अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने कनाडा में अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी बड़ी मात्रा में हथियारों को सीमा पार पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने उनके कब्जे से कुल 89 हथियार बरामद किए, जिन्हें अवैध रूप से कनाडा पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी।
एफबीआई और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त जांच में यह मामला सामने आया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी और गुप्त सूचना मिलने के बाद यह ऑपरेशन चलाया गया। जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था और क्या इसके पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हाथ है।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हाल के वर्षों में सीमा पार हथियार तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। इसी वजह से अमेरिका और कनाडा की एजेंसियां मिलकर ऐसे नेटवर्क्स के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
7 मई 2026 को न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस ने नियमित गश्त और ट्रैफिक निगरानी के दौरान स्टेट रूट 90 पर एक सफेद रंग की फोर्ड एक्सप्लोरर SUV को रोका। पुलिस अधिकारियों को वाहन के ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने का संदेह था, जिसके बाद उसे जांच के लिए रोकने का फैसला लिया गया।
प्रारंभिक जांच के दौरान अधिकारियों ने वाहन में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की और दस्तावेजों की जांच की। पुलिस के मुताबिक, कार में मलिक ब. सहित अन्य लोग भी सवार थे। जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले, जिसके बाद तलाशी प्रक्रिया को और विस्तृत किया गया।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सामान्य ट्रैफिक चेक से शुरू हुई थी, लेकिन आगे की जांच में मामला कहीं अधिक गंभीर नजर आने लगा। अधिकारियों ने वाहन और उसमें मौजूद सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और संभावित आपराधिक संबंधों की जांच में जुटी हुई है।
वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस अधिकारियों को फैजान अली के पास से एक एक्सपायर्ड पाकिस्तानी नेशनल ड्राइविंग परमिट मिला। शुरुआती जांच में पता चला कि यह दस्तावेज फैजान अली के नाम पर नहीं था, बल्कि किसी अफगान नागरिक के नाम से जारी किया गया था। इस खुलासे के बाद अधिकारियों का संदेह और गहरा हो गया और मामले की जांच को आगे बढ़ाया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दस्तावेज की वैधता और उसके इस्तेमाल को लेकर कई सवाल खड़े हुए। अधिकारियों ने मौके पर ही दस्तावेज को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने वाहन में मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ की और उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की।
जांच एजेंसियों का मानना है कि फर्जी या संदिग्ध पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी बड़े नेटवर्क या अवैध गतिविधि से जुड़ा हो सकता है। इसी वजह से पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह ड्राइविंग परमिट फैजान अली तक कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी अलग-अलग देशों से संबंध रखते हैं, जिससे इस मामले के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका और मजबूत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि 22 वर्षीय मलिक ब्रोमफील्ड कनाडा का नागरिक है, जबकि 25 वर्षीय फैजान अली पाकिस्तान से संबंध रखता है। वहीं तीसरे आरोपी कमाल सलम की नागरिकता और पृष्ठभूमि को लेकर भी जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि अलग-अलग देशों के नागरिकों का एक साथ पकड़ा जाना जांच एजेंसियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण पहलू है। इसी वजह से अब मामले की जांच केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखी जा रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, तीनों आरोपियों की गतिविधियों, यात्रा रिकॉर्ड, आपसी संपर्क और डिजिटल संचार की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन लोगों का संबंध किसी बड़े हथियार तस्करी गिरोह या सीमा पार सक्रिय आपराधिक नेटवर्क से है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में कई अन्य अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों पर कई गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन पर अवैध तरीके से हथियारों की तस्करी करने, बिना लाइसेंस हथियारों की खरीद-बिक्री में शामिल होने, चोरी के हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और गैरकानूनी रूप से हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों की संख्या और मामले की प्रकृति को देखते हुए इसे बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियारों की यह खेप कहां से लाई गई थी और इन्हें किस नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था। अधिकारियों को आशंका है कि इस मामले के तार संगठित अपराध और सीमा पार सक्रिय तस्करी गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और कनाडा में इस तरह के अपराधों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना जाता है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो आरोपियों को लंबी जेल सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में रखकर उनसे पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की पहचान में जुटी हुई हैं।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

