फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्वीडन ने अपने अभियान का शानदार आगाज करते हुए ट्यूनीशिया को 5-1 के बड़े अंतर से मात दी। सोमवार (15 जून) को ग्वाडालूप स्थित एस्टाडियो बीबीवीए में खेले गए मुकाबले में स्वीडिश टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और दमदार प्रदर्शन करते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।
स्वीडन के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए ट्यूनीशिया की रक्षा पंक्ति को लगातार दबाव में रखा। इस शानदार जीत के साथ स्वीडन ने न सिर्फ टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए, बल्कि ग्रुप चरण में मजबूत बढ़त भी हासिल कर ली।
स्वीडन को मुकाबले में शुरुआती बढ़त 22 वर्षीय मिडफील्डर यासिन अयारी ने दिलाई। मैच के सातवें मिनट में ट्यूनीशिया के डिफेंडरों की एक गलती का फायदा उठाते हुए अयारी ने लगभग 20 गज की दूरी से शानदार स्ट्राइक लगाई, जिसे रोक पाना गोलकीपर के लिए नामुमकिन साबित हुआ। उनके इस बेहतरीन गोल ने स्वीडन को शुरुआती बढ़त दिलाई और टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया।
गोल करने के बावजूद यासिन अयारी ने किसी तरह का जश्न नहीं मनाया, जिसने मैच देख रहे प्रशंसकों और फुटबॉल विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। आमतौर पर खिलाड़ी गोल के बाद खुशी का इजहार करते हैं, लेकिन अयारी शांत नजर आए। इसके पीछे उनकी व्यक्तिगत और भावनात्मक पृष्ठभूमि जुड़ी हुई है।
दरअसल, 22 वर्षीय यासिन अयारी का जन्म और पालन-पोषण स्वीडन में हुआ है, लेकिन उनकी जड़ें ट्यूनीशिया से जुड़ी हैं। उनके पिता ट्यूनीशियाई मूल के हैं, जबकि उनकी मां का संबंध भी उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र से है। ऐसे में ट्यूनीशिया उनके परिवार और विरासत का एक अहम हिस्सा है। यही कारण है कि अपने पूर्वजों के देश के खिलाफ गोल दागने के बाद उन्होंने सम्मान दिखाते हुए जश्न मनाने से परहेज किया।
फुटबॉल में अक्सर देखा जाता है कि खिलाड़ी अपने जन्मस्थान, पूर्व क्लब या पारिवारिक संबंधों वाले देश के खिलाफ गोल करने पर सेलिब्रेशन नहीं करते। अयारी का यह कदम भी खेल भावना और अपनी पारिवारिक पहचान के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। मैदान पर उन्होंने स्वीडन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन गोल के बाद उनका संयम दर्शाता है कि यह मुकाबला उनके लिए सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी काफी खास था।
यासिन अयारी के पिता अजौज अयारी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने बेटे के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यासिन की दिलचस्पी शुरुआत में ट्यूनीशिया की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने में थी, क्योंकि परिवार की जड़ें उसी देश से जुड़ी हैं। हालांकि, उन्होंने बेटे को स्वीडन का प्रतिनिधित्व करने की सलाह दी, जहां उसका जन्म हुआ और जहां उसने फुटबॉल के शुरुआती कदम रखे।
अजौज अयारी ने कहा, “मेरा बेटा ट्यूनीशिया के लिए खेलना चाहता था, लेकिन मैंने उससे कहा कि उसे स्वीडन के लिए खेलना चाहिए। स्वीडन ने उसे अवसर दिए, उसकी प्रतिभा को निखारा और उसे उस स्तर तक पहुंचाया जहां वह आज खड़ा है। मुझे लगा कि जिस देश ने उसके विकास में इतनी बड़ी भूमिका निभाई है, उसके प्रति उसकी जिम्मेदारी भी बनती है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि परिवार का ट्यूनीशिया से भावनात्मक जुड़ाव हमेशा बना रहा। घर में ट्यूनीशियाई संस्कृति, परंपराएं और फुटबॉल के प्रति जुनून का माहौल रहा है। ऐसे में यासिन के लिए दोनों देशों के बीच चयन करना एक भावनात्मक चुनौती थी।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

