बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर टिफ मैक्लम ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान में चल रहे युद्ध के कारण कनाडा में महंगाई लंबे समय तक बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण वसंत के मौसम में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगे थे। इसी वजह से हाल के महीनों में कनाडा में मुद्रास्फीति (महंगाई दर) बढ़कर तीन प्रतिशत के पार पहुंच गई है।
साल की पांचवीं नीतिगत समीक्षा में दरों में कोई बदलाव नहीं
कनाडा के केंद्रीय बैंक ने बुधवार को इस वर्ष के अपने पांचवें मौद्रिक नीति फैसले में मुख्य ब्याज दरों को 2.25 प्रतिशत पर यथावत रखा है। इस फैसले की घोषणा के बाद मीडिया से बात करते हुए गवर्नर मैक्लम ने स्पष्ट किया कि हालांकि युद्ध के कारण आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल जरूर महंगा हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि अधिकांश अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें फिलहाल नियंत्रण में हैं।
लंबे समय तक युद्ध खिंचने से बढ़ेगा जोखिम
गवर्नर मैक्लम ने आगाह किया कि अगर यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है, तो स्थितियां बदल सकती हैं। उन्होंने कहा, “युद्ध के कारण बढ़ी लागत का असर अभी भी कुछ उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। हम अभी तक तेल की ऊंची कीमतों के महंगाई पर पड़ने वाले सीधे असर पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन अगर ये दाम लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहते हैं, तो इसका असर दूसरी वस्तुओं और सेवाओं पर भी फैलने का जोखिम बढ़ जाएगा।” मैक्लम ने सख्त लहजे में कहा, “हम तेल की ऊंची कीमतों को स्थायी महंगाई में तब्दील नहीं होने देंगे।”
बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर टिफ मैक्लम ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान में चल रहे युद्ध के कारण कनाडा में महंगाई लंबे समय तक बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण वसंत के मौसम में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगे थे। इसी वजह से हाल के महीनों में कनाडा में मुद्रास्फीति (महंगाई दर) बढ़कर तीन प्रतिशत के पार पहुंच गई है।
साल की पांचवीं नीतिगत समीक्षा में दरों में कोई बदलाव नहीं
कनाडा के केंद्रीय बैंक ने बुधवार को इस वर्ष के अपने पांचवें मौद्रिक नीति फैसले में मुख्य ब्याज दरों को 2.25 प्रतिशत पर यथावत रखा है। इस फैसले की घोषणा के बाद मीडिया से बात करते हुए गवर्नर मैक्लम ने स्पष्ट किया कि हालांकि युद्ध के कारण आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल जरूर महंगा हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि अधिकांश अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें फिलहाल नियंत्रण में हैं।
लंबे समय तक युद्ध खिंचने से बढ़ेगा जोखिम
गवर्नर मैक्लम ने आगाह किया कि अगर यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है, तो स्थितियां बदल सकती हैं। उन्होंने कहा, “युद्ध के कारण बढ़ी लागत का असर अभी भी कुछ उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। हम अभी तक तेल की ऊंची कीमतों के महंगाई पर पड़ने वाले सीधे असर पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन अगर ये दाम लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहते हैं, तो इसका असर दूसरी वस्तुओं और सेवाओं पर भी फैलने का जोखिम बढ़ जाएगा।” मैक्लम ने सख्त लहजे में कहा, “हम तेल की ऊंची कीमतों को स्थायी महंगाई में तब्दील नहीं होने देंगे।”
केंद्रीय बैंक की दोहरी चुनौती
आमतौर पर बैंक ऑफ कनाडा जैसे केंद्रीय बैंक देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ कीमतों में स्थिरता (महंगाई पर काबू) बनाए रखने के लिए आर्थिक उपायों का इस्तेमाल करते हैं। इस नाजुक संतुलन को हासिल करने के लिए उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए बेंचमार्क लेंडिंग रेट (मुख्य ब्याज दर) में बदलाव करना ही केंद्रीय बैंक का सबसे मुख्य हथियार होता है, जिस पर फिलहाल बैंक बेहद सतर्कता से कदम आगे बढ़ा रहा है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

