क्या आप कनाडा में पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं या किसी यूनिवर्सिटी में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं? अगर हां, तो सबसे जरूरी कदम यह सुनिश्चित करना है कि आपका एडमिशन पूरी तरह से वैध है। किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी से मिली एडमिशन लेटर और ऑफर डिटेल्स की आधिकारिक तौर पर पुष्टि करना बेहद जरूरी है, क्योंकि स्टडी अब्रॉड के नाम पर होने वाले फ्रॉड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
हाल ही में ऐसा ही एक मामला चंडीगढ़ से सामने आया, जहां एक 21 वर्षीय छात्रा कथित तौर पर एडमिशन स्कैम का शिकार हो गई। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक वीजा कंसल्टेंट और उसके पूर्व कर्मचारी को छात्रा से वसूले गए 12.35 लाख रुपये ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया। जांच में सामने आया कि छात्रा को कनाडा के एक कॉलेज में दाखिले का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन उसके साथ कथित तौर पर फर्जी एडमिशन दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी की गई। इस घटना ने विदेश में पढ़ाई के इच्छुक छात्रों के लिए एडमिशन प्रक्रिया की सत्यता जांचने की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है।
छात्रा किस तरह एडमिशन स्कैम का शिकार हुई?
चंडीगढ़ की रहने वाली 21 वर्षीय आस्था सैनी कनाडा में पढ़ाई करने का सपना देख रही थीं। इसी दौरान उनकी नजर फेसबुक पर एक विज्ञापन पर पड़ी, जिसमें BB Council नाम की एक इमिग्रेशन और स्टूडेंट वीजा कंसल्टेंसी विदेश में पढ़ाई के इच्छुक छात्रों को कनाडा का स्टूडेंट वीजा और एडमिशन दिलाने का दावा कर रही थी। विज्ञापन से प्रभावित होकर आस्था ने कंसल्टेंसी से संपर्क किया और आगे की प्रक्रिया शुरू की।
कंसल्टेंसी की ओर से पुष्पिंदर कौर नाम की एक प्रतिनिधि ने आस्था से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह कनाडा के कॉलेज में एडमिशन, स्टूडेंट वीजा और अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी करवा देंगी। कंसल्टेंसी के आश्वासन पर भरोसा करते हुए आस्था ने आवश्यक दस्तावेज जमा किए और फीस का भुगतान करना शुरू कर दिया।
आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2022 के बीच आस्था ने अलग-अलग किश्तों में कुल 12.35 लाख रुपये का भुगतान किया। इसमें 35 हजार रुपये बैंक ट्रांसफर के जरिए रविंदर सिंह के खाते में भेजे गए, जबकि 12 लाख रुपये नकद सीधे पुष्पिंदर कौर को सौंपे गए। भुगतान के बाद आस्था को यह विश्वास दिलाया गया कि उनका एडमिशन लगभग तय हो चुका है।
कंसल्टेंसी ने आस्था को 1 जून 2022 का एक ऑफर लेटर और 27 जून 2022 का एक एक्सेप्टेंस लेटर भी दिया। इन दस्तावेजों से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उन्हें कनाडा के एक शिक्षण संस्थान में प्रवेश मिल चुका है। इन पत्रों के आधार पर आस्था को यकीन हो गया कि उनकी एडमिशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो रही है।
हालांकि, समय बीतने के बावजूद एडमिशन और आगे की प्रक्रिया में लगातार देरी होती रही। जब कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली, तो आस्था को संदेह हुआ। उन्होंने खुद ही कनाडा के संबंधित संस्थान Academy of Learning (AOL College) से संपर्क कर अपने एडमिशन की पुष्टि करनी चाही।
यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ। कॉलेज की ओर से बताया गया कि उनके रिकॉर्ड में आस्था सैनी के नाम से न तो कोई एडमिशन दर्ज है और न ही उन्हें किसी तरह का ऑफर या एक्सेप्टेंस लेटर जारी किया गया है। इससे साफ हो गया कि जिन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें भरोसा दिलाया गया था, वे कथित तौर पर फर्जी थे और उनके साथ धोखाधड़ी की गई थी।
