तुर्किये में आयोजित NATO शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन बुधवार को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रक्षा खर्च को लेकर लंबे समय से जो बात कहते रहे हैं, अब उस पर सदस्य देशों की सोच बदलती नजर आ रही है। उनके अनुसार, NATO देशों ने यह स्वीकार करना शुरू कर दिया है कि अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें पहले से अधिक जिम्मेदारी उठानी होगी और रक्षा पर ज्यादा निवेश करना होगा।
कार्नी ने कहा कि ट्रंप वर्षों से यह तर्क देते रहे हैं कि NATO के कई सहयोगी देश अपनी रक्षा पर पर्याप्त खर्च नहीं करते, जबकि अमेरिका इस गठबंधन का सबसे बड़ा वित्तीय बोझ उठाता है। उन्होंने बताया कि ट्रंप अब चाहते हैं कि यह जिम्मेदारी सभी सदस्य देशों के बीच अधिक संतुलित तरीके से बांटी जाए। कार्नी ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी अपने कार्यकाल के दौरान इसी तरह की मांग उठाई थी।
मार्क कार्नी के मुताबिक, अब इस दिशा में वास्तविक बदलाव दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप से हुई बातचीत में उन्होंने भी यह बात रखी थी कि अब यह केवल एक तर्क नहीं रह गया है, बल्कि ट्रंप इस मुद्दे पर अपनी बात मनवाने में सफल रहे हैं।
कार्नी ने कहा, “अब सदस्य देश यह समझने लगे हैं कि उन्हें अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद अधिक उठानी होगी। मौजूदा वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और बढ़ते खतरों को देखते हुए रक्षा खर्च बढ़ाना समय की जरूरत बन गया है।”
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि दुनिया के सामने सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं और सैन्य तकनीक में हो रही प्रगति ने युद्ध के स्वरूप को भी पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा कि हाइपरसोनिक मिसाइलों, स्वायत्त (ऑटोनॉमस) हथियार प्रणालियों और आधुनिक रक्षा तकनीकों के आने से देशों को अपनी सुरक्षा रणनीतियों और रक्षा क्षमताओं को नए सिरे से मजबूत करना पड़ रहा है।
कार्नी ने यह भी बताया कि रविवार को उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि उस दौरान ट्रंप सकारात्मक और अच्छे मूड में थे। इसके अलावा, मंगलवार रात NATO नेताओं के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज के दौरान भी ट्रंप का व्यवहार सहज और उत्साहित नजर आया।
हालांकि सम्मेलन के दौरान जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO महासचिव मार्क रुटे के साथ मीडिया से बातचीत की, तो उन्होंने साफ किया कि गठबंधन के कुछ सदस्य देशों को लेकर उनकी नाराजगी अब भी बरकरार है। ट्रंप ने विशेष रूप से स्पेन की आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि यदि वह रक्षा खर्च से जुड़े अपने दायित्वों को पूरा नहीं करता, तो अमेरिका उसके साथ व्यापारिक संबंधों पर भी असर डालने वाले कदम उठा सकता है।
ट्रंप ने कहा कि वह NATO की कुछ नीतियों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रीनलैंड से जुड़े मुद्दे पर गठबंधन ने अमेरिका का अपेक्षित समर्थन नहीं किया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के सबसे बड़े आतंकवाद प्रायोजक देश के रूप में ईरान के खिलाफ कार्रवाई के मामले में भी NATO सहयोगियों ने अमेरिका का पर्याप्त साथ नहीं दिया। इसी वजह से उन्होंने गठबंधन के कुछ सदस्यों के रवैये पर असंतोष जताया।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव और ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने संबंधी डोनाल्ड ट्रंप के पुराने बयानों ने NATO गठबंधन के भीतर पहले से मौजूद मतभेदों को और गहरा कर दिया है। इन मुद्दों को लेकर सहयोगी देशों के बीच असहजता बनी हुई है और गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल उठे हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह नॉर्थ अटलांटिक काउंसिल (North Atlantic Council) की बैठक के दौरान ग्रीनलैंड का मुद्दा उठाएंगे। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका इस विषय को NATO सहयोगियों के सामने प्रमुखता से रखने की तैयारी कर रहा है।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

