कनाडा के ओंटारियो प्रांत में करोड़ों रुपये के कैनाबिस उत्पादों की चोरी के मामले ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में भारतीय मूल के पांच युवकों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, चोरी किए गए गांजे और उससे जुड़े उत्पादों की कुल कीमत लगभग 20 लाख कनाडाई डॉलर यानी करीब 12 करोड़ रुपये आंकी गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला संगठित तरीके से की गई बड़ी चोरी से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने पहले से पूरी योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि चोरी किए गए कैनाबिस उत्पादों को अवैध नेटवर्क के जरिए बेचने की तैयारी थी। फिलहाल अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
कनाडा में कैनाबिस को कानूनी मान्यता मिलने के बाद इस तरह की बड़ी चोरी की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कैनाबिस बाजार के तेजी से बढ़ने के साथ-साथ इससे जुड़े अपराधों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। वहीं, भारतीय मूल के युवकों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय समुदायों में भी चर्चा का केंद्र बन गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस ट्रेलर की चोरी हुई थी वह कनाडा के नायग्रा रीजन से अचानक गायब हो गया था। जांच में सामने आया कि ट्रेलर में बड़ी मात्रा में कानूनी रूप से स्वीकृत कैनाबिस उत्पाद लोड थे, जिन्हें ओंटारियो के अलग-अलग लाइसेंस प्राप्त केंद्रों तक पहुंचाया जाना था।
बताया जा रहा है कि ट्रेलर के लापता होने के बाद परिवहन कंपनी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई कि वारदात को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया, क्योंकि ट्रेलर और उसके माल की गतिविधियों की जानकारी पहले से होने के संकेत मिले हैं।
अधिकारियों का कहना है कि चोरी हुए कैनाबिस उत्पादों की बाजार में कीमत लाखों डॉलर में आंकी गई है। यही वजह है कि इस मामले को साधारण वाहन चोरी नहीं बल्कि संगठित अपराध से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए सामान को कहां ले जाया गया और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है।
जांच एजेंसियों ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज, ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रैकिंग डेटा को भी खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस का मानना है कि इस वारदात में शामिल लोगों ने ट्रेलर की मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी जुटाने के बाद ही कार्रवाई की।
कनाडा में कैनाबिस के कानूनी कारोबार के तेजी से बढ़ने के साथ इस तरह की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि महंगे कैनाबिस उत्पाद अब संगठित अपराध गिरोहों के निशाने पर हैं, क्योंकि इनकी अवैध बाजार में भारी मांग है।
यह मामला 15 अप्रैल का बताया जा रहा है, जब कनाडा के मिसिसॉगा इलाके में पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद अधिकारी तुरंत मैकलॉफलिन रोड और हाईवे 401 के आसपास के क्षेत्र में पहुंचे, जहां कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध नजर आ रही थीं।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तो उन्हें कई ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। अधिकारियों को शक हुआ कि इलाके में मौजूद कुछ लोग चोरी किए गए सामान को इधर-उधर करने या छिपाने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान चलाया।
जांच के दौरान अधिकारियों को ऐसे वाहन और ट्रेलर मिले, जिनका संबंध पहले दर्ज हुई कैनाबिस चोरी की घटना से जोड़ा जा रहा है। पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्ध सामग्रियां भी बरामद कीं, जिसके बाद मामले ने बड़ा रूप ले लिया। अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ साधारण चोरी का मामला नहीं बल्कि सुनियोजित आपराधिक गतिविधि का हिस्सा हो सकता है।
इसके बाद जांच एजेंसियों ने तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों को जुटाना शुरू किया। इलाके के सीसीटीवी फुटेज, ट्रैफिक कैमरों और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस मामले में और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी किए गए कैनाबिस उत्पादों को कहां ले जाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
Sneha Sharma is a Senior Hindi Correspondent for StudioX News Canada, leading the Hindi editorial desk at hi.studioxnews.ca. She brings over three years of journalism experience across print, digital, and broadcast media in India. Her career includes roles at Jagran New Media (Her Zindagi), Zee News Hindi, TV100, Rashtriya Sahara, Amar Ujala, and Search India News, where she worked as a content writer, ground reporter, and news anchor. She holds a BA in Journalism and Mass Communication from Dev Sanskriti University, Haridwar. At StudioX News, she covers Canada immigration, community affairs, South Asia news, and diaspora stories for Hindi-speaking communities across Canada.

