कनाडा

‘डिग्री के बाद 6 महीने तक तलाश’, कनाडा में पहली नौकरी मिलने का भारतीय ने बताया अनुभव

कनाडा लंबे समय से भारतीय छात्रों के लिए हायर एजुकेशन की पसंदीदा डेस्टिनेशन रहा है। फिलहाल यहां चार लाख से अधिक भारतीय छात्र अलग-अलग कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या उन छात्रों की है, जिन्होंने हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी की है और अब अपने करियर की शुरुआत के लिए नौकरी की तलाश में हैं। वहीं, फाइनल ईयर में पढ़ रहे कई छात्र भी पहले से ही जॉब सर्च शुरू कर चुके हैं, ताकि पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें रोजगार का मौका मिल सके।

हालांकि, मौजूदा समय में कनाडा में नौकरी हासिल करना पहले के मुकाबले काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। देश का जॉब मार्केट पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी हो चुका है, जिसके चलते एक अच्छी नौकरी पाने के लिए उम्मीदवारों को लंबा इंतजार और लगातार प्रयास करना पड़ रहा है। कई छात्र बताते हैं कि वे दर्जनों कंपनियों में आवेदन कर रहे हैं, लेकिन इंटरव्यू कॉल या जवाब बहुत कम मिल रहे हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी ऐसे अनुभव लगातार सामने आ रहे हैं, जहां भारतीय छात्र नौकरी की तलाश में आने वाली मुश्किलों और लंबे इंतजार की कहानी साझा कर रहे हैं। ऐसे में यदि आप भी कनाडा में पढ़ाई के बाद करियर बनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना आपके लिए जरूरी है कि वहां जॉब सर्च का वास्तविक अनुभव कैसा होता है, किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और नौकरी पाने के लिए किस तरह की तैयारी करनी चाहिए।

कनाडा में पढ़ाई के बाद नौकरी और वर्क परमिट से जुड़े जरूरी नियम

मान्यता प्राप्त संस्थान से पढ़ाई करें:
अगर ग्रेजुएशन के बाद Post-Graduation Work Permit (PGWP) लेना चाहते हैं, तो आपका कोर्स ऐसे Designated Learning Institution (DLI) से होना चाहिए, जो PGWP के लिए पात्र हो।

भाषा दक्षता अनिवार्य:
वर्क परमिट के लिए आवेदन करते समय भाषा योग्यता भी महत्वपूर्ण है। यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट्स के लिए CLB 7, जबकि कॉलेज ग्रेजुएट्स के लिए CLB 5 का स्कोर जरूरी होता है।

कोर्स का सही चयन करें:
यदि आपने कॉलेज डिप्लोमा किया है, तो आपका प्रोग्राम सरकार की Shortage Occupation List (CIP Code) में शामिल होना चाहिए। तभी आप PGWP के लिए पात्र होंगे।

कोर्स की अवधि भी मायने रखती है:
आठ महीने से कम अवधि वाले कोर्स के बाद PGWP नहीं मिलता। वहीं, दो साल या उससे अधिक अवधि के कोर्स करने वाले छात्रों को अधिकतम तीन साल का वर्क परमिट मिल सकता है।

मास्टर डिग्री वालों को विशेष फायदा:

कुछ मामलों में मास्टर डिग्री पूरी करने वाले छात्रों को, भले ही उनका कोर्स दो साल से छोटा हो, फिर भी तीन साल तक का PGWP मिल सकता है।

180 दिनों के भीतर करें आवेदन:
फाइनल रिजल्ट या ग्रेजुएशन पूरा होने की पुष्टि मिलने के बाद 180 दिनों के अंदर ऑनलाइन PGWP के लिए आवेदन करना जरूरी होता है। तय समय निकलने पर आवेदन का मौका समाप्त हो सकता है।

पूरे कोर्स में फुल-टाइम स्टेटस बनाए रखें:
PGWP की पात्रता बनाए रखने के लिए हर सेमेस्टर में फुल-टाइम छात्र के रूप में पढ़ाई करना जरूरी है। यदि बीच में फुल-टाइम स्टेटस टूटता है, तो वर्क परमिट की एलिजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है।

snrhd

Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

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