Toronto Mayor: पूर्व कंजर्वेटिव कैबिनेट मंत्री और राजदूत क्रिस अलेक्जेंडर ने टोरंटो के अगले मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अलेक्जेंडर सीरियाई शरणार्थी संकट से निपटने को लेकर ओटावा की नीति के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए थे।
उनके कैंपेन प्रवक्ता विल्फ डिनिक ने मंगलवार देर रात ईमेल के जरिए पुष्टि की कि अलेक्जेंडर बुधवार सुबह आधिकारिक तौर पर अपनी उम्मीदवारी दर्ज कराएंगे।
अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए अलेक्जेंडर ने कहा कि टोरंटो ने उन्हें बहुत कुछ दिया है, लेकिन अब शहर लंबे समय से ठहराव की स्थिति में है। उन्होंने अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन, आवास और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का वादा किया।
टोरंटो क्षेत्र की पूर्व Ajax-Pickering सीट से सांसद रह चुके अलेक्जेंडर ने कहा कि उनके नेतृत्व में शहर को दोबारा विकास की राह पर लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इतनी प्रतिभा, क्षमता और मजबूती वाले शहर का अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन स्वीकार्य नहीं है और हालात बदले जा सकते हैं।
अलेक्जेंडर ने कहा कि टोरंटो अपनी पूरी क्षमता पर काम करे, इसके लिए विजन और टीमवर्क की जरूरत है। उनका मानना है कि शहर एक बार फिर उपलब्धियों की राह पर लौट सकता है।
26 अक्टूबर को होने वाले टोरंटो मेयर चुनाव के जरिए अलेक्जेंडर करीब एक दशक बाद दोबारा सार्वजनिक राजनीतिक भूमिका में वापसी करने की कोशिश करेंगे।
क्रिस अलेक्जेंडर का राजनीतिक सफर, राजनयिक से कनाडा के इमिग्रेशन मंत्री तक
टोरंटो में एक स्कूल जिम शिक्षक और वकील के घर जन्मे क्रिस अलेक्जेंडर ने करीब 18 वर्षों तक कनाडाई राजनयिक के रूप में काम किया। अपने राजनयिक करियर के दौरान उन्होंने मॉस्को स्थित कनाडाई दूतावास में सेवाएं दीं। इसके अलावा, 2003 से 2005 तक वह अफगानिस्तान में कनाडा के राजदूत भी रहे।
बाद में अलेक्जेंडर संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) में दो डिप्टी स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव्स में से एक के रूप में भी नियुक्त हुए।
2011 में उन्होंने स्टीफन हार्पर की कंजर्वेटिव सरकार के तहत हाउस ऑफ कॉमन्स का चुनाव जीता। इसके दो साल बाद, 2013 में उन्हें कनाडा का इमिग्रेशन मंत्री बनाया गया। उन्होंने 2015 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली।
2015 के संघीय चुनाव से पहले अलेक्जेंडर सीरियाई शरणार्थी संकट को लेकर विवादों में घिर गए। उस दौरान कनाडा सरकार के शरणार्थियों से जुड़े फैसलों और उनकी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। इसी दौर में तत्कालीन श्रम मंत्री केली लीच के साथ मिलकर “बर्बर सांस्कृतिक प्रथाओं” से संबंधित शिकायतों के लिए एक टेलीफोन हेल्पलाइन शुरू करने के वादे को लेकर भी उनकी आलोचना हुई।
अलेक्जेंडर ने उस समय कहा था कि प्रस्तावित कानून जबरन विवाह जैसी प्रथाओं से महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा में मदद करेगा और कनाडा के मूल्यों की रक्षा करेगा।
2015 के चुनाव में अलेक्जेंडर अपनी सीट बरकरार नहीं रख सके। नए बनाए गए Ajax निर्वाचन क्षेत्र में उन्हें लिबरल पार्टी के मार्क हॉलैंड से हार का सामना करना पड़ा। हॉलैंड ने 2024 में दोबारा चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद पिछले साल मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी की जेनिफर मैककेल्वी ने यह सीट जीत ली।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

