टन और वाशिंगटन डी.सी. जैसे शहरों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है। इन शहरों के आसमान पर लगातार धुंध छाई हुई है, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
तमाम प्रभावित राज्यों के प्रशासनों ने पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी (स्वास्थ्य चेतावनी) जारी करते हुए लोगों से बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को पूरी तरह घरों के अंदर रहने और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। स्कूल-कॉलेजों में बाहरी गतिविधियों (आउटडोर गेम्स) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, और सड़कों पर एक बार फिर मास्क पहने लोग दिखाई देने लगे हैं।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

