दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को हवा की गुणवत्ता इस सीजन में सबसे खराब हो गई। इसके बाद सरकार ने ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू कर दी हैं।

लागू हुईं मुख्य पाबंदियां
लोगों से निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने और बस या मेट्रो से सफर करने की अपील की गई है। पार्किंग फीस बढ़ेगी और खुले में कचरा जलाने पर रोक रहेगी।
कोयला और लकड़ी जलाने, तंदूर चलाने और निर्माण कार्यों पर भी रोक लगाई गई है। दफ्तरों का समय बदलेगा और आधे कर्मचारी ही दफ्तर आ सकेंगे।
स्टेज-I की पहले से लागू पाबंदियां भी जारी रहेंगी। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में नगर निगमों, ट्रैफिक पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
AQI की स्थिति
दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडैक्स (AQI) सोमवार को 324 दर्ज हुआ, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। मौसम की स्थिति तेजी से बिगड़ने को हवा खराब होने का कारण बताया गया है।
शनिवार को AQI 117 था, जो मॉडरेट श्रेणी में आता है। रविवार को यह बढ़कर 261 पहुंच गया और “पूअर” श्रेणी में चला गया।
इसी बीच, 1 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में नई पाबंदियां भी लागू हो गई हैं। इनके तहत दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम मानक वाली गाड़ियां राजधानी में नहीं आ सकेंगी। इसके चलते रविवार सुबह दिल्ली-गुरुग्राम सरहद पर NH-48 पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
ग्रैप क्या है?
ग्रैप यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान को जनवरी 2017 में लागू किया गया था। इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर में हवा खराब होने पर प्रदूषण के स्तर के अनुसार पाबंदियां लगाना है।
इसके तहत AQI के आधार पर चार चरणों में प्रतिबंध लागू किए जाते हैं।
Source: Dainik Bhaskar
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