सच्चाई सामने आने के बाद आस्था ने कंसल्टेंसी से अपने पूरे पैसे वापस मांगे। लेकिन कंसल्टेंसी ने दावा किया कि उसे केवल 35 हजार रुपये ही प्राप्त हुए थे और बाकी रकम लौटाने से इनकार कर दिया। जब बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला, तो आस्था ने कंसल्टेंसी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं मिला।
आखिरकार न्याय पाने के लिए आस्था ने चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग का रुख किया। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों और सबूतों की जांच की और पाया कि छात्रा को कथित तौर पर फर्जी एडमिशन दस्तावेज दिखाकर गुमराह किया गया था। इसके बाद आयोग ने वीजा कंसल्टेंट और उसके पूर्व कर्मचारी को छात्रा से वसूली गई 12.35 लाख रुपये की राशि ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया।
विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले हजारों भारतीय छात्र हर साल कनाडा का रुख करते हैं। लेकिन एडमिशन और स्टूडेंट वीजा की प्रक्रिया के दौरान फर्जी कंसल्टेंसी और धोखाधड़ी के मामले भी लगातार सामने आते रहते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर कोई छात्र किसी एजुकेशन कंसल्टेंट की मदद ले रहा है, तो वह खुद को इस तरह के स्कैम से कैसे बचा सकता है?
इस सवाल का जवाब देते हुए एजुकेशन एक्सपर्ट रितिका गुप्ता ने नवभारतटाइम्स.कॉम से कहा कि छात्रों को किसी भी कंसल्टेंसी की बात पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। उनके मुताबिक, एडमिशन से जुड़ी हर जानकारी की पुष्टि छात्र को खुद भी करनी चाहिए। केवल कंसल्टेंट के दिए गए दस्तावेजों या मौखिक दावों के आधार पर आगे बढ़ना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
रितिका गुप्ता ने कहा कि सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि जिस कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन का दावा किया जा रहा है, वह वास्तव में आपको प्रवेश दे रही है या नहीं। इसके लिए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ईमेल आईडी या हेल्पलाइन के जरिए सीधे संपर्क करें। यदि आपको ऑफर लेटर या एडमिशन लेटर मिला है, तो उसकी पुष्टि भी सीधे यूनिवर्सिटी के एडमिशन ऑफिस से करें। इससे फर्जी ऑफर लेटर या नकली एडमिशन दस्तावेजों का पता आसानी से लगाया जा सकता है।
उन्होंने सलाह दी कि आवेदन की पूरी प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल होने वाला ईमेल अकाउंट छात्र के अपने नियंत्रण में होना चाहिए। कई बार कुछ कंसल्टेंसी अपनी ईमेल आईडी से आवेदन करती हैं, जिससे छात्र को आवेदन की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाती। बेहतर होगा कि यूनिवर्सिटी से आने वाले सभी ईमेल सीधे छात्र के व्यक्तिगत ईमेल पते पर ही प्राप्त हों, ताकि हर अपडेट पारदर्शी तरीके से मिल सके।
रितिका के अनुसार, किसी भी कंसल्टेंसी को बड़ी रकम देने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना भी बेहद जरूरी है। संस्था का रजिस्ट्रेशन, कार्यालय का पता, पिछले छात्रों के अनुभव और ऑनलाइन रिव्यू जरूर देखें। यदि कोई एजेंट बहुत कम समय में एडमिशन, वीजा या नौकरी की गारंटी देने का दावा करता है, तो ऐसे वादों को संदेह की नजर से देखना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी भुगतान बैंकिंग चैनलों के माध्यम से करें और हर लेनदेन की रसीद अपने पास सुरक्षित रखें। नकद भुगतान करने से बचें, क्योंकि भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में डिजिटल रिकॉर्ड और रसीदें महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकती हैं।
रितिका गुप्ता का कहना है कि विदेश में पढ़ाई के लिए सही जानकारी और सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि छात्र हर दस्तावेज, भुगतान और एडमिशन की पुष्टि सीधे यूनिवर्सिटी से करते हैं, तो वे फर्जी कंसल्टेंसी और एडमिशन स्कैम का शिकार होने से काफी हद तक बच सकते हैं।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

